castor oil in hindi

About Castor Oil in hindi: आज देश विदेश में खान-पान और व्यवसायिक संसाधनों में कई तरह के तेलों का इस्तेमाल किया जाता है। कुछ तेल काफी ज्यादा प्रचलित रहते हैं जबकि कुछ तेल काफी फायदेमंद होने के बाद भी इनके बारे में कम ही सुनने को मिल पाता है। बता दें कि ऐसा ही एक लाभकारी तेल है कैस्टर आयल (Castor oil)। भारत में कैस्टर ऑयल को मूल रूप से अरंडी का तेल या एरण्ड के नाम से जाना जाता है। अरंडी के तेल के स्वास्थ सम्बन्धी फायदों की वजह से ही प्राचीन काल से इस तेल का इस्तेमाल कई घरों में होता आ रहा है।

कई वैज्ञानिकों का मानना है की यह तेल अस्सी से ज्यादा रोग या समस्याओं को ठीक करने की ताकत रखता है। जहाँ पहले भारत और कुछ ही देश में लोग कैस्टर आयल का इस्तेमाल करते थे वहीं इसकी खूबी को पहचान अब विश्वभर में लोग इसका इस्तेमाल करने लगे हैं। ऐसे में अगर आप अब तक कैस्टर आयल के गुणों से अनजान हैं तो आज का यह लेख आपके लिए अति महत्वपूर्ण साबित होने वाला है। आज हम आपको ना सिर्फ कैस्टर आयल के गुणों से परिचित करवाएंगे बल्कि इससे जुड़ी तमाम जानकारी को बड़े विस्तारपूर्वक आपके साथ साझा करेंगे। तो देर की बात की चलिए देखते हैं कैस्टर आयल से जुड़ी महत्पूर्ण जानकारी।

 

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कैस्टर ऑयल (अरंडी तेल) क्या है | What is Castor Oil in Hindi

castor seeds

कैस्टर ऑयल बाकी तेलों की तरह ही एक कुकिंग आयल (खाना पकाने का तेल) है लेकिन इसके गुणों को देखते हुए इसका उपयोग अन्य चीजों में भी किया जाने लगा है। कैस्टर आयल मूल रूप से अरंडी के पौधों के बीजों को दबाकर तैयार किया जाता है यही वजह है कि इस तेल को अरंडी का तेल भी कहा जाता है।

इस तेल में कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो इस तेल को बाकी तेलों से अलग और ज्यादा फायदेमंद बनाते हैं। इसीलिए अरंडी का तेल वनस्पति तेल होने के साथ-साथ औषधिय तेल भी कहलाने लगा है। कैस्टर आयल के कई प्रकार होने की वजह से बाजार में यह तेल कई तरह का आता है। इसका उपयोग घरेलू कामों के साथ-साथ व्यवसायिक संसाधनों में भी किया जाता है। आज कैस्टर आयल को विभिन्न प्रकार के कॉस्मेटिक्स (बॉडी लोशन और क्रीम), साबुन और दवाइयों में भी इस्तेमाल किया जाता है।

 

कैसा दिखता है अरंडी का तेल | How Castor Oil look like

कैस्टर ऑयल का रंग हल्का पीला होता है जो कि गंध मुक्त होता है। कैस्टर ऑयल का स्वरुप अन्य तेलों की तुलना में थोड़ा गाढ़ा होता है। बता दें कि कैस्टर ऑयल में ट्राइग्लिसराइड और फैटी एसिड रिकिनोलेट्स पाए जाते हैं। परिष्कृत (refined) और अपरिष्कृत (Unrefined) कैस्टर ऑयल के रंग में थोड़ा अंतर होता है। इसके अलावा जमैका कैस्टर ऑयल दिखने में आम कैस्टर आयल के मुकाबले एकदम अलग दिखता है। इसका तेल का रंग काला होता है।

 

कैसा होता है अरंडी का पौधा | What does Castor plant look like

castor oil plant

किसी भी तेल का इस्तेमाल करने से पहले उससे सम्बंधित अन्य अज्ञात तथ्यों को जानना भी जरुरी है। इसलिए बता दें कि अरंडी का बेल नुमा एक पुष्पीय पौधा होता है जिसके पत्ते, जड़, तना, बीज और फूल सभी का आयुर्वेदिक औषधि के रूप में उपयोग किया जाता है। अरंडी के बेल की झाड़ियाँ कई जगह जंगलों में या सड़क के किनारे बारहमासी देखने को मिल जाती हैं।

यह उष्णकटिबंधीय पौधा है। इसके झाड़ की लम्बाई लगभग 10 से 12 मीटर तक की होती है ये नाजुक और कमजोर होते हैं। इसकी एक पत्ती पांच भागों में विभाजित होती है जिसका आकार हथेली की भांति 12 से 40 सेमी लम्बा तथा 5 से 12 सेमी तक चौड़ा होता है। अरंडी के पत्तों के रंग की बात की जाये तो इसके पत्ते हरे, गहरे लाल या गहरे बैंगनी रंग के होते हैं। अरंडी के पौधे में रिसिन नामक विषैला पदार्थ पाया जाता है।

 

अरंडी के तेल का सर्वाधिक उत्पादन कहाँ होता है | Where did Castor Oil found

एक समय था जब सबसे पहले भारत और अफ्रीका में ही अरंडी के पौधे को बो कर इस तेल का उत्पादन किया गया था। तब अरंडी के तेल के उत्पादन का मुख्य केंद्र भारत और अफ्रीका ही थे। लेकिन आज अरंडी के तेल का उत्पादन विश्वभर में किया जाता है। विश्वभर में कैस्टर आयल का उत्पादन लगभग दस लाख टन प्रतिवर्ष होता है। कैस्टर आयल के फायदों को देखते हुए इसका उत्पादन भारत और अफ्रीका के अलावा अब चीन, ब्राजील, थाईलैण्ड और वियतनाम में होने लगा है। इतना ही नहीं इन देशों ने इस तेल की ज्यादा मांग के चलते अफ्रीका को उत्पादन क्षमता में पीछे भी कर दिया है।

 

अरंडी के तेल में पाए जाने वाले पोषक तत्व | Nutrients of Castor Oil in Hindi

अरंडी के तेल में एंटीइंफ्लेमेट्री, एंटीफंगल, एंटीबैक्टीरियल, एंटीऑक्सीडेंट आदि तत्व मुख्य रूप से पाए जाते हैं। इसके अतरिक्त ओमेगा 6, विटामिन ई और प्रोटीन उच्च मात्रा में पाया जाता है। इसलिए यह तेल त्वचा के कई तरह के रोगों को ठीक करता है। कैस्टर ऑयल में कई तरह के एसिड (अम्ल) जैसे की ओलेक अम्ल, अल्फा-लिनोलेनिक अम्ल, स्टीयरिक अम्ल, डायहाइड्रोक्सीस्टेरिक अम्ल, पामिटिक अम्ल, रिकिनोलेइक अम्ल भी पाए जाते हैं। बता दें की कैस्टर तेल में सबसे अधिक रिकिनोलेइक अम्ल पाया जाता है। यह सभी अम्ल कई तरह की समस्याओं को दूर करने में इस्तेमाल किये जाते हैं।

 

अरंडी के तेल के विभिन्न नाम | Some other names of Castor Oil

जिस तरह से अलग अलग देशों में कैस्टर ऑयल को अलग-अलग नामों से जाना जाता है उसी तरह भारत के विभिन्न राज्यों में भी कैस्टर ऑयल को अलग-अलग नाम से जाना जाता है।

कैस्टर ऑयल का वैज्ञानिक नाम – रिसिनस (Ricinus)

कैस्टर ऑयल का हिंदी में नाम – अरंडी तेल

कैस्टर ऑयल का अंग्रेजी में नाम – कैस्टर बीन (castor bean) , कैस्टर आयल

कैस्टर ऑयल का कन्नड़ नाम – हरलु

कैस्टर ऑयल का उर्दू में नाम – एरण्ड

कैस्टर ऑयल का कोंकणी में नाम – एरेन्डी

कैस्टर ऑयल का गुजरती में नाम – एरंडो

कैस्टर ऑयल का तमिल में नाम – आमणककम्

कैस्टर ऑयल का बंगाली में नाम – भेरेंडा

कैस्टर ऑयल का मराठी में नाम – एरंड

कैस्टर ऑयल का मलयालम में नाम – चिट्टावणकफ

कैस्टर ऑयल का अरबी में नाम – खिरवा

कैस्टर ऑयल के अनेक नाम को जानने के बाद इसके प्रकारों को जानना भी जरुरी है तो आइये आपको इसके प्रकारों से रूबरू करते हैं।

 

अरंडी के तेल के प्रकार | Types of Castor Oil in Hindi

दोस्तों आपको बता दें कि कैस्टर ऑयल के कई प्रकार हो सकते हैं। लेकिन इसके मुख्य तीन प्रकार ही होते हैं। आइये जानते हैं कैस्टर ऑयल के वह तीन प्रकार कौन से हैं।

 

1. हाइड्रोजनीकृत अरंडी का तेल (Hydrogenated Castor Oil)

तेल में हाइड्रोजन जोड़ने से हाइड्रोजनीकृत अरंडी का तेल या अरंडी का मोम निकलता है। यह अरंडी के तेल का एक कठोर और भंगुर संस्करण है जो पानी में नहीं घुलता है। इस प्रकार के तेल का उपयोग सौंदर्य प्रसाधनों (जैसे की बॉडी लोशन और क्रीम) में किया जाता है। इस तेल का उपयोग वैक्स, मोमबत्ती, ग्रीस और पेपर कोटिंग में भी किया जाता है।

 

2. केमिकल से निकला अरंडी का तेल (Chemical Extracted Castor Oil)

इस आयल को केमिकल से एक्सट्रेक्ट करके निकला जाता है इसलिए इसे केमिकल एक्सट्रेक्टेड कैस्टर आयल कहा गया है। अन्य प्रकार के अरंडी के तेल की तुलना में रासायनिक (chemical) से निकाला हुआ अरंडी का तेल सस्ता होता है। इसमें हेप्टेन और हेक्सेन जैसे सॉल्वैंट्स शामिल हैं। एक्सट्रेक्ट करके तेल निकलना आमतौर पर बीज से तेल प्राप्त करने का सबसे तेज़ और सस्ता तरीका है।

 

3. कोल्ड प्रेस्ड अरंडी का तेल (Cold Pressed Castor Oil)

यह तेल जैविक अरंडी के बीजों को दबाकर उससे निकला जाता है। तेल के इस प्रकार में हीट का किसी भी प्रकार से इस्तेमाल नहीं किया जाता ना ही इसमें कोई मिलावट की जाती है। इसलिए इस तेल को कोल्ड प्रेस्ड केस्टर आयल कहा जाता है। बता दें की गर्म ना करने की वजह से इस तरह के तेल में nutrients बरकरार रहते हैं जिससे उपयोगकर्ताओं को इसका अधिकतम लाभ मिलता है। यह तेल परिष्कृत (refined) और अपरिष्कृत (Unrefined) दोनों ही तरह से बाजार में मिलता है जिसमे से अपरिष्कृत (Unrefined) अरंडी का तेल ज्यादा गाड़ा होता है और देखने में एक दम पीला दिखता है।

 

4. जमैकन काला अरंडी का तेल (Jamaican Black Castor Oil)

इस तेल का निर्माण करने के लिए अरंडी के बीजों को भून कर दबाया जाता है जिससे तेल निकल आता है तथा बीजों को भूनने के दौरान निकलने वाली राख को तेल में ही मिला दिया जाता है। जिसके कारण इस तेल का रंग काला और स्वाद खारा हो जाता है। तेल बनाने का यह तरीका जमैका देश में आम है इसी लिए इसे जमैका ब्लैक कैस्टर आयल कहा जाता है। यह तेल मुहांसों और रूसी को कम करने में बड़ा फायदेमंद होता है।

 

अरंडी के तेल का उपयोग दवाइयों में | Uses of Castor Oil in Hindi

बता दें कि कैस्टर ऑयल का उपयोग आयुर्वेदिक दवाओं में तो होता ही है इसके आलावा कैस्टर ऑयल का इस्तेमाल अंग्रेजी दवाओं में भी किया जाता है। कैस्टर ऑयल में कोल्लीफोर ईएल, मिकोनाजोल, पैक्लिटैक्सेल, टैक्रोलिमस आदि तत्व पाए जाते हैं जिनका उपयोग कई तरह की दवाइयों को बनाने में किया जाता है।

 

अरंडी के तेल के फायदे | Castor Oil Benefits in Hindi

castor oil

कैस्टर ऑयल एक औषधिय तेल है जिसके एक नहीं अपितु अनेक फायदे हैं। जैसे स्वास्थ से संबंधित फायदे, त्वचा से सम्बंधित फायदे, बालों से सम्बंधित फायदे आदि। तो आइये एक-एक करके कैस्टर ऑयल के समस्त फायदों के बारे में जानते हैं।

 

A. अरंडी के तेल के स्वास्थ्यवर्धक फायदे | Health Benefits of Castor Oil in Hindi

जब व्यक्ति का स्वास्थ ठीक होता है तब ही उसका दिमाग और शरीर किसी काम में लगता है। इसलिए आइये सबसे पहले कैस्टर ऑयल के स्वास्थ सम्बन्धी फायदों के बारे में जानते हैं

 

1. गठिया के रोग में है फायदेमंद

डॉक्टर्स के अनुसार गठिया एक ऐसा रोग है जिसके 100 प्रकार होते हैं। गठिया रोग होने की वजह से शरीर के सभी अंगो में जकड़न और दर्द होता है। बता दें कि यह रोग शरीर में मूलत: प्यूरिन नामक प्रोटीन के मेटाबोलिज्म की विकृति से होता है। इसके आलावा जब शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा अत्यधिक बढ़ जाती है तब यह गठिया का रूप धारण कर लेता है। गठिया रोग से पीड़ित व्यक्ति को चलने-फिरने तथा उठने-बैठने में तकलीफ होती है। यदि समय रहते इस रोग पर ध्यान नही दिया गया तो यह घुटनों और कूल्हों पर भी अपना प्रहार कर देता है।

अरंडी के तेल का उपयोग गठिया रोग एवं ऑस्टियोआर्थराइटिस से जुड़ी अन्य बीमारियों में किया जाता है। गठिया रोग में चिकत्सक कैस्टर ऑयल युक्त दवा का सेवन और कैस्टर ऑयल की शरीर पर मालिश करने की सलाह देते हैं। इसके आलावा गठिया रोग हो जाने पर प्रतिदिन व्यायम करना चाहिए, ठंडी चीजों से पहेज करना चाहिए, सीढ़ियाँ कम से कम चढ़ने का प्रयत्न करना चाहिए एवं अत्यधिक तेल मसाले युक्त भोजन का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इन उपायों को अपनाने से कैस्टर ऑयल गठिया रोग पर जल्दी प्रभाव करता है।

 

2. कब्ज के लिए है फायदेमंद

वर्तमान समय में अधिकतर लोग ठीक तरीके से खान-पान नहीं करते हैं। जिसका सीधा प्रभाव शरीर के पाचन तंत्र पर पड़ता है। परिणाम स्वरुप यह पेट को प्रभावित करता है जिसकी वजह से पेट से सम्बंधित कई रोग उभर कर सामने आते हैं। इन्हीं रोगों में से एक है कब्ज। यह स्वयं तो एक रोग है ही अपितु यह अन्य कई रोंगो का भी जन्मदाता है। इसलिए इस समस्या को जल्द से जल्द ठीक करना आवश्यक है।

दोस्तों कैस्टर ऑयल एक ऐसा तेल है जो कब्ज का प्राकृतिक तरीके से इलाज करता है। दलअसल कैस्टर ऑयल में फैटी अम्ल और लैक्सेटिव गुण पाए जाते हैं। जो आंतो की अंदरूनी सफाई कर अंदर जमा मल को पूरी तरह बाहर निकालने का काम करता है इसलिए कैस्टर ऑयल का उपयोग कब्ज को ठीक करने में किया जाता है। इसके अलावा प्रतिदिन कैस्टर ऑयल की पेट के ऊपर 5 से 10 मिनिट मालिश करने से मांसपेशियों का संकुचन बढ़ता है जिसकी वजह से मल सरलता से बाहर निकल जाता है और कब्ज रोग से जल्द निजात मिल जाती है।

 

3. बवासीर रोग में है फायदेमंद

बवासीर को पाइल्स भी कहा जाता है। यह एक ऐसा रोग है जिसकी शुरूआती दिनों में लोग गंभीरता नहीं दिखातें हैं जिसकी वजह से आगे जाकर यह विकराल रूप धारण कर लेता है। बवासीर रोग गुदा के अंदरूनी हिस्से में या बाहर के हिस्से में कुछ मस्से जैसे दाने निकल आते हैं इन दानो में से कई बार खून भी निकलता है और भयंकर दर्द होता है।

दोस्तों बवासीर होने के कई कारण होते हैं किन्तु बवासीर होने का प्रमुख कारण कब्ज को माना जाता है इसलिए बवासीर रोग में अरंडी के तेल का इस्तेमाल किया जाता है। जैसा की हम आपको ऊपर बता चुके हैं कि अरंडी के तेल में लैक्सेटिव गुण पाए जाते हैं जो की कब्ज को ठीक करते हैं और बवासीर रोग को कुछ हद तक कम करने में मदद करते हैं।

 

4. रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में है फायदेमंद

रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से शरीर पर किसी भी प्रकार का रोग जल्दी प्रहार कर देता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होने से हमारा शरीर स्वयं ही छोटी-मोटी बिमारियों से लड़ लेता है। यदि रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है तो शरीर कई रोगों से जल्द ग्रस्त तो होता ही है साथ में यह हमारे शरीर को भी कमजोर कर देता है।

बता दें कि कैस्टर ऑयल वह गुणकारी तेल है जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। दरअसल कैस्टर ऑयल का प्रयोग शरीर के बाहरी अंगो पर करने से टी- 11 कोशिकाओं की संख्या बढ़ जाती है जो कि एंटीबॉडी की तरह कार्य करती हैं। यदि आप भी अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना चाहते हैं तो कैस्टर ऑयल का उपयोग आपके लिए काफी लाभकारी सिद्ध होगा।

 

5. अल्सर के घावों को भरने में है फायदेमंद

अल्सर रोग से आप सभी लोग भलीभांति परिचित होंगे। यह एक ऐसा रोग है जिसकी वजह से शरीर में घाव हो जाते हैं। बता दें कि यह घाव पेट, आहारनाल या आँतों की अंदरूनी सतह पर विकसित होते हैं। अलग – अलग जगह होने वाले घावों के आधार पर ही अल्सर को जाना जाता है जैसे कि पेट में होने वाले अल्सर को गैस्ट्रिक अल्सर कहा जाता है। इसी तरह छोटी आंत के अगले हिस्से में होने वाले अल्सर को डुओडिनल अल्सर कहा जाता है। वस्तुतः अल्सर रोग हेलिकोबेक्टर पाइलोरी नामक बैक्टीरिया के संक्रमण के कारण भी होता है। इसके अतरिक्त अल्सर रोग, जब पेट की अंदरूनी आँतों की सतह पर अम्ल आता है तो उस स्थान पर घाव होने लगते हैं। शुरुआत में यह समस्या समझ में नहीं आती है लेकिन जब यह समस्या बढ़ जाती है तब पता लगता है कि यह अल्सर रोग है।

आपको बता दें कि कुछ शोधों से ज्ञात हुआ है कि कैस्टर ऑयल का उपयोग अल्सर के घावों को भरने में लाभकारी होता है क्योकि कैस्टर ऑयल में एंटीबैक्टीरियल, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं जो कि किसी भी प्रकार के घावों को ठीक करने में सहायक होते हैं। यदि आपको यह समस्या काफी ज्यादा है तो आप डॉक्टर कि सलाह लेकर ही उपचार करवाए।

 

6. वजन कम करने में है फायदेमंद

अभी तक आपने वजन कम करने के लिए योगा और जड़ी बूटियों का ही नाम सुना होगा लेकिन कभी यह नहीं सुना होगा कि कोई तेल भी वजन कम कर सकता है। जी हाँ दोस्तों कैस्टर ऑयल में ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जो कि वजन को कम करने में मदद करते हैं। यदि आप वजन कम करने के कई सारे उपाय करने के बाद भी वजन को कम करने में कामयाब नहीं हो पाए हैं तो आपको चिंतित होने की बिल्कुल आवश्कता नहीं है क्योंकि कैस्टर ऑयल आपके वजन को कम करने में मदद करेगा। प्रतिदिन सुबह खाली पेट एक चम्मच कैस्टर ऑयल का सेवन करने के बाद एक गिलास गुनगुना पानी पीने से वजन आसानी से कम हो जाता है।

 

B. अरंडी के तेल के त्वचा सबंधी फायदे | Skin Benefits of Castor Oil in Hindi

स्वास्थ के साथ -साथ त्वचा का ख्याल रखना भी जरुरी होता है। जिस तरह कैस्टर ऑयल स्वास्थ के लिए फायदेमंद है उसी तरह कैस्टर ऑयल के त्वचा संबंधी भी कई फायदे हैं। तो आइये जानते हैं कैस्टर ऑयल के त्वचा सम्बन्धी फायदे।

 

1. झुर्रियों को मिटने में है फायदेमंद

आजकल समय से पहले चेहरे पर झुर्रियां आने की समस्या को काफी देखा जाता है। झुर्रियां खराब जीवनशैली व पर्यावरणीय कारणों की वजह से अधिक होती हैं। इसके आलावा चेहरे से मेकअप नहीं हटाने से और बार-बार कील निकलने से भी चेहरे पर झुर्रियां हो जाती हैं। कैस्टर ऑयल की मालिश करने से चेहरे की झुर्रियां ख़त्म हो जाती हैं। बता दें कि कैस्टर ऑयल में फैटी अम्ल पाया जाता है जो त्वचा की गहराई में जाकर कोलेजन और त्वचा में पाए जाने वाले प्रोटीन तत्व में सुधार करता है। जिसकी वजह से झुर्रियों की समस्या से मुक्ति मिलती है।

 

2. दाद-खुजली में है फायदेमंद

मौसम में बदलाव के कारण त्वचा संबंधी कई रोग उत्पन हो जाते हैं इन्ही रोंगो में से एक है दाद और खुजली। कई बार यदि खुजली को समय रहते नहीं रोका जाये तो यह एग्जिमा का रूप धारण कर लेती है। यदि आप भी दाद और खुजली जैसे रोग से जूझ रहे हैं तो घबराने की जरुरत नहीं है क्योंकि कैस्टर ऑयल के उपयोग से दाद और खुजली को ठीक किया जा सकता है। कैस्टर ऑयल में नारियल तेल मिलाकर प्रतिदिन लगाने से दाद और खुजली से मुक्ति मिलती है।

 

3. आँखों के काले घेरे दूर करने में है फायदेमंद

आजकल बड़ों से लेकर बच्चों में भी आँखों के नीचे काले घेरे होने लगे हैं। इन काले घेरों को डार्क सर्कल कहा जाता है। अधिक समय तक कम्प्यूटर का इस्तेमाल करने से, अधिक समय तक मोबाइल का उपयोग करने से, सही समय पर नहीं सोने से, पर्याप्त नींद नहीं लेने से या तनाव ग्रस्त रहने से भी आँखों के नीचे काले घेरे हो जाते हैं।

इन काले घेरों को हटाना बेहद ही मुश्किल होता है लेकिन कैस्टर ऑयल एक ऐसा तेल है जो कि काले घेरों को जल्द हटा देता है। प्रतिदिन सुबह शाम अरंडी के तेल से आँखों के नीचे मालिश करें या ककड़ी को गोल काटकर उस पर कैस्टर ऑयल लगाकर उसे 10 मिनिट के लिए अपनी आखों पर रखें। प्रतिदिन ऐसा करने से आखों के काले घेरे हमेशा के लिए खत्म हो जाते हैं।

 

4. रूखी त्वचा को मुलायम बनाने में है फायदेमंद

त्वचा सामान्यतः तीन प्रकार की होती है तैलीय त्वचा, रूखी त्वचा और सामान्य त्वचा। अतः सभी लोंगो की त्वचा अलग अलग होती है। किसी की तैलीय किसी की रूखी तो किसी की सामान्य त्वचा होती है। सामान्य और तैलीय त्वचा वाले लोंगो की अपेक्षा रूखी त्वचा वाले लोग अत्यधिक परेशान रहते हैं। क्योंकि रूखी त्वचा वाले लोग बार-बार तेल और क्रीम अपनी त्वचा पर लगाते हैं लेकिन फिर भी उनकी त्वचा रूखी ही बनी रहती है। शीतकाल में तो रूखी त्वचा वाले व्यक्तियों की परेशानी और भी बढ़ जाती है।

बता दें कि अरंडी का तेल वह चमत्कारी तेल है जो रूखी त्वचा को मुलायम बना देता है। कुछ बुँदे अरंडी के तेल की लेकर उसमें एक या दो बून्द साफ़ पानी की मिलाकर प्रतिदिन सुबह शाम दस से पंद्रह मिनिट तक मसाज करने से रूखी त्वचा चमकदार और मुलायम बनती है।

 

5. मुहांसो के लिए है फायदेमंद

आमतौर पर युवावस्था के प्रारम्भ में चेहरे पर फुंसी के रूप में मुहांसे निकल आते हैं जो छोटे और बड़े दानों के रूप में होते हैं। युवावस्था में निकलने की वजह से इन मुहांसो को युवान पीड़िका कहा जाता है तथा ऐलोपैथिक में मुहासों को एक्ने कहा जाता हैं। मुहांसे त्वचा सम्बन्धी बेहद जटिल समस्या है जिसकी वजह से चेहरे की खूबसूरती पर ग्रहण लग जाता है। व्यक्ति चाहे कितना भी सुन्दर क्यों न हो यदि उसके चेहरे पर मुहांसे हैं तो वह भद्दा ही दिखता है।

मुहासों से छुटकारा पाने के लिए कई तरह की क्रीम और दवाइयों का सेवन किया जाता है लेकिन उनसे मुहांसे तो ठीक नहीं होते हैं बल्कि चेहरे की त्वचा पतली और सैंसटिव हो जाती है। कैस्टर ऑयल के उपयोग से मुहांसे ख़त्म किये जा सकते हैं। कैस्टर ऑयल में रिसिनोलिक अम्ल पाया जाता है जो मुहांसो को उत्पन्न करने वाले बैक्टीरिया को खत्म करने में सहायक होता है। इसके अतरिक्त कैस्टर ऑयल मुहांसो से होने वाले दाग-धब्बों को भी ठीक कर देता है।

 

6. त्वचा की रंगत निखारने में है फायदेमंद

आजकल सुन्दर दिखने की चाह प्रत्येक व्यक्ति को होती है इसलिए वह अपने रंग को निखारने के लिए ना जाने कितने प्रयत्न करता है फिर भी रंग में निखार नहीं आता है। अगर आप भी रंग निखारना चाहते हैं तो अरंडी के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। अरंडी के तेल में फैटी एसिड पाया जाता है जो त्वचा के अंदर जाकर चेहरे के विषैले पदार्थों को बाहर निकाल देता है। अतः अरंडी के तेल का इस्तेमाल करने से चेहरे का रंग साफ हो जाता है। इसके आलावा चेहरे की त्वचा गुलाब की तरह निखरी हुई नजर आती है।

 

7. स्ट्रेच मार्क्स को खत्म करने में है फायदेमंद

शरीर की त्वचा में होने वाले बदलाव के कारण स्ट्रेच मार्क्स हो जाते हैं। जब शरीर का मोटापा बढ़ता है तो शरीर की त्वचा में खिचाव होता है जिसकी वजह से त्वचा पर कई निशान उभर आते हैं जिसको स्ट्रेच मार्क्स कहा जाता है। आमतौर पर स्ट्रेच मार्क्स गर्भावस्था के दौरान अत्यधिक होते हैं। वैसे तो स्ट्रेच मार्क्स शरीर के किसी भी हिस्से पर निकल आते हैं किन्तु अत्यधिक रूप से स्ट्रेच मार्क्स जांघों, पेट, स्तन तथा हिप्‍स पर होते हैं। स्ट्रेच मार्क्स को ठीक करने के लिए मार्केट में कई प्रकार की क्रीम उपलब्ध हैं किन्तु इन क्रीमों के इस्तेमाल से स्ट्रेच मार्क्स खत्म नहीं होते हैं।

अरंडी का तेल स्ट्रेच मार्क्स को खत्म करने का सस्ता घरेलु और कारगार उपाय है। अरंडी के तेल में फैटी अम्ल पाया जाता है जो मालिश करने से शरीर के अंदर चला जाता है जिसकी वजह से शरीर की कोशिकायें मुलायम बन जाती हैं और धीरे-धीरे स्ट्रेच मार्क्स खत्म हो जाते हैं। बता दें की गर्भवती महिलाओं को गर्भ के तीसरे माह से कैस्टर ऑयल लगाने से गर्भवस्था के दौरान होने वाले स्ट्रेच मार्क्स नहीं होते हैं या फिर बहुत कम होते हैं।

 

C. अरंडी का तेल बालों के लिए है फायदेमंद | Hair Benefits of Castor oil in Hindi

सुन्दर, रेशमी, घने और मजबूत बालों को पाने की हर व्यक्ति की तम्मना होती है किन्तु बालों से संबंधित कुछ समस्याओं के कारण व्यक्ति की यह तामन्ना पूरी नहीं हो पाती है। यदि आप भी सुन्दर, रेशमी, घने, मजबूत बाल पाना चाहते हैं तो आपके लिए कैस्टर ऑयल का उपयोग बेहद लाभकारी सिद्ध होगा। कैस्टर ऑयल बालों से सम्बंधित कई रोगों को ठीक करके बालों को मजबूत और सुन्दर बनाता है। तो आइये कैस्टर ऑयल के बालों से संबंधित फायदों के बारे में जानते हैं।

 

1. बालों को घने और लम्बे बनाने में है फायदेमंद

पुराने ज़माने में अक्सर महिलाओं के बाल लम्बे और घने होते थे क्योंकि उस समय की ज्यादातर महिलायें अपने बालों में अरंडी के तेल का ही उपयोग करती थी। लेकिन आज के समय में कैमिकल युक्त तेलों का इस्तेमाल अधिक किया जाता है जिसकी वजह से बाल कमजोर होकर झड़ने लगते हैं और कुछ लोग तो उम्र से पहले ही गंजे हो जाते है।

बता दें की कैस्टर ऑयल एक प्राकृतिक तेल है जिसमें ओमेगा 9 और फैटी अम्ल पाया जाता है। ओमेगा 9 और फैटी अम्ल बालों में उत्पन बैक्टेरिया को ख़त्म कर देता है। जब कैस्टर ऑयल से बालों की जड़ों में मसाज करते हैं तो यह तेल रोम के परिसंचरण को बढ़ाता है जिसकी वजह से बालों के झड़ने की समस्या खत्म हो जाती है और बालों को बढ़ने में मदद मिलती है।

 

2. रुसी से छुटकारा दिलाने में है फायदेमंद

रुसी या डेंड्रफ आजकल एक आम समस्या हो गयी है। रुसी बालों को कमजोर और रुखा तो बनाती ही है साथ में यह मुहांसो को भी जन्म देती है। कैस्टर ऑयल में एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं जो रुसी को कम करने में मदद करते हैं। दो छोटी चम्मच कैस्टर ऑयल में एक छोटी चम्मच एलोवेरा जेल और कुछ बुँदे नीबू के रस की मिलाकर लगाने से बालों में होने वाली रुसी की समस्या कम हो जाती है। आप इस उपाय का प्रयोग हफ्ते में दो बार कर सकते हैं।

 

3. रूखे बालों को चमकदार बनाने में है फायदेमंद

बढ़ते प्रदूषण और गलत सैम्पू का उपयोग करने की वजह से बाल रूखे हो जाते हैं। कैस्टर ऑयल में विटामिन ई और प्रोटीन पाया जाता है जो बोलों को मुलायम और चमकदार बनाता है। कैस्टर ऑयल से प्रतिदिन रात के समय बालों की मालिश करें और सुबह किसी अच्छे सेम्पू से बालों को धोलें। ऐसा करने से आपके बाल कुछ ही हफ़्तों में काले घने और चमकदार हो जायेगें।

 

4. बालों को सफ़ेद होने से बचाने में है फायदेमंद

आजकल सफ़ेद बालों की समस्या आम बात हो गई है। पहले तो 60 वर्ष की उम्र में भी लोगों के बाल काले और घने देखे जाते थे। लेकिन वर्तमान समय में कम उम्र के बच्चों में भी सफ़ेद बालों की समस्या होने लगी है। यदि आपको भी ऐसी कोई समस्या है तो आप अरंडी के तेल का उपयोग कर सकते हैं। अरंडी के तेल के उपयोग से आपके बाल कई सालों तक काले और घने बने रहेगें।

 

D. अरंडी का तेल बच्चों के लिए है फायदेमंद | Benefits of Castor oil for Childrens in Hindi

अरंडी के तेल में इतने अधिक गुण पाए जाते है कि यह सिर्फ बड़ों के लिए ही फायदेमंद नहीं है अपितु यह बच्चों के लिए भी लाभकारी है। तो आइये जानते हैं बच्चों से सबंधित कैस्टर ऑयल के फायदे।

 

1. त्वचा को बनाये मुलायम

छोटे बच्चों की त्वचा कोमल और सेंसेटिव होती है इसलिए उनकी त्वचा का ख्याल सावधानी पूर्वक रखना जरुरी होता है। कैस्टर ऑयल में एंटीफंगल गुण होते हैं जो बच्चों को खाज-खुजली होने से बचाते हैं। कैस्टर ऑयल एक आयुर्वेदिक तेल है जो बच्चों की रूखी त्वचा को भी मुलायम बनाने में सहायक होता है।

 

2. हड्डियों और मांसपेशियों को बनाये मजबूत

कैस्टर ऑयल में कई गुणकारी तत्व पाए जाते हैं जो बच्चों की हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं। बच्चों को प्रतिदिन स्नान कराने से पहले अरंडी के तेल से 30 मिनिट तक मसाज करने से हड्डियां मजबूत बनती हैं तथा मांसपेशियों का विकास ठीक प्रकार से होता है।

 

3. रैशेज को करे ख़त्म

छोटे बच्चों को सोते समय या सफर के दौरान डायपर पहनाकर रखा जाता है। अधिक समय तक डायपर पहने रहने से बच्चों की नाजुक त्वचा पर यह गलत प्रभाव डालते हैं जिसकी वजह से बच्चों की त्वचा पर लाल छोटे छोटे चकत्ते निकल आते हैं जिनको हम रैशेज़ कहते हैं। रैशेज़ होने पर बच्चों के शरीर के प्रभावित भाग पर कैस्टर ऑयल की मालिश करना लाभकारी होता है। अरंडी के तेल से मालिश करने पर रैशेज मिट जाते हैं और बच्चों की त्वचा पहले की भांति कोमल हो जाती है।

 

4. दर्द में दिलाये राहत

मांसपेशियों और हड्डियों का विकास होने से बच्चों के शरीर में दर्द होता है। जिसकी वजह से बच्चों को काफी तकलीफ होती हैं। बच्चों को इस दर्द से निजात दिलाने का सबसे आसान और घरेलु उपाय अरंडी के तेल की मालिश है। अरंडी के तेल की मालिश करने से बच्चों को होने वाले दर्द में राहत मिलती है।

नोट – बच्चों की त्वचा अत्यधिक कोमल और नाजुक होती है इसलिए चिकत्सक की सलाह लेकर ही बच्चों पर कैस्टर ऑयल का प्रयोग करें।

 

अरंडी के तेल से होने वाले नुकसान | Side Effects of Castor Oil in Hindi

अरंडी के तेल के फायदों के साथ-साथ इससे होने वाले नुकसानों को भी दिमाग में रखना चाहिए। अरंडी के तेल के साइड इफेक्ट की बात की जाए तो ये कुछ इस प्रकार हैं –

1. गर्भवती महिलाओं को अरंडी के तेल का सेवन नहीं करना चाहिए।

2. अरंडी के तेल की तासीर गर्म होती है इस तेल का अधिक सेवन करने से दस्त और उल्टियाँ हो सकती हैं। इसलिए इस तेल का अत्यधिक सेवन नहीं करना चाहिए।

3. बच्चों के चेहरे और गुप्त अंगो में कैस्टर ऑयल नहीं लगाना चाहिए क्योंकि इस तेल में कई प्रकार के अम्ल पाए जाते हैं जो कि बच्चों की त्वचा को हानि पंहुचा सकतें हैं।

4. जिन लोंगो को किसी भी तरह की एलर्जी है उन लोगों को कैस्टर ऑयल का उपयोग नहीं करना चाहिए।

नोट – ऊपर बताये गए सभी रोगों के लिए कैस्टर ऑयल का उपयोग चिकत्सक का परामर्श लेकर ही करना चाहिए।

 

तो दोस्तों ये थी अरंडी के तेल (Castor oil in hindi) से जुड़ी कुछ जानकारी। हम आशा करते हैं की आप अरंडी के तेल के समस्त फायदे और नुकसानों से परिचित हो गए होंगे। अगर आपको हमारी यह जानकारी पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के बीच शेयर जरूर करें और ऐसी ही जानकारी पड़ते रहने के लिए हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें।
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