meditation in hindi

About Meditation in Hindi:  स्वस्थ व्यक्ति उस को कहा जाता है जिसका शारीरिक, मानसिक और आत्मिक रूप से स्वास्थ तंदरुस्त होता है। स्वस्थ शरीर के लिए मस्तिष्क का शांत होना सबसे आवश्यक है लेकिन आजकल बच्चों से लेकर बड़ों तक में मानसिक तनाव बना रहता है। तनाव की स्थिति में मस्तिष्क के सेल्स विपरीति दिशा में कार्य करने लगते हैं जिससे डिप्रेशन, याददास्त का कमजोर होना, माइग्रेन जैसे रोग उत्पन्न होते हैं।

दोस्तों इन सभी रोगों से बचने के लिए आज हम आपको Meditation के बारे में बताने जा रहे हैं। मेडिटेशन ना सिर्फ हमारे मस्तिष्क को स्वस्थ बनाने के लिए कारगर है बल्कि शारीरिक विकारों को दूर करने में भी लाभकारी है। मेडिटेशन एक ऐसी क्रिया है जिसको सदियों से हमारे ऋषि मुनि करते आये हैं परन्तु दुर्भाग्य है की आज कम ही लोगों को इसके बारे में पता है या लोगों ने इस पर ध्यान नहीं दिया है। अगर आप भी मेडिटेशन से अच्छी तरह परिचित नहीं है और इसके बारे में जानने की चाह रखते हैं तो बने रहिए हमारे साथ क्युकी इस लेख में आपको मैडिटेशन की सम्पूर्ण जानकारी मिलने वाली है।

 

आखिर मेडिटेशन क्या है | What is Meditation in Hindi

मेडिटेशन को आत्मिक ध्यान कहा जाता है। ध्यान के द्वारा हम अपने मन को शांत कर समाधी को प्राप्त होते हैं अर्थात आंतरिक विवेक और ज्ञान के स्तोत्र के साथ जुड़ने को ध्यान या मेडिटेशन कहा जाता है। प्रत्येक मनुष्य के अंदर एक ऐसी दिव्य सत्ता मौजूद होती है जिसके द्वारा वह मानसिक रोगों से बच सकता है।

मेडिटेशन एक आध्यात्मिक प्रक्रिया है जो मस्तिष्क और शरीर को शांत कर तनाव मुक्त रखने का कार्य करती है। मेडिटेशन एकाग्रचित होकर किया जाता है तभी वह ध्यान कहलाता है। ध्यान के माध्यम से व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक शांति ही नहीं मिलती वल्कि आध्यात्मिक और भावनात्मक शांति भी मिलती है। बता दें कि ध्यान एक यौगिक क्रिया है जिसको योग का आठवां अंग माना गया है।

 

मेडिटेशन या ध्यान का स्वरूप :

आज के समय में अधिकतर लोग ध्यान या मेडिटेशन से परिचित तो हैं लेकिन सभी लोग ध्यान का स्वरुप नहीं जानते हैं। आपको बता दें कि आँखों को बंद करके बैठ जाना, माला जपना, भगवन का स्मरण या जप करना, सुदर्शन क्रिया आदि ध्यान नहीं हैं। चंचल मन चंचल रहते रहते शांत होने तक की प्रक्रिया ध्यान या समाधी कहलाती है। मेडिटेशन को विस्तार से समझने के लिए कह सकते है कि meditation के माध्यम से हम संकल्प विकल्प से परेह होकर शांत स्थिति को प्राप्त होते हैं हमें गहन विश्राम प्राप्त होता है। अतः मन में चल रहे विचारों और आस पास होने वाली क्रियाओं से मस्तिष्क को मुक्त करना ही ध्यान का स्वरुप है।

 

मेडिटेशन के मुख्य प्रकार | Types of Meditation in Hindi

हर व्यक्ति की जिंदगी में कई परेशानियां होती हैं। कुछ लोग उन परेशानियों का सामना करते हुए सहजता से बहार निकल जाते हैं लेकिन कुछ लोग घबरा जाते है या जिंदगी की परेशानियों से हार जाते हैं तब उनके मन में जिंदगी को समाप्त करने के बुरे-बुरे ख्याल आते हैं। ऐसे समय पर मेडिटेशन सबसे अच्छी प्रक्रिया है क्यों कि मेडिटेशन की प्रक्रिया में मन सिर्फ मन न रहकर आत्म स्वरुप हो जाता है। आत्मा से यहाँ तात्पर्य है पूर्ण ज्ञान की जाग्रति होना और सम्पूर्ण इच्छाओं की पूर्ति होना।

अलग-अलग लोगों की अलग-अलग परेशानियों की तरह मेडिटेशन या ध्यान के वैसे तो कई प्रकार होते हैं लेकिन मुख्य रूप से ध्यान के दो ही प्रकार हैं। मानसिक अवगत ध्यान और एकाग्रता ध्यान यही दोनों ध्यान के मुख्य प्रकार हैं। चलिए आपको दोनों प्रकारों के बारे में थोड़ा विस्तारपूर्वक बताते हैं।

 

1. मानसिक अवगत ध्यान

इस प्रकार के ध्यान में व्यक्ति मन में उत्पन्न होने वाले विचारों को बिना किसी प्रतिक्रिया से देखता है। इस क्रिया में विचारों को ना तो अच्छे और ना ही बुरे रूप में किया जाता है जिसकी वजह से विचार स्वतः ही शांत हो जाते हैं एवं मन को प्राकृतिक शांति की अनुभूति होती है।

मानसिक अवगत ध्यान के प्रकार –

मानसिक अवगत विचार के भी कुछ प्रकार होते हैं जिनको विपश्यना ध्यान, गहरी श्वांश ध्यान और बॉडी स्कैन यानि योगनिद्रा ध्यान के नाम से जाना जाता है।

 

2. एकाग्रता ध्यान

जब हम मन को मन के ऊपर ही एकाग्र करते हैं तो उसको एकाग्र ध्यान कहा जाता है। इस ध्यान को करने से व्यक्ति के मन में उत्पन्न होने वाले विचार और विकार धीरे-धीरे शांत होने लगते हैं जिसकी वजह से व्यक्ति को आत्मिक शांति का आभास होता है।

एकाग्रता ध्यान के प्रकार –

एकाग्रता एक महत्पूर्ण मेडिटेशन है जिसको कई प्रकारों में बांटा गया है। अतः एकाग्रता ध्यान के प्रकारों को भावातीत मेडिटेशन, झेन मेडिटेशन, ॐ मेडिटेशन, चक्र मेडिटेशन, प्रेक्षा या प्रेच्छा मेडिटेशन भी कहा जाता है।

 

मेडिटेशन करने से पहले ये बातें ध्यान में रखें | Things to remember before doing Meditation

dhyan in hindi

 

1. मेडिटेशन करने का सही समय

मेडिटेशन करने के लिए शांत और अनुकूल वातावरण का होना बेहद जरुरी है। यदि आपके आस-पास शोर शराबा या अन्य कई तरह की आवाजें हो रही हैं तो यह क्रियाएँ व्यक्ति के मेडिटेशन में बाधा उत्पन्न करती हैं इसलिए हमारे ऋषि मुनियों और वैज्ञानिक शोधों के मुताबिक मेडिटेशन करने का सर्वश्रेष्ठ समय प्रातः 4 बजे से 6 बजे तक का बताया गया है। इसके आलावा आप अपनी सुविधानुसार किसी भी समय मेडिटेशन कर सकते हैं।

 

2. मेडिटेशन कितनी बार किया जाए

मेडिटेशन दिन में एक या दो बार आप कर सकते हैं। अक्सर आपने लोगों को कहते सुना होगा कि मेडिटेशन केवल सुबह के समय ही किया जाता है लेकिन ऐसा नहीं है। मेडिटेशन को सुबह और शाम दोनों समय किया जाता है। सुबह के समय meditation करने से शरीर को ऊर्जा तो मिलती ही है साथ ही बुरे विचारों से मुक्ति भी मिलती है जबकि शाम के समय मेडिटेशन करने से दिनभर के तनाव से युक्त विचारों और विकारों से छुटकारा मिलता है।

 

3. मेडिटेशन करने का सही स्थान

ध्यान लगाने के लिए सही स्थान का चुनाव करना बेहद जरुरी होता है अर्थात मेडिटेशन करने के लिए एक निश्चित और सही स्थान का चुनाव करना चाहिए। जरूरी है कि जिस स्थान पर आप मेडिटेशन कर रहे हैं वह स्थान स्वच्छ, शांत और हर तरह के विघ्न से रहित होना चाहिए।

 

4. मेडिटेशन करने के लिए सही आसन

मेडिटेशन का लाभ तभी लिया जा सकता है जब आप इसे करने के लिए सही मुद्रा में बैठे हों। कई लोग मेडिटेशन तो करते हैं लेकिन उनको इसे करते वक्त किस प्रकार से बैठा जाये इसका ज्ञान नहीं होता है। तो बता दें कि मेडिटेशन को आप जमीन पर बैठकर करें तो बेहतर है। यदि आप मेडिटेशन पलंग या सोफा पर बैठकर करना चाहते हैं तो कर सकते हैं परन्तु सुनिश्चित करें कि आप जिस स्थान पर बैठ रहे हैं वह आपके लिए आराम दायक होना चाहिए जिससे मेडिटेशन करते वक्त आपको कोई विघ्न न हो।

इसके अलावा बता दें मेडिटेशन करने के कई आसन होते हैं लेकिन सबसे सहज और सरल कोई आसन है तो वो सुखासन और पदमासन है। यह दोनों ऐसे आसन हैं जिनको बच्चे और बूढ़े सभी कर सकते हैं।

 

5. मेडिटेशन के लिए शरीर की शुद्धि है आवकश्यक

मन की शांति के लिए सर्वप्रथम शरीर की शुद्धि करना आवश्यक है अतः शौंच क्रिया करके ही मेडिटेशन करना लाभप्रद होता है। यदि आप आपने शरीर को ताजगी देना चाहते हैं तो स्नान के पश्चात मेडिटेशन कर सकते हैं।

 

मेडिटेशन करने की विधि | How to do Meditation in Hindi

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प्रत्येक आसन के कुछ नियम और विधियां होती हैं जिसके द्वारा ही यौगिक क्रियाओं को किया जाता है। बता दें आप किसी भी यौगिक क्रिया का लाभ तभी ले सकते हैं जब उसको सही तरीके से किया जाए। मेडिटेशन करने की भी कुछ विधि है जो आपको ध्यान में रखनी होगी अगर आप ऐसा नहीं करेंगे तो आपको meditation का पूर्णतः लाभ नहीं मिल पायेगा। तो चलिए जानते हैं मेडिटेशन करने की सही विधि।

 

1. मेडिटेशन के लिए इस मुद्रा में बैठें | Sit in this pose for Meditation

एक्सरसाइज मैट जमीन पर बिछाकर कमर को सीधी करके सुखासन या पदमासन मुद्रा में बैठ जाएँ। गर्दन सीधी और आँखों को बंद करें। प्रारम्भ में मन इधर-उधर भटकता है इसको रोकने के लिए या मन को शांत करने के लिए केवल एक किसी भी विचार पर मन को केंद्रित करें।

 

2. ध्यान को इस तरीके से करें केंद्रित | Focus in this way while doing Meditation

मानव मन अत्यधिक चंचल होता है इसलिए एक जगह उसको केंद्रित रखना मुश्किल होता है। यदि आप ध्यान या मेडिटेशन कर रहें हैं तो उस समय आप ओम या अन्य किसी जाप पर अपना ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। इसके आलावा यदि आप संगीत के शौकीन हैं तो अपने साउंड में प्राकृतिक संगीत लगाकर मेडिटेशन पर फोकस कर सकते हैं।

 

3. मेडिटेशन के लिए श्वास की गति | Breathing speed should be normal in Meditation

मेडिटेशन करते समय श्वांस की गति ना तो अत्यधिक तेज होना चाहिए और ना अधिक धीमी होना चाहिए। मेडिटेशन करते समय श्वास की गति हमेशा सामान्य होनी चाहिए। श्वास की तेज और धीमी गति के कारण ध्यान भटक जाता है।

 

4. मानसिक रूप से मंत्र जाप करना | Chant mentally in Meditation

अपने मन को आज्ञाचक्र यानि दोनों भोंओं के मध्य में टिकना जरुरी होता है। अब मानसिक रूप से मंत्र जाप करना चाहिए और दो मंत्रों के अंतराल में मन को स्थिर रखना चाहिए। कुछ समय पश्चात फिर से ऐसा करने से आज्ञाचक्र पर प्रकाश पुंज दिखाई देने लगता है। यदि ध्यान करते समय आज्ञाचक्र पर अपने इष्टदेव की मूर्ति दिखाई देने लगे तो उसी का मन में ध्यान करना चाहिए।

 

5. मेडिटेशन का अंतिम चरण | Final stage of Meditation

सतत अभ्यास से प्रकाश पुंज या अपना जिस भी किसी बिंदु पर ध्यान केंद्रित किया है वह स्वतः गायब होने लगती है तथा मन अवनी दिशा में पहुंचने लगता है। जब मन अवनी दिशा में पहुंच जाता है तो व्यक्ति को शांति और आनंद की अनुभूत होती है। मेडिटेशन पूर्ण होने के बाद अपनी आँखों को धीमी गति से मुस्कुराते हुए खोलें।

 

मेडिटेशन से होने वाले फायदे | Benefits of Meditation in Hindi

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शारीरिक और मानसिक शांति पाने के लिए व्यक्ति यहाँ वहाँ भटकता रहता है जबकि शांति स्वयं व्यक्ति के पास में ही होती है उस शांति का नाम ही मेडिटेशन है। शोधकर्ताओं के मुताबिक मेडिटेशन करने के कई फायदे होते हैं। मेडिटेशन करने से व्यक्ति कई तरह के शारीरिक विकारों से निजात पा सकता है। तो आइये जानते हैं मेडिटेशन करने से आखिर कौन से लाभ होते हैं।

 

1. हार्ट अटैक में है फायदेमंद

हार्ट अटैक मुख्य रूप से अत्यधिक तनाव के कारण ही आता है। तनाव की वजह से ब्लड प्रेशर हाई हो जाता है जिसकी वजह से व्यक्ति को हार्ट अटैक आ जाता है। मेडिटेशन करने से शरीर तनाव से मुक्त हो जाता है जिसकी वजह से हार्ट अटैक की सम्भावना कम हो जाती है।

 

2. याददाश्त बढ़ाने में है फायदेमंद

मेडिटेशन मस्तिष्क को स्वस्थ बनाने का कार्य करता है जब व्यक्ति का मन स्थिर नहीं होता है तो इसका सीधा प्रभाव मनुष्य के मष्तिष्क पर पड़ता है। जिसकी वजह से उसकी याददाश्त कमजोर होने लगती है। मेडिटेशन के द्वारा व्यक्ति में एकाग्रता का विकास होता है एवं धीरे-धीरे मनुष्य की याददाश्त बढ़ने लगती है।

 

3. तनाव से मुक्ति दिलाता है मेडिटेशन

तनाव के कारण एक नहीं बल्कि कई बीमारियां होती हैं जैसे मोटापा, मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर, त्वचा सम्बंधित रोग आदि। मेडिटेशन मस्तिष्क की सभी क्रियाओं को शांत करके व्यक्ति को तनाव मुक्त होने में मदद करता है।

 

4. आत्मविश्वाश जाग्रत करने में फायदेमंद है मेडिटेशन

मेडिटेशन गलत विचारों से छुटकारा दिलाकर आत्मानुभूति करवाता है जिससे व्यक्ति को स्वयं को समझने और पहचानने का मौका मिलता है। मेडिटेशन के माध्यम से व्यक्ति को अपनी क्षमताओं का ज्ञान होता है एवं कार्य करने के प्रति आत्मविश्वास की भावना जाग्रत होती है।

 

5. माइग्रेन में लाभदायक है मेडिटेशन

मेडिटेशन करने से मष्तिष्क के सेल्स सक्रिय और मजबूत बनते हैं जिससे सिरदर्द, मांसपेशियों में खिचाव और तनाव से छुटकारा मिलता है। मेडिटेशन करने से मस्तिष्क निर्मल और शांत बनता है जो माइग्रेन रोग में राहत पहुंचाता है।

 

6. मस्तिष्क बनता है सक्रीय

मेडिटेशन करने से मस्तिष्क की कोशिकायें एक्टिव हो जाती हैं जिसकी वजह से दिमाग की सोचने और समझने की क्षमता बढ़ जाती है। मेडिटेशन करने से मस्तिष्क तेज गति से कार्य करने लगता है।

 

7. गुस्सा को कम करता है मेडिटेशन

कई लोगों को बात-बात पर गुस्सा आता है। अतः जिन लोगों को अधिक गुस्सा आता है उनके लिए मेडिटेशन गुस्सा पर कंट्रोल करने का सबसे बेहतरीन विकल्प है। मेडिटेशन करने से शरीर में कुछ ऐसे हार्मोस का स्त्राव होता है जो मनुष्य को खुशी का अहसास दिलाते हैं और गुस्से को कम करते हैं।

 

8. अनिद्रा से छुटकारा दिलाने में कारगर है मेडिटेशन

नींद अधिक आना या नींद का नहीं आना दोनों ही अनिद्रा के लक्षण होते हैं। यदि किसी व्यक्ति को अनिद्रा की शिकायत है तो मेडिटेशन उनके लिए रामबाण इलाज है। मेडिटेशन एक ऐसी क्रिया है जिसको करने से अनिद्रा की बीमारी से कुछ ही समय में छुटकारा मिल जाता है।

 

मेडिटेशन से होने वाले नुकसान | Disadvantages of Meditation in Hindi

मेडिटेशन करने से किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं होता है लेकिन कुछ व्यक्ति गलत धारणा बनाकर मेडिटेशन करते हैं तो उनको कुछ इस तरह के नुकसानों का सामना करना पड़ सकता है।

 

1. मेडिटेशन को डिप्रेशन का इलाज समझना

कुछ लोग मेडिटेशन को डेप्रेशन का इलाज समझने लगते हैं जिसकी वजह से उनको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बता दें की मेडिटेशन डिप्रेशन को कम करता है ना की उसका सम्पूर्ण इलाज करता है।

 

2. एकांतवादी बनना

कुछ लोग अत्यधिक समय तक मेडिटेशन करने की वजह से स्वयं को एकांतवादी बना लेते हैं।

 

3. दूसरी दुनिया की अनुभूति

कई बार लोग मेडिटेशन करते वक्त ऐसा अनुभव करने लगते हैं जैसे की वे दूसरी दुनिया में पहुँच गए हों।

 

तो दोस्तों ये थी मेडिटेशन (Meditation in hindi) से जुड़ी कुछ जानकारी। हम आशा करते हैं की आप मेडिटेशन के बारे में सब कुछ जान गए होंगे। अगर आपको हमारी यह जानकारी पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के बीच शेयर जरूर करें और ऐसी ही जानकारी पड़ते रहने के लिए हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें।
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