vajan badhane ke liye yoga

About Yoga for Weight Gain in Hindi : शरीर का अत्यधिक पतला होना या मोटा होना दोनों ही स्वास्थ की दृष्टि से हानिकारक होता है। जिस तरह अधिक मोटे होने से कई बीमारियां लग जाती हैं उसी तरह कम वजन होना भी कई शारीरिक परेशानियों का कारण बन जाता है। यही वजह है कि वर्तमान समय में जहाँ कुछ लोग वजन कम करने और अपने आप को फिट रखने की जददो जहद में लगे हुए हैं वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अपने कम वजन को बढ़ाने के लिए धरती आसमान एक करने को तैयार हैं। ऐसे में ये लोग अपने शरीर को हष्ट-पुष्ट बनाने के लिए खाते तो खूब हैं और आराम भी करते हैं परन्तु फिर भी वजन नहीं बढ़ता है।

जब अधिक खाने पीने से भी वजन नहीं बढ़ता है तो कई बार लोग बाजार से विभिन्न दवाइयां और पाउडर ले आते हैं जो मोटा होने का विश्वास दिलाते हैं। लोग इन दवा और पाउडर पर विश्वास करके जब उनका प्रयोग करते हैं तो नतीजा ये निकलता है कि जब तक वे यह दबाइयाँ लेते रहते हैं तब तक तो मोटे रहते हैं परन्तु जैसे ही उन दवाइयों को बंद कर देते हैं वैसे ही उनका शरीर दोबारा पतला हो जाता है। बता दें कि ये दवाइयां आपके शरीर पर हानिकारक प्रभाव डालती हैं। इन दवाइयों के अधिक सेवन से कभी-कभी किडनी भी ख़राब हो जाती है।

तो अगर आप भी वजन बढ़ाने के लिए अनेक उपाय करते हैं लेकिन फिर भी आपका वजन नहीं बढ़ रहा है तो ऐसे में हम बता दें कि मोटा होने के लिए और vajan badhane ke liye yoga सबसे अच्छा साधन है। योग वह सब कर सकता है जो कोई नहीं कर सकता। योगा मोटे व्यक्ति को दुबला और दुबले व्यक्ति को मोटा कर सकता है। यह एक ऐसा साधन है जिससे हमारे शरीर को कोई नुकसान नहीं पहुँचता हैं और हमें मोटा होने में भी मदद मिलती है। तो चलिए आज हम आपको वजन बढ़ाने के लिए कुछ योगासन बताते हैं। परन्तु वजन बढ़ने के योग को बताने से पहले आपको वजन कम होने का कारण जानना बेहद जरुरी है क्यूंकि यदि हम वजन कम होने का कारण जान जायेगें तो वजन को बढ़ाने में आसानी होगी। तो आइये जानते हैं वजन कम होने के कुछ कारण।

 

वजन कम होने का कारण | Causes of Underweight

कुछ लोग शरीर को हष्ट- पुष्ट बनाने के लिए खूब खाते हैं और आराम करते है लेकिन फिर भी वजन नहीं बढ़ता है। बता दें की वजन न बढ़ने का कारण शरीर को पोषक तत्वों का ना मिलना है। पोषक तत्वों के अभाव में व्यक्ति कमजोर हो जाता है। पोषक तत्वों की कमी के दो कारण होते हैं एक रोज के आहार में पोषक भोजन की कमी और दूसरा भोजन में से पोषक तत्वों को अवशोषित न करना। पोषक तत्वों की कमी से रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है जिससे जल्दी जल्दी बीमार होने लगते हैं। हालांकि कम वजन होने के और भी कई कारण हैं जैसे कि भूख न लगना, किसी बीमारी का होना, कुपोषण, आनुवंशिकता या गरीबी में पर्याप्त पोषक भोजन ना कर पाना आदि। शरीर को स्वस्थ बनाने और कमजोर होने के सभी कारणों से निजात पाने के लिए नियमित योगा करना और संतुलित आहार लेना बहुत जरुरी है। योगा करने से पहले योगा की पूरी जानकारी होना बहुत जरुरी है जिससे जल्दी से जल्दी फायदा मिल सके। तो चलिए जानते हैं योग से जुडी कुछ और जरूरी चीजें और योग के महत्त्व।

 

वजन बढ़ाने में योग का महत्व | How Yoga Helps to Gain Weight

योग भारतीय संस्कृति की महत्पूर्ण धरोहर हैं और भारत ने ही पूरे विश्व में योग का आधार स्तम्भ स्थापित किया है। योग का उदेशय शरीर, मन, आत्मा की शक्तियों का समन्यवय कर मानव जाति को स्वस्थ बनाना है। योग एक मानव-शास्त है। योग का अर्थ शरीर और मन की संतुलित अवस्था के साथ सात्विक आहार का सेवन है जिसके साथ ही मन और चेतना भी शुद्ध और प्रबल होती है। योग अभ्यास से शरीर के सभी तंत्र अन्तः स्त्रावी ग्रंथियों, शरीर का आधार मेरुदंड और मस्तिष्क की कार्यक्षमता का विकास होता है इसके साथ ही शारीरिक और मानसिक ऊर्जा में भी वृद्धि होती है।

 

वजन बढ़ाने के लिए करें ये योगासन | Vajan Badhane Ke Liye Yoga

अगर आप भी वजन बढ़ाना चाहते हैं तो इन योग को नियमित रूप से करें। आईये डालते हैं एक नजर इन योगासनों पर।

 

1. वज्रासन | Vajrasana in hindi

vajrasana

इस आसन को करने से जंघाए वज्र् के सामान हो जाती हैं इसलिए इसको वज्रासन कहते हैं। यह एक मात्र ऐसा आसन हैं जिसको खाना खाने के बाद भी कर सकते हैं। यह आसन किसी भी समय किया जा सकता है इसको करने से हमारा मेटाबोलिजम सिस्टम ठीक रहता है। अगर आप दुबलेपन के शिकार हैं तो मोटा होने के लिए इसकी मदद ले सकते हैं। इसकी यौगिक क्रियाएँ आपकी भूख को तेजी से बढ़ाती हैं जिसके कारण बॉडी में मॉस बढ़ता है और शरीर मोटा होता है।

वज्रासन करने की विधि:

दोनों पैरो को मोड़कर पीछे की ओर ले जाकर उनके ऊपर बैठ जायें।
कमर को सीधा रखें।
दोनों हाथ घुटनो पर रखें।
सामने देखें अथवा आँखे बंद रखें।
पांच मिनिट तक ऐसे ही रहें।

लाभ – वज्रासन को करने से भोजन जल्दी पचता है व पाचन क्रिया ठीक रहती है।

 

2. उत्तानमंडुकासन | Vajan Badhane Ke Liye Uttana mandukasana

इस आसन की स्थिति मेडक की भांति होने के करण इसको अपराइट फ्रॉग भी कहते हैं। इस आसान को करने के लिए सबसे पहले वज्रासन की स्थिति में बैठ जायें। इसके बाद दोनों घुटनो को फैलाकर अपने पैरों के अंगूठो को मिलाएं। अब अपना दाहिना हाथ सिर के ऊपर से पीछे की ओर मोड़कर हथेली बांये कंधे के पीछे लगाएँ इसी प्रकार बायां हाथ मोड़कर हथेली दाहिने कंधे के पीछे लगाएँ अर्थात सीधा हाथ को उल्टे हाथ के कंधे के पीछे रखें। इसको करने से मांसपेशियों में खिचाव होता है जिनसे मांसपेशियों का तनाव कम होता है।

 

3. शवासन | Savasana Yoga for Weight Gain in Hindi

इस आसन की स्थिति शव की भांति होती है, इसलिए इसको शवासन कहते हैं। यह एक विश्राम कारक आसन माना जाता है। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जायें और दोनों पैरों के बीच लगभग एक फिट की दूरी रखें। हाथों को जमीन से सटाकर रखें। हथेलियों को आसमान की ओर व अंगुलियां हल्की मुड़ी हुई और आँखे बंद रखें।

लाभ- इसको करने से थकावट दूर होती है, रक्तचाप बढ़ता है, ह्रदय के रोगों में लाभकारी होता है।

 

4. मत्स्यासन | Vajan Badhane Ke Liye Matsyasana Yoga

मत्स्य आसन को हिंदी में मछली आसन भी कहा जाता है। इस आसन को करने में इसकी मुद्रा मछली के आकार के सामान बनती है इसलिए इसको मत्स्यासन कहते हैं। इंग्लिश में इसको फिश योगा पोज़ के नाम से भी जाना जाता है। यह आसन थाइराइड ग्रंथि सहित कई बिमारियों को दूर करने का काम करता है। इसको करने से पेट की मासपेशियां मजबूत बनती है जिससे शरीर मोटा होता है।

मत्स्यासन करने की विधि

सबसे पहले पद्मासन में बैठ जायें, अब धीरे धीरे झुकते हुए पीठ के बल लेट जायें। पैरों को हाथ से पकड़ें अब साँस को लेते हुए सिर को पीछे ले जायें।

 

5. भुजंगासन | Bhujangasana in hindi

इस आसन की आकृति फन उठाये सांप की तरह होती है इसलिए इसको भुजंग आसन कहते हैं। भुजंगासन भी वजन बढ़ने में फायदेमंद साबित हो सकता है। मोटा होना अगर आप चाहते हैं तो इस आसान को नियमित रूप से करें।

भुजंगासन को करने की विधि

जमीन पर पेट के बल लेट जायें।
दोनों पैर को सीधा रखें व हाथों को पैर के पास में।
सिर को उठाते हुए सामने की ओर देखें।

लाभ – इस आसान को करने से वायुदोष दूर होता हैं, दमा रोग को नियंत्रण में रखता हैं।

 

6. धनुरासन | Dhanurasana Yoga for Weight Gain in Hindi

यह पेट के बल किया जाने वाला एक प्रभावी आसन है। इस आसन को करने से कब्ज दूर करने में मदद मिलती है। इस आसन को करने से थाइराइड की समस्या से भी छुटकारा मिलता है। शरीर में प्रोटीन तत्वों के अवशोषण के लिए आपको ये आसन नियमित करना चाहिए।

धनुरासन को करने की विधि

पेट के बल लेट जायें।
घुटनों को मोड़ते हुए अपने हाथों से पैर के पंजो को पकड़ें।
सांस लेते हुए अपने सिर, छाती, जांघ को ऊपर की ओर उठायें।
शरीर का आकार एक धनुष के जैसा लगना चाहिए।
धीरे -धीरे सांस लें व छोड़ें।

लाभ – इस आसान को करने से आपकी सभी मांसपेशियों में तनाव कम होगा तथा शरीर स्वस्थ रहेगा।

 

7. पवनमुक्तासन | Vajan Badhane Ke Liye Pawanmuktasana Yoga

बजन बढ़ाने के लिए यह आसान काफी लाभ दायक है। यह आसान पांचन तंत्र में एकत्रित वायु या गैस को बाहर निकलने में मदद करता है। यह आसान भोजन को ठीक से पचाने के साथ-साथ पांचन क्रिया को बेहतर बनाने में भी मदद करता है जिससे स्वास्थ अच्छा रहता है। नियमित इसके उपयोग से बजन बढ़ाने में मदद मिलती है।

पवनमुक्तासन करने की सरल विधि

सबसे पहले जमीन पर सीधे लेट जाएँ।
अब सांस को लेते हुए दोनों घुटनों को मोड़ें और छाती के पास लेकर आएं।
इसके बाद घुटनों को दोनों हाथों से पकड़ें।
सिर को थोड़ा सा ऊपर उठायें और नाक को घुटनो के बीच में लेकर आएं।
इस अवस्था में कुछ समय के लिए रहें।
सांस को छोड़ते हुए हाथ पैर व सिर को प्रारंभिक अवस्था में लेकर आएं।
इस आसान को करते समय सांस को अंदर बाहर करते रहें।

लाभ – इस आसान को करने से पांचन ठीक रहता है और गैस की समस्या से छुटकारा मिल जाता है।

 

8. चक्रासन | Chakrasana in hindi

chakrasan

पीठ के बल किया जाने बाला यह आसान पांचन तंत्र को मजबूत करता है। जिससे खाने के पोषण तत्व शरीर को ठीक से मिलते हैं। इस आसान के और भी कई फायदे हैं। यह पांचन तंत्र को तो दुरुस्त रखता ही है साथ ही भोजन को ग्रहण करने और निकलने की क्रिया को भी सुचारु रूप से चलाने में मदद करता है।

चक्रासन करने की विधि

सबसे पहले पीठ के बल सीधे लेट जाएँ।
अब दोनों पैरों को घुटनों से मोड़ें और दोनों हाथों को सिर के ऊपर की ओर लेकर जाएँ।
अब हथेलियों को जमीन से सटाते हुए हाथ की कोनियो को मोड़ लें।
अब गहरी सांस लेते हुए आराम से सिर को उठाते हुए पीठ को मोड़ें।
दोनों हाथ व दोनों पैर को खींच कर रखें।
सांस को धीरे-धीरे अंदर बाहर करते रहें।

लाभ – यह आसान रक्त शुद्ध कर मेटाबॉलिज्म को ठीक रखता है और शरीर को लचीला बनाता है।

 

9. सर्वांगासन | Sarvangasana Yoga for Weight Gain in Hindi

sarvangasana yoga

यह आसान वजन बढ़ाने के लिए बेहतर आसान है। इसको करने से शरीर में रक्त का प्रवाह अच्छा होता है। शरीर के सभी अंगों में रक्त का प्रवाह ठीक से होने से सभी अंगों का पोषण अच्छा होता है ओर वजन बढ़ाने में मदद मिलती है।

सर्वांगासन करने की विधि

सबसे पहले जमीन पर आसमान की तरफ मुँह करके लेट जाएँ।
अब दोनों पैरों को उठाते हुए ऊपर की ओर 90 डिग्री तक ले जाएँ।
दोनों हाथों से कूल्हों को सहारा देते हुए शरीर को इस प्रकार उठाये की आपकी दाढ़ी आपकी छाती को स्पर्श करें।
इस अवस्था में कुछ समय के लिए रुकें फिर प्रारंभिक अवस्था में आ जाएँ।

लाभ – इस आसान को करने से ऑक्सीजन लेबल सही रहता है। शरीर के सभी अंग पोषित होते हैं।

 

10. सूर्यनमस्कार योगा | Surya Namaskar in hindi

soorya namaskar yoga

सूर्यनमस्कार के बारे में मान्यता है कि इसमें सूर्य भगवान को नमस्कार किया जाता है। सूर्यनमस्कार को आसनों का समूह कहा जाता है। इसमें 12 आसन होते हैं। इसके 12 आसन मनुष्य के पाचनतंत्र, ह्रदय तंत्र व मासपेशियों को सवस्थ रखने का काम करता है। जिससे जिन व्यक्तियों को भूख नहीं लगती उनको इस आसन का अभ्यास करने से भूख लगने लगती है। अगर किसी व्यक्ति को मोटा होना है तो वह ये आसन कर सकता है।

आइये करते है सूर्यनमस्कार के 12 आसान स्टेप बाई स्टेप-

1. प्रणाम आसन – सूर्यनमस्कार का यह पहला आसन हैं। जिसको प्रार्थना की मुद्रा में रहकर किया जाता है। इसको करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाइये और पूरे शरीर को शिथिल छोड़ दीजिये। श्वांस को सामान्य रखिये और दोनों हाथो की हथलियों को नमस्कार की मुद्रा में मिलाइये।

2. हस्त उत्तानासन – दोनों भुजाओं को सिर के ऊपर उठाइये। कंधो के दूरी के बराबर दोनों भुजाओं में फासला रखिये। भुजाओं को उठाते हुए श्वांस लीजिये। धड़ को यथा सकती पीछे ले जाइये, इस आसन को करने से पाचनतंत्र में सुधार होता है।

3. पादहस्तासन – अपनी दोनों भुजाओ को आगे की ओर लेकर आयें अब दोनों हाथों अथवा भुजाओं को जामीन से लगाएं, याद रहे इस आसान को करते समय घुटने नहीं मुड़ना चाहिए ये आसन कब्ज दूर करता है, मेरुदंड को मजबूत बनाता है साथ ही रक्त-संचार में तेजी लाता है जो मोटा होने में मदद करता है।

4. अश्व संचालन आसन – बाएं पैर को जितना हो सके पीछे की ओर फैलाइए। बांये घुटने को भूमि पर टिकाते हुये पादपृष्ठ भाग को भूमि से स्पर्श कराइये। दांये पैर को घुटने से मोड़िये, दायी जंघा को पिंडली के पास रखिये। शरीर का भार दोनों हाथों और बांये पैर पर होना चाहिए। अंतिम स्थिति में सिर को पीछे उठाइये, कमर को धनुष के आकर में बनाइये और द्रष्टी ऊपर की और रखिये। इसको करने से अंदर के अंग क्रियाशील बनते हैं।

5. दंडासन – बांये पैर के पंजे को सीधा करते हुए दांये पैर को पीछे ले जाकर बांये पंजे के पास रखिये। कमर को ऊपर उठाइये और सिर को हाथों के बीच में लाइए। अंतिम स्थिति में पैर और हाथ को सीधा रखें। इस आसान को करने से मेरुदंड लचीला बनता है। साथ ही मेरुदंड के स्नायु के दबाब को सामान्य रखता है व शुद्ध रक्त -संचार करने में सहायक है।

6. अष्टांग नमस्कार – पेट के बल लेट जाएँ, पैर को सीधा रखें व हाथों को छाती के पास में लेकर आयें। सिर को थोड़ा ऊपर उठायें, यह आसन हाथों की मांसपेशियों को शक्ति प्रदान करता है।

7. भुजंगा आसन – हाथों को सीधा रखते हुए शरीर को कमर से ऊपर उठाइये। सिर को पीछे की ओर ले जाइये। यह आसन आमाशय के अंगो में जमे रक्त को हटाकर शुद्ध रक्त संचार को बढ़ाता है। यह पेट के सभी रोगों को दूर करने में सहायक होता है।

8. पर्वत आसन – दोनों हाथो को जमीन से लगाएं। कमर को ऊपर की ओर उठाते हुए पर्वत का आकर बनायें। इस आसान को करने से मांसपेशियों में मजबूती आती है।

9. अश्व संचानासन – बांये पैर को दोनों हथेलियों के बीच में रखें। इसके साथ ही अपने दांये पैर को भी मोड़िये लेकिन पंजा अपने स्थान पर ही रहे। दाहिने पैर को यथाशक्ति पीछे की ओर ले जाइये। अपने शरीर का भार दोनों हाथों व अपने पैर पर डालें। इसको करने से पैरों की मांसपेशियों को शक्ति मिलती है।

10. पादहस्तासन – सामने की ओर अपने दोनों हाथों को लेकर जमीन से लगाइये तथा अपने सिर को घुटने से लगाइये। दोनों पैरों को सीधा रखिये यह आसन पेट सम्बन्धी सभी रोगों को ख़त्म करता है। कमर को लचीला बनाता है, रीड स्नायुओं के दवाव को सामान्य बनाता है जिससे आपको मोटा होने में मदद मिलती है।

11. हस्त उत्तानासन – खड़े होते हुए भुजाओं को सिर के ऊपर से पीछे की ओर ले जाइये। दोनों हाथों में बराबर की दूरी रखिये। सिर को भी पीछे की ओर ले जाइये, इसको करने से तनाव कम होता है जो की दुबला होने का एक अहम कारण माना जाता है।

12. प्रणाम आसन – प्राथना की मुद्रा में पंजो को मिलाकर सीधे खड़े हो जायें। शरीर को शिथिल छोड़ दीजिये। इस आसन को करने से शांति मिलती है व एकाग्रता बढ़ती है।

नोट: ऊपर बताये गए सभी आसान वजन बढ़ाने के लिए बड़े फायदेमंद हैं परन्तु इनके साथ-साथ अच्छी डाइट (पोषक आहार) लेना अति आवश्यक है।

 

योग करने के फायदे | Benefits of Yoga for Weight Gain in Hindi

योग करने के कई फायदे हैं जो की इस प्रकार हैं-

  • योगा करने से हम हष्ट-पुष्ट स्वस्थ और सुन्दर दिखते हैं।
  • योगा ऐसी क्रिया है जो हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा कर हमें बिमारियों से लड़ने की शक्ति देता है।
  • योगा करने से हमे कोई भी बीमारी नहीं होती और न ही यह हमारे शरीर पर विपरीत प्रभाव डालता है बल्कि यह हमें चुस्त व लचीला बनाता है।
  • योगा करने से लीवर ठीक से काम करता है जिससे हमारी पाचन क्रिया अच्छी होती है। जब पाचन क्रिया अच्छी होती है तभी हम भोजन को पचा पाते हैं अर्थात भोजन से पोषक तत्व हमारे शरीर में मिल पाते है।
  • योगा से हमारा शरीर ही नहीं दिमाग भी स्वस्थ बनता है।
  • योगा के और भी कई लाभ है जैसे त्वचा का ग्लो करना, बालों का लम्बा व काला होना, आखों की रौशनी का तेज होना, याददाश्त तेज होना, माशपेशियों का स्वस्थ रहना, रीड की हड्डी का सीधा रहना आदि।

 

तो दोस्तों ये थे कुछ योगासन जो वजन बढ़ाने में बड़े मददगार हैं। हम आशा करते हैं कि आपको ये योगासन (vajan badhane ke liye yoga) समझ आ गए होंगे। अगर आपको हमारी यह जानकारी पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के बीच शेयर जरूर करें और ऐसी ही जानकारी पड़ते रहने के लिए हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें।
हमसे जुड़े रहने के लिए पास में दिए घंटी के बटन को दबा कर ऊपर आये नोटिफिकेशन पर Allow का बटन दबा दें जिससे की आप अन्य खबरों का लुफ्त भी उठा पाएं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here