apricot in hindi

About Apricot in Hindi: हमारे आयुर्वेदिक आचार्यो ने कुछ ऐसे विशिष्ठ और लाभकारी फलों की खोज की है जिनमें अनेक प्रकार के औषधिय गुण पाए जाते हैं। एप्रीकॉट (Apricot) भी ऐसे ही औषधियों गुणों से भरपूर फल है। एप्रिकॉट जिसे आमतौर पर खुबानी के नाम से जाना जाता है। यह एक बीज युक्त फल है जो बेर के जैसा दिखाई देता है। यह फल जितना छोटा है इसके फायदे उतने ही बड़े हैं। लगभग 3000 वर्ष पुराना यह फल अपने औषधिय गुणों के कारण सम्पूर्ण विश्व में अपना नाम अंकित कर चुका है।

Apricot की गुठली में बादाम की तरह एक बीज निकलता है जिसका उपयोग मेवे के रूप में किया जाता है। इस स्वादिष्ट सुगन्धित फल का इस्तेमाल आपने salad और breakfast के रूप में अवश्य किया होगा लेकिन आपने कभी यह विचार नहीं किया होगा कि जिस फल का सेवन आप कर रहे हैं वह फल आपके लिए कितना फायदेमंद है और इस फल के आपके लिए कौन-कौन से फायदे हैं। इसलिए दोस्तों आज के लेख में हम आपको एप्रिकॉट के फायदों और एप्रिकॉट से सम्बंधित अन्य महत्पूर्ण जानकारी के बारे में विस्तार से बताने वाले हैं।

 

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एप्रिकॉट क्या है और कैसा दिखता है | What is Apricot in Hindi

एप्रिकॉट (खुबानी) का फल आड़ू या बेर की भाँति दिखता है। एप्रिकॉट के फल का रंग हल्का पीला, लाल या नारंगी रंग का होता है। एप्रिकॉट के फल की त्वचा चिकनी तथा छोटे-छोटे रोम युक्त मखमली होती है। इस खास फल का स्वाद हल्का खट्टा-मीठा होता है किन्तु कभी-कभी इस फल का स्वाद तीखा भी लगता है। एप्रिकॉट की तासीर गर्म होती है इसलिए इसका उपयोग ठंडो में अधिक किया जाता है।


एप्रिकॉट के पौधे की बात करें तो यह पौधा वस्तुतः छोटा और आकर्षित होता है। यह 8 से 10 मीटर लम्बा होता है तथा इसकी पत्तीयों की लम्बाई 5 से 9 सेमी अंडाकार होती है। एप्रिकॉट के पौधे में गुच्छेदार फूल लगते हैं जो की सफ़ेद गुलाबी रंग के होते हैं।

 

एप्रिकॉट की उत्पत्ति सर्वप्रथम कहाँ हुई | Where did the Apricot found

एप्रिकॉट की उत्पत्ति के बारे में काफी विवादित वर्णन सामने आये हैं। प्राचीन काल में आर्मेनिया में लम्बे समय तक एप्रिकॉट की खेती की गई थी इसलिए एप्रिकॉट की उत्पत्ति का श्रेय आर्मेनिया को दिया गया है। आर्मेनिया के गार्नी क्षेत्र में पुरातात्विक विभाग द्वारा खुदाई करने पर एप्रिकॉट के भी बीज मिले थे इसलिए एप्रिकॉट का वैज्ञानिक नाम प्रूनस आर्मेनियाका (अर्मेनियाई बेर) रखा गया है। लेकिन कुछ विदेशी वैज्ञानिको का मनाना है कि एप्रीकॉट की उत्पति चीन में हुई थी तथा एप्रीकॉट का मूल केंद्र चीन है। कुछ अन्य तत्वों से ज्ञात हुआ कि भारत में एप्रिकॉट की उत्पति 3000 ईसा पूर्व में हुई थी। इसी प्रकार ग्रीस, मिस्र, फारस, इंग्लैंड, तुर्की आदि देश एप्रिकॉट की उत्पति के बारे में अलग-अलग मत रखते हैं।

 

खुबानी का सर्वाधिक उत्पादन कहाँ होता है | Where is Apricot produced most

एप्रिकॉट अर्थात खुबानी आर्मेनिया का राष्ट्रीय फल है किन्तु विश्वभर में एप्रिकॉट का सर्वाधिक उत्पादन तुर्की में किया जाता है। तुर्की के पश्चात ईरान में एप्रिकॉट का उत्पादन सबसे अधिक किया जाता है। इसके आलावा यूरोप, मिस्र, चीन तथा भारत में एप्रिकॉट का उत्पादन किया जाता है। एप्रिकॉट भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में उगाया जाता है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, काश्मीर जैसे ठन्डे क्षेत्रों में एप्रिकॉट का उत्पादन अधिक होता है।

 

एप्रिकॉट के विभिन्न नाम | Some other names of Apricot

एप्रिकॉट को अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। आइये जानते हैं अन्य भाषाओं में एप्रिकॉट को किस प्रकार के नामों से जानते हैं।

हिंदी में एप्रिकॉट का नाम – खुबानी, जरदालू

उर्दू में एप्रिकॉट का नाम – खुबानी

अंग्रेजी में एप्रिकॉट का नाम – कौमन एप्रीकॉट

संस्कृत में एप्रिकॉट का नाम – उरुमाण

पंजाब में एप्रिकॉट का नाम – हरी, सरि

नेपाल में एप्रिकॉट का नाम – खुर्पानी

कश्मीर में एप्रिकॉट का नाम – चेरकिश, गरडालू

अरबी में एप्रिकॉट का नाम – किशानिश

 

खुबानी में पाए जाने वाले पोषक तत्व | Nutrients of Apricot in Hindi

एप्रिकॉट (खुबानी) अपने औषधिय गुणों के कारण ही विश्वभर में प्रसिद्ध हुआ एवं एप्रिकॉट की प्रसिद्धि का कारण है इसमें पाए जाने वाले खनिज, मिनरल्स, विटामिन्स व विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व। बता दें कि एप्रिकॉट में विटामिन ए , विटामिन बी, विटामिन सी, विटामिन ई, विटामिन के, प्रोटीन, तांबा (copper), कैल्शियम, विटामिन बी 6, मैग्नीशियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस, फाइबर, आयरन, सोडियम, कार्बोहाइड्रेट, वसा, नियासिन, कैलोरी, मैगनीज, जिंक, लोहा आदि तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इन सभी पोषक तत्वों की वजह से ही एप्रीकॉट को गुणों का भंडार कहा जाता है इसलिए इसका प्रयोग आयुर्वेद में भी औषधि के रूप में किया जाने लगा है।

 

एप्रिकॉट (खुबानी) के फायदे | Benefits of Apricot in Hindi

apricot benefits in hindi

अभी हमने एप्रिकॉट के बारे में जाना की यह क्या होता है, कैसा देखता है और इसमें क्या क्या गुण मौजूद हैं। चलिए अब आपको एप्रिकॉट के चमत्कारी फायदों से परिचित करवाते हैं।

 

1. एनीमिया की कमी को करे दूर

एनीमिया का सरल अर्थ है शरीर में खून की कमी का होना है। एनीमिया रोग किशोरावस्था और गर्वावस्था में सबसे ज्यादा पाया जाता है। बता दें कि खून की कमी के कारण महिलाओं की प्रसव के दौरान मृत्यु होने की संभावना सबसे अधिक होती है। शरीर में खून की कमी होने के कई कारण होते हैं लेकिन सबसे प्रमुख कारण लौह तत्व (Iron) की कमी और कैल्शियम की कमी का होना है।

लौह (Iron) और विटामिन ए तत्व युक्त चीजों का सेवन करने से एनीमिया रोग को ठीक किया जाता है। बता दें की एप्रिकॉट में लौह (Iron), विटामिन ए, तांबा जैसे पौष्टिक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो एनीमिया की कमी को दूर करने में सक्षम होते हैं। इसके आलावा एप्रिकॉट खून में मौजूद विषैले पदार्थों को भी नष्ट कर देता है। एप्रिकॉट खून को साफ़ और स्वच्छ बनाता है।

 

2. बढ़ते हुए मोटापे को करे कम

गलत खान-पान के कारण शरीर का वजन और चर्बी बढ़ जाती है जिसको कम करने के लिए हम कई तरह के योगा और व्यायम का सहारा लेते हैं। मोटापा कम करने के लिए चिकित्सक कम कैलोरी युक्त खाद पदार्थों का सेवन करने की सलाह देतें हैं क्योंकि शरीर में कैलोरी की मात्रा कम होने से वजन संतुलित हो जाता है। बता दें कि एप्रिकॉट में कैलोरी की मात्रा अत्यंत कम होती है जो मोटापे को कम करने के लिए बेहद लाभकारी है। साथ ही साथ एप्रिकॉट में पर्याप्त मात्रा में फाइबर पाया जाता है जो शरीर में होने वाले पानी के अवशोषण को बढ़ाता है। जब शरीर में पानी का लेवल बढ़ता है तो भूख कम लगती है। जिसकी वजह से बिना किसी दवाई या योग के शरीर का बड़ा हुआ मोटापा धीरे-धीरे कम हो जाता है।

 

3. आँखों की बीमारियों का करे समाधान

मानव का सबसे कीमती और नाजुक अंग आँख ही होती है। इसलिए इस कीमती अंग का ख़याल रखना बेहद जरुरी होता है। आँख का सबसे कोमल हिस्सा रेटिना होता है जिसकी मदद से हम दुनिया की सुंदरता को देख पाते हैं। आँख से सम्बंधित ज्यादातर बीमारियाँ रेटिना के खराब होने की वजह से होती हैं। वैज्ञानिक अनुसंधानों से ज्ञात हुआ है कि जरुरी विटामिन और पौष्टिक पोषक तत्व आँखों को सवस्थ बनाये रखते हैं।

वर्तमान समय में उम्र से पहले ही लोंगो को आँखों से संबंधित कई रोग होने लगे हैं जैसे कि आँखों की रौशनी कम होना, आँखों में सूजन होना, आँखों का जलन करना आदि समस्याएँ उत्पन्न होने लगी हैं। इन सभी समस्यों से बचने के विटामिन ई, विटामिन बी, विटामिन सी, कैरोडीनॉइड जैसे पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। आपको बात दें कि एप्रिकॉट में ये सभी पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं जो कि आँखों से सम्बंधित सभी समस्याओं को ठीक करने में सक्षम होते हैं।

 

4. मधुमेह के रोगी के लिए है लाभकारी

मधुमेह (diabetes) का रोग दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। मधुमेह को संतुलित करने के लिए कई प्रकार के भोज्य पदार्थों के सेवन पर पाबंदी लगा दी जाती है। एप्रिकॉट एक स्वादिष्ट फल है जिसमे फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट जैसे गुण पाए जाते हैं। यह गुणकारी तत्व शरीर में उपलब्ध अतिरिक्त शर्करा को बाहर निकालते हैं। जब शरीर के अंदर शक्कर का संतुलन सामान्य रहता है तो मधुमेह के रोगी को लाभ मिलता है। यदि आप मधुमेह रोग से बचना चाहते हैं तो आज से ही एप्रिकॉट के ताजी फल या सूखे मेवा का सेवन करना शुरू कर दीजिये।

 

5. अस्थमा रोगी के लिए है फायदेमंद

अस्थमा या दमा एक गंभीर रोग है जो श्वसन तंत्र या फेफड़ों से सम्बंधित है। इस बीमारी के कारण सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। यह बीमारी वातावरणीय प्रदूषण के कारण बच्चों से लेकर बूढ़ों तक तेजी से फ़ैल रही है। अस्थमा में सांस नली ब्लॉक हो जाती है जिसकी वजह से छोटी -छोटी सांस लेनी पड़ती हैं। यह समस्या जुखाम, वात, कफ के दौरान और अधिक बढ़ जाती है क्योंकि कफ से सांस की नली और सकरी हो जाती है।

आपको बता दें कि कभी-कभी अस्थमा के बढ़ने से व्यक्ति की मृत्यु भी हो जाती है। इसलिए इस भयंकर बीमारी का सावधानी के साथ ख्याल रखना अति आवश्यक है। अस्थमा के रोगियों के लिए एप्रीकॉट बड़ा फायदेमंद होता है बता दें की एप्रिकॉट में विटामिन सी अधिक मात्रा में पाया जाता है। विटामिन सी उच्च स्तर से होने वाली सांस लेने की तकलीफ को कम करता है। इसके अतरिक्त सांस लेने से संबंधित सर्दी, जुकाम, खांसी जैसे रोंगो को भी एप्रिकॉट ठीक करता है। इसलिए अस्थमा रोगी के लिए एप्रिकॉट का सेवन करना अत्यधिक फायदेमंद है।

 

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6. गर्भवती महिलाओं के लिए है फायदेमंद

गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक आहार का सेवन पर्याप्त मात्रा मे करना बेहद जरुरी है क्योंकि गर्भ में पल रहे शिशु का विकास माता के आहार पर ही निर्भर करता है। ज्यादातर देखा जाता है की
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में आयरन और कॉपर की कमी हो जाती है। इन तत्वों की कमी की वजह से गर्भ में पल रहे शिशु पर भी असर पड़ता है और शिशु का पूर्ण विकास नहीं हो पाता। इसी लिए गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर विविध आयरन, विटामिन, मिनिरल्स आदि पौष्टिक तत्वों का सेवन करने की सलाह देते हैं। इन सभी पोषक तत्वों को पाने का एप्रीकॉट बहुत ही अच्छा विकल्प है। एप्रिकॉट में आयरन और कॉपर तो भरपूर मात्रा में पाया ही जाता है इसके आलावा इसमें विभिन्न प्रकार के पौष्टिक खनिज और विटामिन्स भी पाए जाते हैं। अतः गर्भवती महिलाओं के लिए एप्रिकॉट का नियमित सेवन करना अत्यधिक फायदेमंद रहता है।

 

7. एप्रीकॉट से पाएं कब्ज से छुटकारा

पेट से सम्बंधित अनेक बीमारियों की जड़ खराब पाचन तंत्र होता है। बेहतर पाचन तंत्र के लिए शुद्ध एवं पौष्टिक आहार का सेवन करना जरुरी होता है। पेट से ही संबंधित रोग है कब्ज जिसकी वजह से गैस, पेट दर्द, आलस, चेहरे पर मुँहासे निकलना, भूख नहीं लगना आदि रोग उत्पन हो जाते हैं। बता दें कि कब्ज की बीमारी को ठीक करने में सबसे अधिक उपयोग फाइबर का किया जाता है। फाइबर के सेवन से पाचन तंत्र सुचारु रूप से कार्य करता है। एप्रिकॉट एक ऐसा फल है जिसमें फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो कि कब्ज को पूर्णतः ख़त्म कर देता है। यदि आपको कब्ज की समस्या है तो आज से ही एप्रीकॉट को खाना शुरू कर दीजिये।

 

8. हड्डियों को बनाये मजबूत

आज के समय में बुढ़ापे से पहले ही व्यक्ति की हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। हड्डियों के कमजोर होने से कई तरह की परेशानियां होने लगती हैं। हड्डियों को मजबूत बनाये रखने के लिए शरीर में कैल्शियम का पर्याप्त मात्रा में होना अति आवश्यक है। शरीर में कैल्शियम की कमी के कारण ही हड्डियाँ कमजोर हो जाती हैं। हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए कैल्शियम के अलावा फॉस्फोरस और सोडियम की भी जरुरत पड़ती है। बता दें की एप्रिकॉट में यह सभी तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। तो यदि आप सुबह नास्ते के रूप में एप्रिकॉट का सेवन प्रतिदिन करते हैं तो आपकी हड्डियाँ सालों-साल मजबूत बनी रहेगीं।

 

9. त्वचा को चमकाये एप्रिकॉट

एप्रिकॉट सिर्फ स्वास्थ सम्बन्धी ही नहीं त्वचा सम्बन्धी भी कई फायदे प्रदान करता है। एप्रीकॉट में विटामिन ई और विटामिन ए पाया जाता है। यह विटामिन शरीर की त्वचा को नवीनीकृत करते हैं। एप्रिकॉट का रोज सेवन करने से सम्पूर्ण शरीर गुलाब की तरह खिल उठता है। इसके अतरिक्त एप्रिकॉट में पाचन संबंधी गुण पाए जाते हैं जो कि चेहरे पर उत्पन्न होने वाली झुर्रियों, मुहासों, दाग-धब्बों को भी जड़ से खत्म करते हैं। इतना ही नहीं एप्रिकॉट का प्रतिदिन सेवन करने से त्वचा का रंग भी निखर जाता है।

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10. दिल को बनाये स्वस्थ

दिल को स्वस्थ बनाने के लिए खान-पान का ध्यान रखना बेहद जरुरी है क्योंकि गलत या अधिक तेल युक्त खान पान की बजह से शरीर में ख़राब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है। जिससे हार्ट अटेक जैसी खतरनाक बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। हार्ट के मरीजों को खाने पीने से सम्बन्धित काफी नियमों का पालन करना पड़ता है।
हार्ट के मरीजों के लिए एप्रीकॉट या खुबानी एक दोस्त की तरह होता है जो उनका बड़े ही प्यार से ख्याल रखता है। जी हाँ दोस्तों एप्रीकॉट फाइवर गुणों से समृद्ध होने के कारण शरीर में ख़राब कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित कर अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बनाने का काम करता है जिससे हार्ट संबंधी रोगों में आराम मिलता है। आपको बता दें कि एप्रीकॉट में पोटेशियम भी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है जो ह्रदय को स्वस्थ बनाने में सहायक होता है। अतः प्रतिदिन सूखे एप्रीकॉट फल का सेवन करने से हार्ट सम्बन्धी परेशानियों से मुक्ति मिल जाती है। साथ ही यह कोरोनरी आर्टरी केल्सिफिकेशन की समस्या से भी बचाती है।

 

खुबानी के अन्य चमत्कारी फायदे | Some Other Benefits of Apricot in Hindi

1. कैंसर रोगियों के लिए एप्रिकॉट का सेवन फायदेमंद होता है ।

2. एप्रिकॉट का तेल लगाने से बालों की ग्रोथ मजबूत होती है।

3. एप्रिकॉट में अनेक खनिज और विटामिन्स पाए जाते हैं जो कि शरीर के इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत बनाते हैं।

4. एप्रिकॉट का तेल कान दर्द में मदगार होता है। कान दर्द होने पर दो से तीन बून्द एप्रिकॉट तेल की कान में डालने से कान दर्द में आराम हो जाता है।

5. गर्मी के दिनों में प्यास अधिक लगती है एवं बार-बार गला सूखता है। एप्रिकॉट में भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है जो की पानी की पूर्ति करता है जिसकी बजह से प्यास बार-बार नहीं लगती है।

6. एप्रिकॉट के सेवन करने से शारीरिक कमजोरी में राहत मिलती है।

7. एप्रिकॉट में पोटेशियम पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है जो कि ह्रदय को स्वस्थ बनाने में मदद करता है। एप्रिकॉट के सेवन से ह्रदय सम्बंधित बीमारियों से बचा जा सकता है।

 

खुबानी से होने वाले नुकसान | Side Effects of Apricot in Hindi

एप्रीकॉट के फायदों को देखा जाये तो इसके नुकसान ना के बराबर हैं। परन्तु कहा जाता है कि किसी भी चीज में कितने भी गुण हो लेकिन आवश्यकता से अधिक लेने पर वह नुकसान भी कर सकती है। ऐसा ही कुछ एप्रीकॉट का है तो आइये देखते हैं एप्रीकॉट से होने वाले कुछ नुकसान।

1. मधुमेह के रोगियों को सूखे एप्रिकॉट का सेवन अधिक नहीं करना चाहिए। सूखे एप्रिकॉट के सेवन से मधुमेह के रोगियों को नुकसान पहुँच सकता है।

2. सूखा एप्रिकॉट खाने से आंतो को नुकसान पहुंच सकता है।

3. एप्रिकॉट के बीज का अत्यधिक सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इसके बीज में कुछ ऐसा रसायन पाया जाता है जो शरीर में जा कर साइनाइड में बदल सकता है। ये शरीर के लिए जानलेवा भी हो सकता है।

 

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तो दोस्तों ये थी एप्रिकॉट से जुड़ी कुछ जानकारी (Apricot in Hindi)। हम आशा करते हैं की आपको एप्रिकॉट के समस्त फायदे समझ आ गए होंगे। अगर आपको हमारी यह जानकारी पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के बीच शेयर जरूर करें और ऐसी ही जानकारी पड़ते रहने के लिए हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें।
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