jowar in hindi

About Jowar in Hindi: आज के लेख में हम एक ऐसी चीज लेकर आये हैं जिससे हर कोई परिचित है और किसी न किसी रूप में हर व्यक्ति ने इसको अवश्य ही खाया होगा। जी हाँ दोस्तों हम बात कर रहे है एक अनाज की जिसका नाम है ज्वार (Jowar)। ज्वार एक ऐसा भोज्य पदार्थ है जिसका उपयोग मानव और पशु दोनों करते हैं। ज्वार की लगभग 30 प्रजातियां पाई जाती हैं जिसमें से मानव केवल ज्वार बायकलर का सेवन करता है। जबकि ज्वार की अन्य प्रजातियों का उपभोग पशुओं द्वारा किया जाता है। पशु ज्वार का उपयोग चारे के रूप में करतें हैं इसलिए इसे घास परिवार का पौधा (पोऐसी) भी कहा जाता है। ज्वार (sorghum) का उपयोग खाध पधार्थ बनाने के आलावा जैव ईंधन और शराब बनाने में भी किया जाता है।

ज्वार में अनेक बीमारियों को ख़त्म करने की क्षमता होती है। कई लोग कैलोरी को कम करने के लिए एक्सरसाइज या योगा करते हैं लेकिन गलत अनाज का सेवन करने से उनकी कैलोरी कम नहीं होती है। तो आपको बता दें कि कैलोरी कम करने के लिए ज्वार बहुत ही फायदेमंद अनाज है साथ ही ज्वार कई रोगों को ठीक करने में भी सहायक है। आज की इस पोस्ट में हम आपको ज्वार के फायदों से ही रूबरू कराने वाले हैं परन्तु चलिए उसके पहले आपको ज्वार से जुड़ी कुछ अन्य महत्पूर्ण जानकारी बताते हैं।

 

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ज्वार क्या है और कैसा दिखता है | What is Jowar in Hindi?

ज्वार एक औषधिय आनाज है जिसको मोटे अनाज में शामिल किया गया है। ज्वार के दाने न तो अधिक बड़े होते हैं और न ही अधिक छोटे होते हैं। अतः ज्वार के दानों का आकार मध्यम होता है। ज्वार के दाने देखने में सुन्दर दिखते हैं इनका रंग भूरा लाल, पीला व सफ़ेद होता है। यह न्यून कैलोरी युक्त खाद्य पदार्थ है और इसके कई लाभ हैं। ज्वार जितने प्रकार के रोगों में लाभदायक है उतने ही ज्वार के भिन्न -भिन्न नाम भी हैं। तो आइये जानते है ज्वार को अन्य किन-किन नामों से जाना जाता है।

 

ज्वार के विभिन्न नाम | Some other names of Jowar in Hindi

ज्वार को अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। आइये जानते हैं अन्य भाषाओं में ज्वार को किस प्रकार के नामों से जानते हैं।

अंग्रेजी में ज्वार का नाम – इण्डियन मीलेट, sorghum, ब्रूम कॉर्न (Broom-corn)

हिंदी में ज्वार का नाम – ज्वार, जुआर

तेलगु में ज्वार का नाम – जोन्नल

तमिल में ज्वार का नाम – चोन्नल

संस्कृत में ज्वार का नाम – इक्षुपत्रक, यावनल

बंगाली में ज्वार का नाम – जोवार, जुयारा

गुजरात में ज्वार का नाम – जुवार

पंजाब में ज्वार का नाम – जुनरी

मलयालम में ज्वार का नाम – चोलम

नेपाल में ज्वार का नाम – जुनेलो

चीन में ज्वार का नाम – कोलांग

 

ज्वार के रासयनिक संघटक | Chemical Ingredient of Jowar in Hindi

ज्वार के जितने नाम हैं उनसे से भी कही अधिक ज्वार में पौष्टिक पोषक तत्व और विटामिन पाए जाते हैं। इसी लिए ज्वार को विटामिनों का भण्डार भी कहा जाता है। बता दें की ज्वार में मैग्नीशियम, कार्बोहाइड्रेट, फास्फोरस, फ़ाइबर, पोटेशियम, आयरन, विटामिन बी 3, राइबोफ्लैविन, वसा आदि रासयनिक गुण होते हैं। इसके प्रभाव के कारण शरीर को बल मिलता है तथा शरीर की शुष्क दुबर्लता दूर होती है। ज्वार में कैल्शियम भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो की हड्डियों को मजबूत बनाने में लाभदायक होता है।

 

कहाँ पाया जाता है ज्वार | Where did the Jowar found

ज्वार दुनिया का पांचवा मुख्य अनाज कहलाता है। मनुष्य द्वारा उपभोग की जाने वाली प्रजाति ज्वार बायकलर की खेती सबसे पहले अफ्रीका में की गई थी। लेकिन ज्वार बायकलर के गुणों की वजह से अब इसकी खेती पूरे विश्व में होने लगी है। यदि भारत देश की बात की जाये तो ज्वार बायकलर का उत्पादन सर्वाधिक पंजाब, उतर प्रदेश, मध्य प्रदेश और ओडिशा में किया जाता है।

 

ज्वार खाने के फायदे | Benefits of Jowar in Hindi

ज्वार के स्वस्थ सम्बन्धी कई फायदे हैं जो की इस प्रकार हैं।

 

1. डायबिटीज के रोगियों के लिए है फायदेमंद | Diabetic patients should use jowar

मानव शरीर में एक पेंक्रियाज नामक ग्रंथी होती है जो की गलत खान-पान की वजह से ख़राब हो जाती है। खराब होने की वजह से पेंक्रियाज ग्रंथी ठीक तरीके से अपना काम नहीं कर पाती है। जिसके फलस्वरुप पेंक्रियाज ग्रंथी से कई तरह के हार्मोंस निकलते हैं। इन्हीं हार्मोंस में से एक हार्मोन इंसुलिन है। जब पेंक्रियाज ग्रंथी बेकार हो जाती है तो इंसुलिन का निर्माण कम होने लगता है। इंसुलिन का स्तर कम होने से शरीर के रक्त में शुगर बढ़ जाती है जिससे व्यक्ति डायबिटीज के रोग से ग्रस्त हो जाता है। हालाँकि डायबिटीज होने के अनेक कारण है किन्तु इसका मुख्य कारण पेंक्रियाज ग्रंथी का ख़राब होना ही है। बता दें कि डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसको पूर्ण तरीके से ठीक तो नहीं किया जा सकता पर इसको बढ़ने से रोका जरूर जा सकता है। इसके लिए खाने में ज्वर का इस्तेमाल सही रहता है। ज्वार के चोकर में एक प्रकार का एंजाइम पाया जाता है जो की शरीर से होने वाले स्टार्च के अवशोषण को रोकता है। अतः ज्वार स्टार्च और रक्त में शुगर को कम कर देता है जिसकी वजह से डायबिटीज नियंत्रित हो जाती है। डायबिटीज नियंत्रित हो जाने से डायबिटीज के कारण होने वाले अन्य रोग भी ख़त्म हो जाते हैं।

 

2. कैंसर के रोगियों के लिए है फायदेमंद | Beneficial for Cancer patients

जैसा कि सभी जानते है कि कैंसर एक जानलेवा बीमारी है। परन्तु आज लगभग हर दस हज़ार व्यक्तियों में से एक व्यक्ति कैंसर से पीड़ित रहता है। सम्पूर्ण विश्व में लगभग दो करोड़ व्यक्ति कैंसर रोग से ग्रस्त है जिसमें से अनुमानित चालीस लाख व्यक्तियों की कैंसर के कारण मृत्यु हो जाती है। कैंसर होने के कई कारण है जैसे धूम्रपान करना, शराब का सेवन, शरीर के किसी भाग में गठान, फोड़ा या फुंसी का होना आदि कारणों से कैंसर होता है। ज्वार के चोकर में एंटीऑक्सीडेंट यौगिक, ज्वार में एंटी कार्सिनोजेनिक, एंटीट्यूमर गुण पाए जाते हैं जो कि विभिन प्रकार के होने वाले कैंसर एवं एसोफैगल कैंसर के स्तर को कम कर देता है। अतः कैंसर रोगियों के लिए ज्वार का सेवन करना लाभदायक होता है।

 

3. कमजोर हड्डियों को मजबूत बनाने में है फायदेमंद | Jowar helps to strengthen bones

शरीर में कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन आदि पोषक तत्वों की कमी होने से शरीर की हड्डियाँ कमजोर हो जाती हैं। हड्डियों के कमजोर होने के कारण व्यक्ति तनाव ग्रस्त हो जाता है जिसकी वजह से वह किसी भी कार्य को ठीक तरीके से सम्पन्न नहीं कर पाता है। आपको बता दें कि ज्वार में मैग्नीशियम और कैल्शियम दोनों भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। हड्डियों के विकास के लिए मैग्नीशियम और कैल्शियम अति आवश्यक पोषक तत्व हैं। यह पोषक तत्व कमजोर हड्डियों, ख़राब हड्डियों, उम्र के साथ बढ़ने वाली हड्डियों को ठीक कर मजबूत बनाने में सक्षम होते हैं। इसके आलावा यह गठिया और ऑस्टियोपोरोसिस रोगों को बढ़ने से भी रोकता है। तो फिर आप भी अपने खाध पदार्थों में ज्वार को शामिल कर लीजिये क्योंकि यह अनाज हड्डियों को स्वस्थ और मजबूत बनाता है।

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4. वजन को कम करने में है फायदेमंद | Jowar helps to reduce weight

समय पर भोजन नहीं करने से, भूख से अधिक भोजन करने से, अति चर्बी युक्त आहार का सेवन करने से, अत्यधिक कैलोरी वाले खाध पदार्थों का सेवन करने से तथा भोजन करने के उपरांत सोने से व्यक्ति का वजन या यूं कहें की मोटापा बड़ जाता है। बड़ा हुआ मोटापा अनेक रोंगो को जन्म देता है। मोटापा बढ़ने से हद्रय रोग, मधुमेह रोग, अस्थमा रोग, कई प्रकार के कैंसर रोग, मानसिक रोग आदि हो जाते हैं। इसलिए समय रहते मोटापे पर नियंत्रण करना अति आवश्यक है। आपको बता दें कि ज्वार में फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो की खाने की मात्रा को कम कर देता है। फाइबर एक ऐसा यौगिक है जिसके सेवन से पेट भरा हुआ लगता है और इसी वजह से भूख कम लगती है। इसके आलावा ज्वार कम कैलोरी युक्त आहार है अतः ज्वार के सेवन से कैलोरी का स्तर सामान्य बना रहता है जो कि मोटापे को नियंत्रित रखता है।

 

5. एनीमिया रोग में है फायदेमंद | Jowar is beneficial for people having anemia

एनीमिया रोग शरीर में खून की कमी की वजह से होता है तथा एनीमिया होने का सबसे बड़ा कारण शरीर में आयरन की कमी का होना है। शरीर के रक्त में लाल कोशिकाएं नष्ट होने से एनीमिया रोग होता है। शरीर में एक हिमोग्लोबिन नामक तत्व पाया जाता जो कि खून की मात्रा को बताता है। सामन्यतः पुरुषों के शरीर में खून की मात्रा 12-16 और महिलाओं में 11-14 के बीच में होना चाहिए। मुख्य रूप से 85% महिलायें एनीमिया रोग से ग्रस्त हैं। लोहे तत्व (Iron) की कमी से भी एनीमिया रोग होता है जिसकी वजह से चक्कर आना, बेहोश होना, सांस फूलना, हृदयगति का तेज होना आदि समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
एनीमिया कि इस समस्या से उबरने में ज्वार लाभदायक सिद्ध होता है। ज्वार में आयरन, लोहा तांबा, मैग्नीशियम तत्व भरपूर मात्रा में पाया जाता है। ज्वार में पाए जाने वाले ये तत्व लाल रक्त कोशिकाओं (red blood cells) का निर्माण करतें हैं जो एनीमिया से पीड़ित व्यक्तियों के लिए फायदेमंद होते हैं। यदि आपके शरीर में खून की कमी है तो इसे एनीमिया रोग ना बनने दें अपने भोजन में ज्वार को शामिल करें तथा रक्त कणों को बनाने वाली हरी सब्जियाँ, हरे फल, ड्राय फ्रूट आदि का प्रतिदिन सेवन करें।

 

6. मुँहासों को खत्म करने के लिए है फायदेमंद | Get rid of acne by using Jowar in Hindi

आमतौर पर प्रदूषण की चपेट में आने से चेहरे पर मुँहासे निकल आते हैं। मुँहासो का समय पर इलाज करना जरुरी है यदि इनका समय पर इलाज नहीं किया जाता तो यह पूरे चेहरे को ख़राब कर देते हैं। यदि आपके चेहरे पर भी मुँहासे हैं तो आपको घबराने की बिल्कुल जरुरत नहीं है क्यों कि ज्वार आपके चेहरे से मुँहासे और उनके दागों को जड़ से ख़त्म कर देता है। बता दें कि ज्वार में एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाया जाता है जो कि त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इस उपाय को करने के लिए 100 ग्राम ज्वार के दानो को महीन पीस कर उसमें आधी छोटी चम्मच दालचीनी पाउडर, आधी छोटी चम्मच शहद, कुछ बुँदे नींबू की मिलाकर पेस्ट बना लें। तैयार पेस्ट को प्रतिदिन नहाने से एक घंटा पहले अपने चेहरे पर 30 मिनिट तक लगाये। इस उपाय को कुछ दिन करने से ही मुँहासे ख़त्म हो जाते है तथा चेहरा कांच की तरह चमकने लगता है।

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7. कब्ज की बीमारी में है फायदेमंद | Get rid of Constipation by using jowar

कब्ज एक ऐसी बीमारी है जिसकी वजह से मानव का पूरा पाचन तंत्र ख़राब हो जाता है। भोजन में फाइबर की मात्रा का सेवन कम करने से कब्ज की समस्या उत्त्पन होती है। बता दें की ज्वार इस समस्या में काफी लाभदायक है। ज्वार में फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो कब्ज और इससे सम्बंधित अन्य बीमरियों को होने से रोकता है। ज्वार की रोटी का सेवन करने से कब्ज की समस्या में आराम मिलता है।

 

8. दांतो से सम्बंधित समस्याओं के लिए है फायदेमंद | Helps in Mouth Problems

यदि आपके दांतो में कीड़े लगे हुए हों, मसूड़ों में सूजन आ रही हो, दांतो से खून आता हो या दांतो में दर्द हो रहा हो तो इन सभी रोगों को ठीक करने में ज्वार आपकी मदद करेगा। इसके लिए 250 ग्राम ज्वार के दानों को जलाकर राख बना लें। अब ज्वार की राख में 50 ग्राम हल्दी पाउडर, 50 ग्राम नमक पाउडर मिलाकर एक साफ़ डिब्बे में भरकर रख लें। तैयार पाउडर में से आधी छोटी चम्मच पाउडर लें इस पाउडर में पांच बूंदें सरसों के तेल की डालकर अपनी ऊँगली की मदद से दांतो पर रगड़े प्रतिदिन सुबह-शाम ऐसा करने से दांतो से सम्बंधित सभी बीमारियां खत्म हो जाती हैं।

 

9. शरीर के ऊर्जा स्तर को बढ़ाने के लिए है फायदेमंद | It increase the energy level of the body

सामान्य रूप में ऊर्जा का अर्थ है व्यक्ति की कार्य क्षमता। शरीर में यदि ऊर्जा का स्तर कम होता है तो व्यक्ति थकान व कमजोरी का अनुभव करता है। शरीर में थकान और कमजोरी के कारण कोई भी व्यक्ति अपने काम को ठीक तरीके से नहीं कर पाता है। शरीर को यदि जरूरी पौष्टिक तत्व नहीं मिलते हैं तो ऊर्जा का स्तर दिन-प्रतिदिन कम होता चला जाता है। ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने के लिए कार्बोहाइड्रेट, फास्फोरस, मैग्नीशियम, फाइबर, विटामिन बी, प्रोटीन, आयरन आदि पोषक तत्व अति आवश्यक होते हैं। यह सभी पोषक ज्वार में पाए जाते हैं। यदि आप अपने शरीर में ऊर्जा के स्तर को बढ़ाना चाहतें हैं तो आज से ही ज्वार के दानों या ज्वार की रोटी का सेवन करना शुरू कर दीजिये। इसका उपयोग न सिर्फ ऊर्जा के स्तर को बढ़ाता है बल्कि शरीर में स्फूर्ति भी लाता है।

 

10. त्वचा सम्बन्धी बीमारियों में है फायदेमंद | Jowar Is beneficial in skin related diseases

यदि आप त्वचा संबधी कोई परेशानी जैसी कि दाद, खाज-खुजली आदि से प्रभावित है तो बता दें कि इसके लिए ज्वार काफी फायदेमंद होता है। इस उपाय को करने के लिए ज्वार के तनों की गांठो को महीन पीस लें। अब इसमें एलोवेरा जेल मिलाकर प्रभावित अंग पर प्रतिदिन लगाने से त्वचा सम्बन्धी बीमारियां ख़त्म हो जाती हैं।

 

ज्वार खाने के कुछ अन्य लाभ | Some Other Benefits of Jowar in Hindi

1. ज्वार की रोटी का सेवन छाछ अथवा दही के साथ करने से पेट में होने वाली जलन खत्म हो जाती है।

2. ज्वार के तने के रस का सेवन करने से किडनी से सम्बंधित बीमारियां जैसे बार-बार पेशाब का आना, जलन होना, पेशाब करने में दिक्कत होना आदि समस्याओं का समाधान हो जाता है।

3. ज्वार के दानों को भून कर खाने से सांस नली की सूजन कम हो जाती है।

4. ज्वार की गर्म रोटी खाने से प्यास कम लगती है।

5. ज्वार के भुने हुए दानों को खाने से खांसी में आराम मिलता है।

 

ज्वार के नुकसान | Side Effect of Jowar in Hindi

दोस्तों आपको ज्वार के फायदे तो बता दिए आइये अब आपको ज्वार से होने वाले नुक़सान से भी अवगत करा देते हैं।

1. ज्वार की तासीर ठंडी होती है इसलिए इसका सेवन वात पित्त से ग्रस्त व्यक्तियों को नहीं करना चाहिए।
2. ज्वार में अनेक विटामिन और पोषक तत्व पाए जाते हैं अतः ज्वार के अत्यधिक सेवन से दस्त, उल्टी, पेट में दर्द जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
3. ज्वार की तासीर ठंडी होती है इसलिए इसका सेवन ठंडों के मौसम में नहीं करना चाहिए।
4. गर्भवती महिला को डॉक्टर की सलाह के बाद ही ज्वार का सेवन करना चाहिए।

 

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तो दोस्तों ये थी ज्वार से जुड़ी कुछ जानकारी (Jowar in hindi)। हम आशा करते हैं की आपको ज्वार के समस्त फायदे समझ आ गए होंगे। अगर आपको हमारी यह जानकारी पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के बीच शेयर जरूर करें और ऐसी ही जानकारी पड़ते रहने के लिए हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें।
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