camphor in hindi

About Camphor in Hindi: हिन्दू धर्म में पूजा पाठ का बहुत महत्व है इसलिए धार्मिक लोग प्रतिदिन पूजा, पाठ, हवन आदि करते हैं एवं इसे करने के लिए विभिन्न पूजन सामग्रियों का इस्तेमाल होता है। अब पूजन सामग्रियों में तो कपूर अक्सर देखने को मिलता ही है ऐसे में आपने कभी यह सोचा है कि क्या पूजा के अलावा भी कपूर कहीं इस्तेमाल किया जा सकता है? अगर आप कपूर को सिर्फ धार्मिक अनुष्ठानों में उपयोग होने वाली वास्तु मान रहे हैं तो आप निश्चित ही इसके फायदों से अभी अनजान हैं। चलिए आज हम आपको कपूर के स्वास्थ्यवर्धक लाभ और इससे जुड़ी कुछ अन्य रोचक बाते बताते हैं।

 

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क्या होता है कपूर | What is Camphor in Hindi

कपूर एक प्रकार का प्राकृतिक सफेद रंग का तैलिये पदार्थ होता है जिसका सम्बन्ध Lauraceae कुल से है। कपूर का वैज्ञानिक नाम सिनेमोमम् कॅम्फोरा (Cinnamomum camphora) होता है। खास बात यह है कि मुख्य रूप से कपूर का निर्माण दो तरीके से होता है एक तो प्राकृतिक रूप से और दूसरा कृत्रिम रासायनिक रूप से इसे तैयार किया जाता है। यह एक ज्वलंत पदार्थ होता है जिसकी गंध तेज होती है।

पहले कपूर के पेड़ की छाल और लकड़ी को आसवन करके कपूर बनाया जाता था। परन्तु आज आमतौर पर तारपीन के तेल से कपूर का निर्माण होता है। इसका उपयोग बाम (जैसे की झंडू बाम, टाइगर बाम) और विक्स वेपोरब जैसे उत्पादों में किया जाता है।

 

कपूर के प्रकार | Types of Camphor in Hindi

दोस्तों यदि आप कपूर के प्रकारों से परिचित नहीं हैं तो आपको बता दें कि मुख्य रूप से कपूर तीन प्रकार के होते हैं एवं तीनों प्रकार के कपूर को अलग-अलग प्रकार की वनस्पति से तैयार किया जाता है। तो चलिए अब कपूर के प्रकारों के बारे में भी थोड़ा विस्तार से जान लेते हैं।

 

1. भीमसेनी कपूर

भीमसेनी कपूर ड्रायोबैलानॉप्स ऐरोमैटिका (Dryobalanops Aromatica) पौधे से प्राप्त किया जाता है जिसका सम्बन्ध डिप्टरोकार्पेसिई (Dipterocarpaceae) परिवार से होता है। भीमसेनी कपूर को अन्य कपूरों की तुलना में श्रेष्ठ माना जाता है इसलिए आयुर्वेद में मुख्य रूप से इस कपूर का इस्तेमाल किया जाता है।

खास बात यह है कि Bhimseni kapoor को पानी में डालने पर यह पानी में तैरता नहीं है बल्कि पानी के निचे बैठ जाता है। आपको बता दें कि भीमसेनी कपूर को देशी कपूर के नाम से भी जाना जाता है एवं इसको खाद्य उपयोग में लिया जा सकता है जबकि कृत्रिम रूप से तैयार किये गए कपूर को खाया नहीं सकता है।

 

2. हिंदुस्तानी कपूर

हिंदुस्तानी कपूर को पत्री कपूर के नाम से भी जाना जाता है इस प्रकार के कपूर को कुकरौंधा नामक पौधे से प्राप्त किया जाता है जिसका सम्बन्ध कंपोज़िटी कुल से होता है।

 

3. चीनी कपूर

चीनी कपूर सिनामोमस कैफ़ोरा नामक पौधे से प्राप्त किया जाता है जिसका सम्बन्ध लॉरेसी (Lauraceae) कुल से होता है। अधिकतर इसका वृक्ष चीन और जापान में पाया जाता है इसलिए इस प्रकार के कपूर को चीनी कपूर और जापानी कपूर के नाम से जाना जाता है।

 

कपूर में पाए जाने वाले रासायनिक तत्व | Chemical Elements Found in Camphor in Hindi

कपूर में मुख्य रूप से वाई-टरपिनेनएम-साइमेन, ए-टरपिनोलेन, डी-कैम्फर, लिनालूल, टरपिनेन-4-ऑल, कैरियोफिलेन, पिनेन, बी-पिनेन, लिमोनेन आदि रासायनिक तत्व सहित एंटीइन्फ्लामेट्री, एंटीसेप्टिक, एंटीबैक्टीरियल, एंटी माइक्रोबियल व एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं।

 

कपूर के विभिन्न नाम | Some Other Names of Kapoor (Camphor)

कपूर एक प्रकार का प्रचलित और महत्पूर्ण पदार्थ है जिसको अलग-अलग प्रांतों में भाषाई आधार पर कई नामों से जाना जाता है। इसलिए अब हम आपको कपूर के विभिन्न नामों से परिचित कराने वाले हैं।

संस्कृत में कपूर का नाम – कर्पूर, घनसार

अंग्रेजी में कपूर का नाम – कैम्पैंर

तमिल में कपूर का नाम – हिमवालुका

तेलगु में कपूर का नाम – कर्पूरम्

गुजराती में कपूर का नाम – कपूर

मराठी में कपूर का नाम – कापूरा

बंगाली में कपूर का नाम – कर्पूर

मलयालम में कपूर का नाम – हिमांशु

उर्दू में कपूर का नाम – काफूर

कन्नड़ में कपूर का नाम – कामडा

 

कपूर के फायदे | Benefits of Camphor in Hindi

camphor benefits in hindi

दोस्तों अभी तक आपने कपूर का उपयोग केवल धार्मिक क्रियाकलापों में किया होगा। लेकिन अब हम आपको कपूर से होने वाले कुछ ऐसे फायदे बताने जा रहे हैं जिन्हे जानने के पश्चात आप इसका इस्तेमाल एक औषधि के रूप में भी करने लगेंगे।

 

1. चेहरे के दाग धब्बों को कम करने में कपूर है फायदेमंद

बढ़ती उम्र के साथ-साथ त्वचा को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है जैसे कि त्वचा का रुखा होना, त्वचा का तैलिये या फिर त्वचा पर दाग धब्बे पढ़ना आदि। त्वचा पर दाग धब्बे किसी भी कारणवश हो सकते हैं जैसे कि मुहासें होने से, पिम्पल्स निकलने से, प्रदूषण से, धूप आदि कारणों से त्वचा पर दाग धब्बे हो जाते हैं जिसकी वजह से चेहरा खराब नजर आने लगता है।

यदि आपके चेहरे पर किसी भी तरह के दाग धब्बे हैं तो आप कपूर का उपयोग कर सकते हैं। दाग धब्बों को दूर करने के लिए आप कपूर का उपयोग ऑइल में मिलाकर कर सकते है। इसके आलावा तेल में मिलाकर भी आप कपूर का उपयोग कर सकते हैं।

 

2. मुहासों को दूर करने में कपूर है असरकारक

मुँहासे एक ऐसी जटिल समस्या है जो सीधे चेहरे की सुंदरता को कम करती है। मुहासों की समस्या वर्तमान समय में एक आम समस्या बन गई है एवं इस समस्या से अत्यधिक युवा वर्ग परेशान हैं। दरअसल अधिक समय तक मुँहासे होने से चेहरे पर दाग धब्बे और गड्डे हो जाते हैं जिसकी वजह एक सुन्दर चेहरा बदसूरत बन जाता है।

हालाँकि मुँहासे होने के कई कारण होते हैं लेकिन मुहासों से यदि चेहरे के सौन्दर्य को बचाना हैं तो इनका सही समय पर उपचार करना बेहद जरुरी है। यदि आप मुहासों को दूर करना चाहते हैं तो आप कपूर का उपयोग कर सकते हैं। आपको बता दें कि कपूर में एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं जो मुहासों को दूर करने में फायदेमंद होते हैं।

 

3. त्वचा में होने वाली जलन को कपूर करे कम

कई लोगों को मौसम परिवर्तन या अन्य किसी कारणवश त्वचा में जलन होने लगती है। जलन होने की वजह से व्यक्ति बेचैन हो जाता है एवं जल्द से जल्द इस जलन से छुटकारा पाना चाहते है क्योंकि इस प्रकार की जलन होने का कोई समय भी नहीं होता है अतः कभी भी होने लगती है। यदि आपको भी इस प्रकार की जलन होती है तो आप कपूर का उपयोग कर सकते हैं।

बता दें कि कपूर में एंटीइन्फ्लामेट्री और एंटीसेप्टिक तत्व पाए जाते हैं जो जलन को कम करने में प्रभावी होते हैं। एलोवेरा में कपूर मिलाकर लगाने त्वचा में होने वाली जलन को कम किया जा सकता है।

 

4. सिरदर्द को कम करने में कपूर है प्रभावी

सिरदर्द एक ऐसा रोग है जो प्रत्येक व्यक्ति को किसी भी समय उत्पन्न हो सकता है। कई बार सिरदर्द स्वयं रोग न होकर अन्य रोगों का लक्षण मात्र होता है। दरअसल सिरदर्द के कई कारण होते हैं जैसे कि सर्दी जुकाम, तनाव, नाक, कान, गले में दर्द, थकान, बुखार आदि सिरदर्द को उत्पन्न करते हैं।

सिरदर्द होने की वजह से व्यक्ति चिड़चिड़ा हो जाता है एवं उसका किसी भी कार्य को करने में मन नहीं लगता है। यदि आपको सिरदर्द की शिकायत है तो आप कपूर का उपयोग कर सकते हैं। कपूर को चन्दन के साथ मिलाकर सिर पर लेप लगाने से सिरदर्द कम हो जाता है।

 

5. दाद खाज खुजली को दूर करने में कपूर है लाभदायक

दाद खाज या खुजली सामान्य रोग होते हैं लेकिन बहुत ही कष्टदायक होते हैं। दरअसल इस प्रकर के रोगों में व्यक्ति ठीक प्रकार से अपनी नींद भी पूरी नहीं कर पाता एवं घर परिवार में इस प्रकार का रोग होने से दूसरे व्यक्तियों को भी इससे ग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। बता दें कि दाद, खाज या खुजली एक तरह का फंगल इंफेक्शन होता है जिससे आसानी छुटकारा नहीं पाया जा सकता है लेकिन इसको नियंत्रित जरूर किया जा सकता है।

इसलिए आपको बता दें कि यदि आप इस रोग से ग्रस्त हैं तो आप कपूर का उपयोग कर सकते हैं क्योंकि कपूर में एंटीफंगल, एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं जो दाद खाज खुजली को दूर करने में कारगर होते हैं।

 

6. त्वचा में निखार लाए कपूर

आजकल त्वचा में निखार लाने के लिए ज्यादातर लोग बाजार में मिलने वाले तमाम तरह के कैमिकल युक्त सौन्दर्य प्रसाधनों पर आश्रित हैं। लेकिन दोस्तों बाजार में उपलब्ध विभिन्न तरह के प्रसाधनों का उपयोग करने से न सिर्फ रुपयों की बर्बादी होती है बल्कि त्वचा भी सेंसेटिव बन जाती है।

यदि आप त्वचा पर देशी तरीके से निखार लाना कहते हैं तो आप कपूर का उपयोग कर सकते हैं। आपको बता दें कि कपूर में एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं जो त्वचा में निखार लाने में फायदेमंद होते हैं। नारियल तेल में कपूर मिलाकर उपयोग करने से त्वचा पर धीरे-धीरे निखार आने लगता है।

 

7. बालों के लिए कपूर है रामबाण औषधि

सुन्दर स्वस्थ निरोगी बालों की चाहत अमूनन सभी लोगों को होती है। लेकिन समय का आभाव या फिर अन्य कारणों की वजह से अधिकतर लोग बालों की ओर ठीक से ध्यान नहीं दे पाते हैं जिसकी वजह से बाल समय से पहले सफेद होने लगते हैं, रुख हो हैं, झड़ने लगते हैं, बालों की ग्रोथ कम हो जाती है एवं कई लोग गंजेपन के शिकार भी हो जाते हैं।

यदि आप इन सबसे बचना चाहते हैं या बालों से सम्बंधित समस्याओं से छुटकारा पाना चाहते हैं तो आप कपूर का उपयोग कर सकते हैं। दरअसल कपूर में कई प्रकार के रासायनिक योगिक और एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं जो बालों से जुड़ी अनेक समस्याओं से निजात दिलाने में फायदेमंद होते हैं।

 

8. फटी एड़ियों को ठीक करने में कपूर होता है लाभकारी

फटी एड़ियां सुन्दर से सुन्दर पांव की खूबसूरती को कम कर देती हैं इसलिए अमूनन लोग फटी एड़ियों को छुपाने की कोशिश करते हैं। कई बार लोगों को फटी एड़ियों की वजह से शर्मिंदगी का भी सामना करना पड़ता है। इसके आलावा फटी एड़ियों की वजह से दर्द तो होता ही है साथ ही कभी-कभी फटी एड़ियों से खून भी निकलने लगता है जो बेहद पीड़ादायक होता है।

हालाँकि फटी एड़ियों को ठीक करने के लिए बाजार में अनेक प्रकार के दवाइयां और क्रीम उपलब्ध हैं लेकिन यदि आप घरेलु उपाय की मदद से फटी एड़ियों को ठीक करना चाहते हैं तो आप कपूर का इस्तेमाल कर सकते हैं। आपको बता दें कि मोम को सरसों के तेल में पिघलाने के पश्चात उसमें कपूर मिलाकर लगाने से फटी एड़ियां ठीक हो जाती हैं।

 

कपूर के अन्य फायदे | Some Other Benefits of Camphor in Hindi

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1. किसी भी प्रकार की चोट की वजह से आने वाली सूजन को कम करने में कपूर होता है फायदेमंद।

2. कपूर आँखों को निरोगी बनाने में लाभकारी होता है। आँखें स्वस्थ रखने के लिए आप कपूर का इस्तेमाल काजल के रूप में कर सकते हैं।

3. नारियल तेल में कपूर मिलाकर पांव के तलवों पर मालिश करने से लू के लक्षणों को कम करने में कपूर प्रभावी होता है।

4. ब्लड सर्कुलेशन को दुरुस्त करने में कपूर है असरदार।

5. कपूर की गंध तेज होती है जो मच्छरों को भगाने में फायदेमंद होती है।

6. जोड़ों के दर्द को कम करने में कपूर लाभदायक होता है। दरअसल कपूर तेल की मालिश करने से जोड़ों का दर्द कम हो जाता है।

 

कपूर का उपयोग | Uses of Camphor in Hindi

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कपूर के फायदों से परिचित होने के बाद यकीनन आप सोच रहे होंगे कि आखिर इसका उपयोग किस प्रकार से किया जाता है तो चलिए अब आपको इसे इस्तेमाल करने के तमाम तरीके बताते हैं।

1. कपूर का इस्तेमाल आप चन्दन में मिलाकर कर सकते हैं।

2. नारियल के तेल के साथ आप कपूर का उपयोग कर सकते हैं।

3. कपूर को गर्म पानी में डालकर भाप के रूप में इसका उपयोग कर सकते हैं।

5. नहाने के पानी में कपूर डालकर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

6. लेप तैयार करके कपूर का उपयोग किया जा सकता है।

 

कपूर से होने वाले नुकसान | Side Effects of Camphor in Hindi

दोस्तों कपूर का उपयोग शरीर के लिए फायदेमंद होता है लेकिन यह एक प्रकार का रासायनिक योगिक होता है जिसका अधिक इस्तेमाल करने से यह शरीर को नुकसान भी पंहुचा सकता है। इसलिए अब हम आपको कपूर से होने वाले नुकसानों से परिचित करवाने वाले हैं।

1. कपूर का ज्यादा इस्तेमाल करने से मांसपेशियों में ऐंठन हो सकती है।

2. कपूर का अधिक उपयोग करने से चक्कर आ सकते हैं।

3. कपूर को किसी न किसी चीज में मिलाकर लगाना चाहिए। यदि कपूर को किसी चीज में मिलाकर नहीं लगाया जाता है तो त्वचा पर जलन हो सकती है। साथ ही लाल दाने भी निकल सकते हैं।

4. गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को कपूर का उपयोग चिकित्सक का परामर्श लेकर करना चाहिए।

5. कपूर का सेवन नहीं किया जाता है यदि कपूर का सेवन कर लिया जाता है तो कपूर जहरीला साबित हो सकता है।

6. कपूर का अधिक इस्तेमाल करने से गले में जलन हो सकती है।

7. चोट लगने पर कपूर का उपयोग नुकसानदायक साबित हो सकता है।

 

तो दोस्तों ये थी कपूर (camphor in hindi) से जुड़ी कुछ जानकारी। हम आशा करते हैं की आप कपूर के फायदे और नुकसान समझ गए होंगे। अगर आपको हमारी यह जानकारी पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के बीच शेयर जरूर करें और ऐसी ही जानकारी पढ़ते रहने के लिए हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें।
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