wood apple in hindi

Wood Apple in Hindi: ऐसी कई खाद्य पदार्थ हैं जिन्हें आपने दैनिक जीवन में अपने आस-पास देखा होगा और कई चीजों के लिए इस्तेमाल भी किया होगा परन्तु स्वयं ने उसे शायद कभी नहीं खाया हो। जी हाँ ऐसा ही है बेल का फल। इसे काफी लोग बेल (Bael fruit in hindi), बेलपत्र और Wood apple के नाम से भी जानते हैं।

आपने बेल को भगवन शिव के मंदिर में चढ़ते देखा होगा या फिर गर्मियों के दिनों में बेल फल को सब्जी मंडी में बिकते देखा होगा। ऐसे में कुछ लोग शायद यह भी जानते हों कि यह गर्मियों के दिन में बड़ा लाभदायक होता है परन्तु इसे खाने के क्या-क्या स्वस्थ्य फायदे हैं इस विषय में अधिकतर लोग नहीं जानते होंगे।

अगर आपको भी बेल के विषय में ज्यादा जानकारी नहीं है और आप इसमें पाए जाने वाले nutrition और इसके benefits मालूम करना चाहते हैं तो फिर इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

 

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क्या होता है बेल फल | What is Wood Apple in Hindi

औषधीय गुणों से युक्त बेल एक प्रकार का फल होता है जिसका वैज्ञानिक नाम ‘एगलि मारमेलोस’ (Aegle marmelos) है। हालाँकि बेल एक प्रकार का फल है लेकिन अन्य फलों की अपेक्षा इसका ऊपरी भाग सख्त होता है अर्थात bael fruit का ऊपरी भाग कैद जैसा होता है। कच्चे बेल का रंग हरा होता है जबकि पकने के उपरान्त इसका रंग पीला हो जाता है।

यदि बेल के स्वाद और आकार की बात की जाये तो बता दें कि Bael स्वाद में मीठा होता व इसका आकार गोल होता है। बेल के फल का आंतरिक भाग ही खाने योग होता है जिसका गुदा पीले रंग का होता है एवं गूदे के अंदर लगभग 10-15 के झुण्ड में सफेद रंग के छोटे बीज होते हैं।

 

बेल की तासीर :

बेल गर्मी के मौसम का लाभकारी फल माना जाता है क्योंकि बेल की तासीर ठंडी होती है। जिसकी मदद से शरीर को ठंडक प्रदान की जा सकती है।

 

बेल का पेड़ कैसा होता है | How Bael tree looks like

बेल का पेड़ बेहद अनोखा होता है इसलिए इसके वृक्ष को दिव्य वृक्ष कहा जाता है। दरअसल रूटेसी (Rutaceae) कुल से सम्बंधित बेल का पेड़ लगभग 25 से 35 फिट तक ऊँचा होता है जिसकी पत्तियों को पेड़ से तोड़ने के बाद 5 से 6 माह तक हरा रखा जा सकता है। इसके आलावा बेल के पके हुए फल एक साल बाद पुनः हरे रंग में परिवर्तित हो जाते हैं। बेल के पेड़ में आकर्षित फूल लगते हैं जिनका रंग हरा व सफेद होता है।

आपको बता दें कि बेल के पेड़ के पत्तों, टहनियों व छाल का उपयोग भी कई प्रकार के रोगों को ठीक करने में किया जाता है। इसके आलावा धार्मिक कार्यों में भी बेल का महत्व देखने को मिलता है।

 

बेल में मौजूद पौष्टिक तत्व | Nutrients of Wood Apple in Hindi

आयुर्वेद में बेल का इस्तमाल सदियों से किया जा रहा है क्योंकि बेल में मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट,फास्फोरस,पोटैशियम, कैल्शियम, फाइबर, प्रोटीन, आयरन, बीटा-कैरोटीन, थायमीन, राइबोफ्लेविन सहित एंटी-फंगल, एंटी-पैरासाइट, एंटीऑक्सीडेंट तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।

 

बेल के विभिन्न नाम | Some Other Names of Bael Fruit

मध्य व दक्षिण भारत में अधिक पैदाबार वाले बेल को भाषाई आधार पर कई अलग अलग नामों से जाना जाता है। यदि आप बेल के अन्य नामों को जानना चाहते हैं तो अब हम आपको बेल के विभिन्न नामों से परिचित कराने वाले हैं।

बेल का हिंदी में नाम – श्रीफल, बिल्व, सदाफल

बेल का अंग्रेजी में नाम – वुड एप्पल, बेल फ्रूट

बेल का संस्कृत में नाम – शाण्डिल्य, शैलूष

बेल का तमिल में नाम – बिल्वपझम

बेल का तेलगु में नाम – मारेडु

बेल का मलयालम में नाम – कुवलप–पझम

बेल का गुजराती में नाम – बीली

बेल का मराठी में नाम – बोलो

 

बेल के स्वास्थवर्धक फायदे | Benefits of Wood Apple in Hindi

wood apple benefits

गर्मियों के दिनों में कई प्रकार के रोग होते हैं जिनसे हमें हमारे शरीर की रक्षा करना जरूरी होता है बेल एक ऐसा फल है जिसका उपयोग करके आप इन तमाम तरह की समस्याओं से मुक्ति पा सकते हैं। इसके आलावा यदि आप अपने शरीर को स्वस्थ और निरोगी रखना चाहते हैं तो भी आप बेल को उपयोग में ले कर देखें

इस फल में कई रोगों को नियंत्रित करने वाले गुण पाए जाते हैं। यदि आप अभी तक बेल के स्वास्थ्यवर्धक लाभ से अनजान हैं तो अब हम आपको बेल के फायदों से रूबरू करवाते हैं।

 

1. स्कर्बी रोग में है लाभकारी | Benefits of Bael Fruit in Scurvy

दोस्तों विटामिन्स शरीर के लिए बेहद जरूरी होते हैं। दरअसल शरीर में किसी भी विटामिन्स की कमी से उस विटामिन्स से सम्बंधित रोग हो जाता है। अतः स्कर्बी भी एक ऐसा ही रोग है जो विटामिन की कमी से होता है। बता दें की स्कर्बी रोग शरीर में विटामिन सी की कमी के वजह से होता है जिसके कारण जांघ और पैर में निशान पड जाते हैं, शरीर में थकन होने लगती है, रक्त स्त्राव होने लगता है, मसूड़े सूज जाते हैं, हाथ, पैरों में दर्द व दांत गिरने लगते हैं।

यदि आप इस रोग से पीड़ित हैं या फिर स्कर्बी रोग से अपने शरीर की सुरक्षा करना चाहते हैं तो आप बेल का इस्तेलाम कर सकते हैं। बेल में भरपूर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है जो स्कर्बी रोग में फायदेमंद होता है।

 

2. मुंह के छालों को ठीक करने में है प्रभावी | Effective in curing Mouth Ulcers

मुंह में छाले होना एक आम समस्या है जो गर्मियों के समय अधिक होती है। हालाँकि मुंह में छाले पानी की कमी, कब्ज, दवाइयों का अधिक सेवन आदि किसी भी कारणवश हो सकते हैं। लेकिन छाले होने की वजह से रोगी ठीक प्रकार से भोजन ग्रहण नहीं कर पाता है। इसके आलावा यदि छालों का सही समय पर उपचार नहीं किया जाता है तो छाले अंदर गले तक हो जाते हैं जिसकी वजह से रोगी को बोलने में भी कठनाई महसूस होती है।

यदि आप घरेलु उपायों की मदद से छालों से छुटकारा पाना चाहते हैं तो आप बेल को उपयोग में ले कर देखें। बता दें कि छालों को ठीक करने में बेल का गूदा और बेल का जूस फायदेमंद होता है।

 

3. लू से बचाता है बेल फल | It protects from Heatstroke

दोस्तों ग्रीष्मकाल में उत्तर से पूर्व एवं पश्चिम से पूरब दिशा में चलने वाली प्रचण्ड उष्ण, शुष्क हवाओं को लू कहते हैं। अधिकांश ऐसी हवाएं जून से मई माह के बीच में चलती हैं जिनसे मनुष्य व जानवरों का सामान्य जीवन प्रभावित होता है। इसलिए गर्मियों के दिनों में लू से बचने के लिए व्यक्ति हर सम्भव कोशिश करता है।

आपको बता दें कि लू से सतर्क होना बेहद आवश्यक भी है क्योंकि लू से हर वर्ष अनेक मौतें होती हैं। यदि आप लू से शरीर का बचाव करना कहते हैं तो आप बेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। दरअसल बेल की तासीर ठंडी होने के साथ इसमें कई प्रकार के औषधीय गुण पाए जाते हैं जो लू से शरीर का बचाव करने में फायदेमंद होते हैं।

 

4. हैजा रोग में फायदेमंद होता है बेल | Benefits of Wood apple in Cholera

हैजा रोग विब्रियो कोलरा (Vibrio cholerae) बैक्टीरिया के कारण होता है यह बैक्ट्रिया मुख्य रूप से दूषित भोजन या दूषित पानी में पाया जाता है। अतः जब व्यक्ति किसी प्रकार का दूषित आहार या पानी का सेवन करता है तो वह इस रोग की चपेट में आ जाता है। आपको बता दें कि एक समय था जब हैजा एक बड़ी महामारी थी।

यदि आज भी इस रोग का सही समय पर इलाज नहीं किया जाता है तो रोगी की मौत भी हो सकती है इसलिए इस रोग के उपचार में लापरवाही नहीं करना चाहिए। आपको बता दें कि बेल में टैनिन पाया जाता है जो हैजा रोग में फायदेमंद होता है। लेकिन बेल हैजा का सम्पूर्ण इलाज नहीं है केवल बेल की मदद से हैजा को नियंत्रित किया जा सकता है।

 

5. सिरदर्द को ठीक करने में बेल है मददगार | Migrane Benefits of Bael Fruit in Hindi

सिरदर्द की वजह से व्यक्ति का पूरा शरीर तनाव ग्रस्त हो जाता है जिसकी वजह से रोगी का किसी भी कार्य को करने में मन नहीं लगता है। यूँ तो सिरदर्द के कई कारण होते हैं लेकिन गर्मियों के दिनों में सिर में दर्द होना एक आम बात है जिसकी वजह से गर्मियों का समय निकलना बेहद मुश्किल हो जाता है।

यदि आप गर्मी की वजह से सिरदर्द की समस्या से जूझ रहे हैं तो आप बेल का उपयोग कर सकते हैं। दरअसल बेल की तासीर ठंडी होने के अतरिक्त इसमें विटामिन सी पाया जाता है जो सिरदर्द को ठीक करने में लाभकारी होता है।

 

6. पाचन तंत्र को ठीक करने करें बेल का प्रयोग | Use Bael to cure the Digestive system

मजबूत पाचन तंत्र को स्वस्थ शरीर का अहम भाग माना जाता है। दरअसल ख़राब पाचन तंत्र के कारण हमारा शरीर रोगों का घर बन जाता है। गैस, दस्त, उल्टी, कब्ज, पेट दर्द, सिरदर्द, सीने में जलन, भूख में कमी, शारीरिक व मानसिक आलस्य आदि विकृतियां शरीर को अपना गुलाम बना लेती हैं।

अतः यदि आप तमाम रोगों का शिकार होने से बचना चाहते हैं तो आपके शरीर का पाचन तंत्र ठीक होना आवश्यक है। पाचन तंत्र को दुरुस्त करने के लिए आप बेल का प्रयोग कर सकते हैं। बता दें कि बेल में फाइबर सहित कई प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं जो पाचन तंत्र को ठीक करने में फायदेमंद होते हैं।

 

7. वजन कम करने के लिए करें बेल का उपयोग | Loose Weight by Wood Apple in hindi

दोस्तों अस्वस्थ शरीर होने का सबसे गंभीर कारण कोई है तो वह मोटापा है। दरअसल अनियमित दिनचर्या गलत खान पान की वजह आज केवल भारत ही नहीं अपितु सम्पूर्ण विश्व मोटापा से परेशान हैं। मोटापा को आप जिस प्रकार से गलत खान पान की वजह से बड़ा सकते हैं उसी प्रकार संतुलित व पौष्टिक आहार की मदद से कम भी कर सकते हैं।

तो यदि आप मोटापा से पीड़ित हैं तो आप बेल का उपयोग कर सकते हैं। बता दें कि बेल में फाइबर पाया जाता है जो मोटापा को कम करने में मददगार होता है।

 

8. लिवर को स्वस्थ रखने है फायदेमंद | Liver Benefits of Bael Fruit in Hindi

लिवर शरीर का एक अहम अंग होता है जो मानवीय शरीर का दूसरा सबसे बड़ा अंग भी है। ख़राब लिवर का असर सम्पूर्ण शरीर पर पड़ता है एवं यदि लिवर अधिक खराब हो जाता है तो व्यक्ति की मौत भी हो जाती है इसलिए लिवर का स्वस्थ होना प्रत्येक मानवीय शरीर के लिए जरुरी है।

बता दें गलत खान पान, भोजन करते समय अधिक पानी का सेवन करना, समय पर नहीं सोना, शराब आदि का सेवन करने से लिवर खराब हो जाता है। यदि आप लिवर को स्वस्थ रखना कहते हैं तो आप बेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। दरअसल बेल में बीटा कैरोटीन व फाइबर पाया जाता है जो लिवर को स्वस्थ रखने में गुणकारी होता है।

 

बेल के अन्य फायदे | Some Other Benefits of Bael Fruit in Hindi

bael benefits

1. बेल में रक्त शोधक गुण पाए जाते हैं जो रक्त को शुद्ध करने में लाभकारी होते हैं।

2. बेल में पोटैशियम पाया जाता है जो ह्रदय को स्वस्थ रखने में प्रभावी होता है।

3. बेल में एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं जो बालों की रुसी को कम करने में मदद करते हैं।

4. बेल एंटी-इन्फ्लेमेटरी तत्वों से युक्त होता है जो चोट लगने के पश्चात आने वाली सूजन को कम करता है।

5. बेल में आयरन पाया जाता है जो एनीमिया रोग से लड़ने में मददगार है।

 

बेल का उपयोग | Uses of Wood Apple in Hindi

wood apple uses

इस दिव्य फल के विषय में तमाम तरह की जानकारी प्राप्त करने के बाद यदि आप बेल का उपयोग करने का मन बना चुके हैं। परन्तु यह सोच रहे हैं कि आखिर इसका इस्तेमाल किस प्रकार से किया जाए तो चलिए अब हम आपको बेल उपयोग में लेने के समस्त तरीके बताते हैं।

1. बेल का इस्तेमाल आप शरबत के रूप में कर सकते हैं।

2. बेल का जूस बनाकर पीना भी सही है।

3. अचार के रूप में आप बेल का उपयोग कर सकते हैं।

4. चटनी बनाकर आप इसका स्वाद ले सकते हैं।

5. मुरब्बा के रूप में आप बेल का उपयोग कर सकते हैं।

6. दूध के साथ आप बेल का इस्तेमाल कर सकते हैं।

 

बेल से होने वाले नुकसान | Side Effects of Wood Apple in Hindi

दोस्तों बेल केवल का सेवन शरीर के लिए फायदेमंद तो होता है परन्तु कुछ मामलों में यह नुकसानदायक भी हो सकता है। इसलिए अब हम आपको बेल से होने वाले नुकसानों से अवगत कराने वाले हैं।

1. बेल का अधिक सेवन करने से कब्ज की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

2. बेल में शुगर की मात्रा पाई जाती है जो मधुमेह रोगी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। इसलिए मधुमेह से ग्रस्त रोगी को चिकित्सक का परामर्श लेकर ही बेल का सेवन करना चाहिये।

3. बेल का अधिक सेवन किडनी मरीज के लिए नुक्सानदयाक साबित हो सकता है।

4. बेल की तासीर ठंडी होती है इसलिए स्तनपान कराने वाली महिलाओं को चिकत्सक का परामर्श लेकर इसका उपयोग करना चाहिए।

5. बेल का अधिक सेवन करने से गैस की शिकायत हो सकती है।

 

तो दोस्तों ये थी बेल (wood apple in hindi) से जुड़ी कुछ जानकारी। हम आशा करते हैं की आप बेल के फायदे और नुकसान समझ गए होंगे। अगर आपको हमारी यह जानकारी पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के बीच शेयर जरूर करें और ऐसी ही जानकारी पढ़ते रहने के लिए हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें।

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