parsley in hindi

About Parsley in Hindi: आयुर्वेद में एक से बढ़कर एक जड़ी बूटियां पाई जाती हैं। यह कई रूपों में हमारे सामने होती हैं जैसे पत्ते, जड़, फलियां, फूल, तना, बीज आदि। कुछ जड़ी बूटियां (herb) ऐसी भी होती हैं जो हमारे घर में ही होती हैं लेकिन हमें उनके विषय में ज्ञान नहीं होने के कारण हम उनका इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं। आज हम आपके लिए ऐसी ही एक बेहतरीन जड़ी बूटी लेकर आयें हैं जिसके बारे में बहुत ही कम लोग जानते होंगे। दोस्तों हम बात कर रहे हैं पार्सले (Parsley) की जिसका उपयोग घर में सब्जी के रूप में भी किया जाता है।

अभी तक आपने मीठी नीम की पत्तियों, पालक के पत्तों, पुदीना पत्ती आदि का इस्तेमाल जूस, सब्जी और चटनी का जायका बढ़ाने के लिए ही किया होगा। परन्तु आज हम आपको parsley की पत्तियों का इस्तेमाल और इसके गुणकारी लाभ बताने वाले हैं जिसकी मदद से आप कई रोगों से बच सकते हैं। आज का लेख उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है जो पार्सले के बारे में कुछ भी नहीं जानते हैं। अतः इस लेख पढने के बाद आपको पार्सले का सम्पूर्ण ज्ञान हो जाएगा। तो चलिए शुरू करते हैं।

 

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पार्सले क्या है | What is Parsley in Hindi?

पार्सले धनिया (Coriander) की तरह दिखने वाली पत्तियां होती है जिनका सर्वाधिक उपयोग अमेरिका और यूरोप में किया जाता है। आमतौर पर इसको विदेशी herb के नाम से जाना जाता है। बता दें कि आयुर्वेद ने parsley को एक जड़ी बूटी माना है इसलिए भारत और अन्य देशों में भी पार्सले का उपयोग और उत्पादन बहुआयात में होने लगा है। पार्सले का उपयोग ज्यादातर सब्जियों, सूप, सलाद आदि को गार्निश करने के लिए ही किया जाता है।

 

  • धनियां और पार्सले में अंतर | Difference between Coriander & Parsley in Hindi

अधिकतर लोग धनियां और पार्सले को एक ही मानते हैं जबकि ऐसा नहीं है। पार्सले और धनियां दोनों ही अलग पौधे हैं एवं दोनों का स्वाद और स्वरुप भी अलग है। पार्सले के पत्ते घुंगराले, लम्बे और तीन से छः भागों में विभाजित होते हैं। जबकि धनियां के पत्ते घुंगराले और लम्बे नहीं होते हैं बल्कि पार्सले की पत्तियों की तुलना में थोड़े चौंड़े होते हैं। पार्सले की पत्तियों में सौंफ और अजवाइन की जैसी महक आती है लेकिन धनियां की पत्तियों की अपनी ही अलग तेज महक होती है। पार्सले का बीज छोटा होता है एवं धनियां का बीज पार्सले बीज की तुलना में बड़ा होता है।

 

  • अजमोद और पार्सले में अंतर | Difference between Ajmod & Parsley in Hindi

कुछ लोग पार्सले को अजमोद समझने की गलती करते हैं परन्तु बता दें की यह दोनों ही अलग-अलग हैं। दरअसल पार्सले विदेशी herb होने के नाते इसका कोई भी वास्तविक हिंदी नाम नहीं है जबकि अजमोद एक हिंदी शब्द है और इसको अंग्रेजी में Celery के नाम से जाना जाता है। यह दोनों ही हर्ब अलग-अलग परिवार के पौधे से उत्पन्न हुई हैं। जहाँ अजमोद का वैज्ञानिक नाम Apium graveolens है वहीं पार्सले का वैज्ञानिक नाम Petroselinum crispum है।

 

  • पार्सले की तासीर

कोई भी वस्तु या चीज कितनी भी गुणकारी क्यों ना हो लेकिन वह अपने गुणों का प्रभाव अपनी तासीर के अनुरूप ही दिखाती है। इसलिए यदि किसी व्यक्ति की तासीर गर्म है या ठंडी है तो वह अपनी तासीर के मुताबिक ही पदार्थों का सेवन करता है। अतः कई लोगों में किसी भी चीज का सेवन करने से पहले उसकी तासीर को जानने के जिज्ञासा बनी रहती है तो आपको बता दें कि parsley की तासीर गर्म होती है।

 

कैसा होता है पार्सले का पौधा | How did Parsley plant look like

parsley plant in hindi

पार्सले का पौधा झाड़ीनुमा होता है जो Petroselinum परिवार से संबधित है। इसका वैज्ञानिक नाम Petroselinum crispum है। पार्सले का पौधा एक से दो फिट तक लम्बा होता है जिसमें सुगन्धित और मुलायम पत्तियां लगती हैं एवं इन्ही पत्तियों का इस्तेमाल जड़ी बूटी और मसालों के रूप में किया जाता है। पार्सले के पौधे में छोटे-छोटे बीज लगते हैं जो सौंफ की तरह दिखाई देते हैं। पार्सले के प्रत्येक भाग में औषधिये गुण पाए जाते हैं इसलिए सिर्फ parsley की पत्तियों का इस्तेमाल ही जड़ी के रूप में नहीं किया जाता है अपितु पार्सले की जड़, फूल, तना और बीज का उपयोग भी औषधि के रूप में किया जाता है।

 

पार्सले में पाए जाने वाले पौष्टिक तत्व | Nutrients of Parsley in Hindi

पार्सले एक चमत्कारी सब्जी है जिसमें कई तरह के पौष्टिक गुण पाए जाते हैं। पार्सले में विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन ई, विटामिन k, विटामिन बी 6, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, विटामिन बी 12, फॉस्फोरस, फोलेट (Folate), कार्बोहाइड्रेट, सोडियम, फाइबर, फैटी एसिड, कैरोटीन, अमीनो एसिड (Amino Acid), प्रोटीन, थाइमिन, राइबोफ्लेविन (Riboflavin), एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।

 

पार्सले के फायदे | Benefits of Parsley in Hindi

parsley benefits in hindi

पार्सले पौधे की छोटी-छोटी कोमल पत्तियां कई तरह के बड़े-बड़े रोगों को ठीक करने में मदद करती हैं। ग्रीक और यूरोप में पार्सले का उपयोग कई प्रकार की दवाइयों को बनाने में किया जाता है। इतना जानने के बाद यकीनन आप यह तो अवश्य ही समझ गए होंगे की पार्सले सेहत के लिए बेहद ही लाभकारी है। लेकिन अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर इसके फायदे और कौन-कौन से हैं। तो देर किस बात की आइये पार्सले से होने वाले तमाम फायदों के विषय में जानते हैं।

 

1. आयरन की कमी को करता है दूर | It fulfill Iron deficiency

अक्सर डॉक्टर आयरन की कमी को दूर करने के लिए हरे पत्तेदार सब्जियों का सेवन करने की सलाह देते हैं क्यूंकि उनमें iron की मात्रा सर्वाधिक पाई जाती है। इसके इस्तेमाल से आयरन की कमी बिना किसी दवाई के आसानी से दूर हो जाती है। बता दें parsley की पत्तियां हरी तो होती ही हैं साथ में इनमें प्रचुर मात्रा में आयरन पाया जाता है। अतः यह आयरन की कमी को दूर करने में फायदेमंद होती हैं। पार्सले का उपयोग खून या आयरन बढ़ाने के लिए बच्चे, बूढ़े, किशोरियां, महिलायें सभी जूस के रूप में कर सकते हैं।

 

2. स्तन कैंसर की रोकधाम में है फायदेमंद | Helps in preventing breast cancer

स्तन कैंसर को breast cancer के नाम से जाना जाता है। वर्तमान समय में यह महिलाओं को होने वाला एक आम कैंसर बन गया है। हमारे शरीर में कई टिश्यू होते हैं जब यह टिश्यू शरीर में लगातार बढ़ते हैं तो टिश्यू के टुकड़े खून के रास्ते शरीर के अन्य हिस्सों में पहुंचकर अपने लिए नई जगह का विस्तार करते हैं जिसको हम मेटास्टेसिस (Metastasis) के नाम से जानते हैं। जब महिलयों के स्तन में डक्ट में छोटे कैल्शिफिकेशन जम जाते हैं तो यह स्तन के टिश्यू में छोटी गांठ का रूप ले लेती है यही आगे चलकर स्तन कैंसर का कारण बनती है। बता दें पार्सले महिलाओं के लिए स्तन कैंसर से बचाने के लिए कारगार औषधि है इसमें पाया जाने वाला एपिजेनिन (Apigenin) तत्व स्तन कैंसर को होने से रोकता है।

 

3. हड्डियों को बलशाली बनाता है पार्सले | Keep your bones strong with Parsley in Hindi

कमजोर हड्डियां बुढ़ापे की ओर इशारा करती हैं। मजबूत और बलशाली हड्डियों का निर्माण कैल्शियम, फॉस्फोरस, प्रोटीन के अलावा कई तरह के minerals की पर्याप्त मात्रा के सेवन से होता है। जब शरीर को आवश्यकतानुसार विटामिन्स व मिनरल्स नहीं मिलते हैं तो मजबूत हड्डियां स्वतः ही कमजोर होने लगती हैं जिसकी वजह से लोग गठिया, जोड़ों में दर्द, कमर दर्द, आदि समस्याओं से पीड़ित हो जाते हैं। हड्डियों को मजबूत बनाने का सबसे सस्ता ओर घरेलू उपाय यदि कोई है तो वह parsley ही है। पार्सले में कैल्शियम, फॉस्फोरस, प्रोटीन मुख्य रूप से पाए जाते हैं जो हड्डियों को बलशाली बनाते हैं।

 

4. किडनी के लिए है फायदेमंद | Beneficial for Kidney

दिन प्रतिदिन किडनी रोग बढ़ते ही जा रहे हैं। कई लोगों को किडनी में पथरी (Stone) हो जाती है तो कई लोगों की किडनी में पानी भर जाता है। ऐसी ही किडनी से सम्बंधित समस्त परेशानियों से आज कई लोग जूझ रहे हैं। तो यदि आप वर्तमान समय में बढ़ रहे रोगों से अपनी kidney की सुरक्षा करना चाहते हैं तो आप parsley का उपयोग कर सकते हैं। पार्सले का रस विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकालकर किडनी को स्वस्थ बनाने में मदद करता है।

 

5. आँखों की सूजन और त्वचा के लिए है फायदेमंद | It is beneficial for eyes & skin

मानव शरीर की सबसे कोमल और नाजुक त्वचा आँखों की होती है। आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली के कारण आँखों पर सबसे अधिक विपरीत प्रभाव पड़ता है जिसकी वजह से आँखे तनाव और थकान से ग्रसित हो जाती हैं। कई बार आँखों पर सूजन भी आ जाती है जिसके कई कारण होते हैं। कई बार बैक्ट्रिया संक्रमण या अन्य कारणों से आँखों की त्वचा भी कई रोगों से ग्रस्त हो जाती हैं। आँखों की देखभाल और संक्रमण रोगों से सुरक्षा के लिए पार्सले का उपयोग बेहद ही फायदेमंद होता है। पार्सले में विटामिन ई, विटामिन सी, विटामिन ए और antioxidant जैसे तत्व पाए जाते हैं। यह आँखों की सूजन को कम करते हैं, आँखों की त्वचा को संक्रमण से बचाते हैं एवं आँखों को तनाव से मुक्ति दिलाते हैं।

 

6. यूरिन रोगों को कम करने में है लाभकारी | Reduce urine problems with Parsley in Hindi

यूरिन इन्फेक्शन की समस्या बढ़ती ही जा रही है। यूरिन रोग एक तरह का नहीं होते बल्कि कई तरह के होते हैं। यूरिन इन्फेक्शन में मूत्र बार-बार आने लगता है या मूत्र कम आता है इसके अलावा मूत्र में जलन होने लगती है। बता दें की मूत्र इन्फेक्शन मूत्र प्रणाली के किसी भी भाग में हो सकता है। कई बार यूरिन संक्रमण बैक्ट्रिया के कारण हो जाता है तो कई बार अनियमित दिनचर्या के कारण हो जाता है। यह शरीर के लिए बेहद ही तकलीफ दायक होता है।

कई बार यूरिन संक्रमण से प्रोस्टेट कैंसर भी हो सकता है इसलिए इसके लक्षणों को पहचानकर सही समय पर इसका इलाज करना जरुरी है। यूरिन इन्फेक्शन से छुटकारा पाने के लिए आप पार्सले का उपयोग कर सकते हैं। पार्सले में विटामिन सी, anti-inflammatory और एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं जो यूरिन रोगों को कम करने में सहायक होते हैं।

 

7. मुँह की दुर्गन्ध को करता है खत्म | It stops bad odor coming from the mouth

पेट में कब्ज का होने की वजह से किसी के भी व्यक्ति के मुँह में दुर्गन्ध आने लगती है। मुँह की दुर्गन्ध को आमतौर पर ज्यादातर लोग ध्यान नहीं देते हैं लेकिन मुँह की दुर्गन्ध को अनदेखा करना किसी खतरे से कम नहीं है। कई बार लोगों को केवल मुँह से आने वाली दुर्गन्ध के कारण कई तरह के घातक रोग हो जाते हैं इसलिए समय पर इसका उपचार करना जरुरी होता है। पार्सले में विटमिन k, विटमिन सी, फोलिक अम्ल (Folic acid) पाया जाता है जो मुँह की दुर्गन्ध को खत्म करने में फायदेमंद होता है।

 

8. ब्लड प्रेशर को करता है नियंत्रित | Parsley controls your blood pressure

आज के समय ब्लड प्रेशर एक सामान्य बीमारी बन चुकी है जिसका रोगी प्रत्येक घर में आसानी से मिल जाता है। ब्लड प्रेशर का बढ़ना या कम होना दोनों ही स्थिति शरीर के लिए नुकसानदायक होती है। जो लोग इस समस्या से पीड़ित होते हैं उनको blood pressure को कंट्रोल में करने के लिए नित्य सुबह ब्लड प्रेशर की दवाई का सेवन करना ही पड़ता है। यदि आप दवाई का इस्तेमाल किये बिना ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में करना चाहते हैं तो आप parsley का इस्तेमाल कर सकते हैं। दलअसल पार्सले में फाइबर और फोलिक एसिड पाया जाता है जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करता है।

 

9. मुंहासों और झुर्रियों से दिलाए मुक्ति | Parsley helps you to get rid of pimples

चमकती दमकती त्वचा हर व्यक्ति को पसंद होती है लेकिन गलत खान पान की वजह से त्वचा बेजान होने के साथ ही कई रोगों से ग्रस्त भी हो जाती है। अक्सर पेट की खराबी, हार्मोन्स के बदलाव और पानी की कमी के कारण त्वचा पर मुँहासे और झुर्रियां हो जाती हैं जो जवान व्यक्ति को भी बूढ़ा बना देती हैं। पार्सले एक ऐसी जड़ी बूटी है जो त्वचा सम्बन्धी सभी विकारों को सरलता से खत्म करती है। जिन लोगों के चेहरे पर मुँहासे और झुर्रियां हैं उनके लिए पार्सले बेहद ही गुणकारी है क्यूंकि इसमें मुंहासों और झुर्रियां को खत्म करने वाले कई तरह के विटामिन्स और यौगिक तत्व पाए जाते हैं।

 

पार्सले के अन्य फायदे | Some Other Benefits of Parsley in Hindi

1. पार्सले मधुमेह (diabetes) और कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) को नियंत्रित करने में बेहद फायदेमंद होता है।

2. पार्सले में विटामिन सी, विटामिन ई, विटामिन B12 मुख्य रूप से पाया जाता है जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है।

3. गॉल्स्टोन या गुर्दे की पथरी में parsley का जूस बेहद फायदेमंद होता है।

4. पार्सले में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन, खनिज पदार्थ पाए जाते हैं जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मददगार होते हैं।

5. पार्सले में विटामिन सी, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं जो शरीर को कई तरह के संक्रमण रोगों से बचाने में फायदेमंद होते हैं।

 

पार्सले का उपयोग | Uses of Parsley in Hindi

parsley uses in hindi

पार्सले एक ऐसा हर्ब है जिसका उपयोग भारतीय घरों में कम ही किया जाता है इसलिए कई लोग पार्सले के उपयोग के बारे में नहीं जानते हैं। इसलिए अब हम आपको बताने वाले हैं की आप पार्सले का उपयोग किस प्रकार से कर सकते हैं।

1. पार्सले का अधिक लाभ उठाने के लिए आप प्रतिदिन प्रातः काल जूस के रूप में इसका उपयोग कर सकते हैं।

2. दही, सूप और दाल में पार्सले का इस्तेमाल कर सकते हैं।

3. चटनी बनाकर आप पार्सले का उपयोग कर सकते हैं।

4. सादा या बेसन की सब्जी बनाकर पार्सले का इस्तेमाल किया जा सकता है।

5. सलाद के रूप में पार्सले का उपयोग किया जा सकता है।

6. किसी भी डिश या सब्जी या जूस को गार्निश करने के लिए पार्सले का उपयोग किया जा सकता है।

 

पार्सले से होने वाले नुकसान | Side Effects of Parsley in Hindi

पार्सले के फायदों को जानने के बाद यदि आप यह सोच रहे हैं की इसका कोई नुकसान नहीं है तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। यदि पार्सले के कुछ फायदे हैं तो कुछ नुकसान भी हैं। तो आइये जानते हैं इसके उपयोग से किस तरह के नुकसान हो सकते हैं।

1. पार्सले का अत्यधिक इस्तेमाल करने से दस्त और उल्टी की समस्या हो सकती है।

2. स्तनपान और गर्भवती महिलाओं को पार्सले नुकसान कर सकता है इसलिए स्तनपान और गर्भवती महिलाओं को इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

3. इसका अधिक सेवन करने से सेंसटिव स्किन वाले लोगों के शरीर पर दाने निकल सकते हैं।

4. कई लोगों को पार्सले का अधिक सेवन करने के कारण किसी भी तरह की एलर्जी हो सकती है।

 

तो दोस्तों ये थी पार्सले (parsley in hindi) से जुड़ी कुछ जानकारी। हम आशा करते हैं की आप पार्सले के समस्त फायदे और नुकसानों से परिचित हो गए होंगे। अगर आपको हमारी यह जानकारी पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के बीच शेयर जरूर करें और ऐसी ही जानकारी पड़ते रहने के लिए हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें।
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