About Saffron in Hindi: हमारे आस पास व हमारे घर में कई तरह की दिव्य औषधियां होती हैं लेकिन जानकारी के आभाव में हम उनका लाभ नहीं उठा पाते हैं। आज हम आपसे ऐसी ही एक शानदार औषधि के बारे में बात करने जा रहे हैं। जी हाँ दोस्तों हम केसर का जिक्र कर रहे हैं।

जिस प्रकार केसर अनेक प्रकार की मिठाइयों और व्यंजनों को स्वादिष्ट बनाने व नया रूप प्रदान करने में सक्षम होती है ठीक उसी प्रकार केसर अनेक प्रकार के रोगों का समाधान करने में भी प्रभावी होती है। यदि आप अभी तक केसर से होने वाले लाभकारी फायदों से अनजान हैं तो आज का लेख सिर्फ और सिर्फ आपके लिए है क्योंकि आज हम आपसे kesar ke fayde और केसर से जुड़ी तामाम जानकारी साझा करने वाले हैं।

 

Page Contents

केसर क्या होती है | What is Saffron in Hindi

केसर एक प्रकार का अद्भुत मसाला है जिसको लाल सोने के नाम से भी जाना जाता है। यह विश्व का सबसे महंगा मसाला है इसलिए केसर को मसालों का राजा भी कहा जाता है। इसे कई लोग एक शानदार औषधि भी मानते हैं बता दें यह इरिडेसी (Iridaceae) कुल की क्षुद्र वनस्पति है।

केसर का रंग लाल व केसरिया होता है लेकिन इस मसाले की विशेषता यह है कि दूध अथवा दूध से बने अन्य पदार्थों में जब इसको डाला जाता है तो यह स्वतः ही पीले रंग में परिवर्तित हो जाता है। इसका स्वाद व सुगंध प्रत्येक व्यक्ति को अपनी ओर आकर्षित करती है।

 

केसर की तासीर

दोस्तों यदि अभी तक आपको केसर की तासीर के बारे में जानकारी नहीं हैं तो आपको बता दें कि केसर की तासीर गर्म होती है इसलिए केसर का इस्तेमाल सीमित मात्रा में करना ही लाभकारी होता है।

 

केसर का पौधा कैसा होता है | How did Saffron plant look like

saffron plant in hindi

केसर का पौधा सबसे महंगे पौधों में से एक है जिसका वानस्पतिक नाम क्रोकस सैटाइवस (Crocus sativus) है। बता दें कि कश्मीरी केसर का पौधा एक से डेढ़ फीट तक लंबा होता है जबकि अमेरिकन पौधा तीन से चार फीट तक लंम्बा होता है। केसर पौधे के पत्ते लम्बे होते हैं।

इसके फूल बेहद खूबसूरत नीले व बैंगनी रंग के होते हैं जबकि अमेरिकन केसर के फूल लाल-नारंगी रंग के होते हैं। केसर के फूलों के अग्र भाग में केसर लगता है। फूल के बीच में से निकला हुआ केसर पतला व केसरिया धागा की तरह दिखाई देता है।

 

केसर का उत्पादन सर्वाधिक कहाँ होता है | Where did Saffron found

केसर विश्व की एक अमूल धरोहर है इसलिए इसका उत्पदान भी बेहद कम स्थानों पर ही होता है। यदि भारत की बात करें तो भारत में केसर का सर्वाधिक उत्पादन जम्मू कश्मीर में किया जाता है। वहीं सम्पूर्ण विश्व में केसर का सबसे ज्यादा उत्पादन ईरान में होता है जबकि दुनिया में केसर के उत्पादन में भारत का दूसरा स्थान है। इसके आलावा आस्ट्रिया, तुर्किस्तान, इटली, ग्रीस, जर्मनी, जापान, चीन, पाकिस्तान आदि देशों में भी केसर का उत्पादन किया जाता है।

 

केसर के प्रकार | Types of Saffron in Hindi

केसर के लगभग 80 प्रकार होते हैं लेकिन आयुर्वेद के अनुसार केसर के तीन प्रकार माने गए हैं। तो चलिए जानते हैं आयुर्वेद में केसर के यह तीन प्रकार कौनसे हैं।

 

1. बाल्हीकज केसर

बाल्हीकज केसर का रंग पीला होता है एवं इसकी सुगंध शहद की तरह होती है व स्वाद कड़वा होता है। बाल्हीकज केसर मुख्य रूप से खाड़ी देश की केसर है।

 

2. कश्मीरी केसर

कश्मीरी केसर बेहद गुणकारी केसर होती होती है एवं कश्मीरी केसर का रंग केसरिया व लाल होता है। कश्मीरी केसर की सुगंध तीव्र मीठी होती है लेकिन स्वाद कड़वा होता है।

 

3. पारसीकज केसर

पारसीकज केसर को पारस केसर के नाम से भी जाना जाता है। इसका रंग हल्का पीला होता है एवं इसकी गंध भी कश्मीरी केसर और बाल्हीकज केसर की तरह मीठी होती है। यह केसर मुख्या रूप से ईरान में पाई जाती है।

 

केसर में पाए जाने वाले पौष्टिक तत्व | Nutrients of Saffron In Hindi

दोस्तों आप शायद ही जानते हों की केसर में एक नहीं दो नहीं बल्कि डेढ़ सौ यौगिक पाए जाते हैं। बता दें कि केसर में आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन, नियासिन, थायमिन, जिंक, विटामिन ए, फोलोक एसिड, मैग्नीशियम, पोटाशियम, कार्बोहाइड्रेट, फास्फोरस, विटामिन सी, सोडियम, कैलोरी, वसा, फाइबर, विटामिन डी, एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीअल्जाइमर, एंटीकॉनवल्सेन् आदि तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।

 

केसर के विभिन्न नाम | Different names of Saffron

यदि आप केसर को केवल एक ही नाम से जानते हैं तो आज का लेख पढ़ने के बाद आप केसर को अनेक प्रकार के नामों से जानने लगेंगे क्योंकि भारत के अलग अलग प्रांतों व प्रांतों की भाषाओं के अनुसार केसर को भिन्न-भिन्न नामों से जाना जाता है। तो आइये केसर के विभिन्न नामों के बारे में जानते हैं।

अंग्रेजी में केसर का नाम – सैप्रैंन क्रोकस

संस्कृत में केसर का नाम – काश्मीरज

तमिल में केसर का नाम – कुमकुमप्पू

तेलगु में केसर का नाम – कुमकुमा

गुजराती में केसर का नाम – केशर

बंगाली में केसर का नाम – जाफरान

अरबी में केसर का नाम- जियाफ्रान

पंजाबी में केसर का नाम – केशल

मलयालम में केसर का नाम – केसरम

कश्मीरी में केसर का नाम – कोंग

 

केसर के फायदे | Benefits of Saffron in Hindi

saffron in hindi

केसर में लाभकारी गुणों का भंडार है इसलिए केसर का उपयोग सम्पूर्ण विश्व में औषधियों और विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों में किया जाता है। प्राचीन काल से ही केसर का उपयोग आयुर्वेद में किया जाता है लेकिन आज भी लाखों लोग ऐसे हैं जो केसर से होने वाले फायदों से अनजान हैं इसलिए अब हम आपको केसर से होने वाले जबरदस्त फायदों से रूबरू कराने वाले हैं।

 

1. हड्डियों को बनाता है बलशाली

कैल्शियम, मैग्निशयम, प्रोटीन, विटामिन डी आदि तत्वों की कमी के कारण हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। अतः शरीर की हड्डियों व मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए कैल्शियम, मैग्निशयम, प्रोटीन, विटामिन डी की सख्त आवश्यक होती है। हड्डियों के कमजोर होने से शरीर भी कमजोर हो जाता है एवं परिणामस्वरूप शरीर बिमारियों की चपेट में आ जाता है।

हड्डियों को स्वस्थ और मजबूत बनाने में केसर लाभकारी औषधि है क्योंकि केसर में कैल्शियम, प्रोटीन, मैग्नीशियम एवं विटामिन डी भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो हड्डियों को तो बलशाली बनाते ही हैं साथ ही शरीर का नर्वस सिस्टम को भी स्वस्थ रखते हैं। हड्डियों को बलशाली बनाने के लिए आप प्रतिदिन एक गिलास केसर दूध का सेवन कर सकते हैं।

 

2. पीरियड्स के दर्द को करता है कम

पीरियड्स यानी महिलाओं को प्रत्येक माह आने वाला मासिक धर्म होता है। यह समय महिलाओं का काफी तकलीफ दायक समय होता है एवं प्रत्येक महिला को इस दर्द से गुजरना पड़ता है। हालाँकि कई महिलायें इस दर्द को आसानी से सहन कर लेती हैं लेकिन कई महिलायें ऐसी भी होती हैं जो दर्द को सहन नहीं कर पाती हैं।

यदि आपको पीरियड्स के दौरान शरीर के किसी भी भाग में दर्द होता है तो आप केसर दूध का इस्तेमाल कर सकते हैं। दरअसल केसर में कुछ ऐसे योगिक तत्व पाए जाते हैं जो मासिक धर्म के समय होने वाले दर्द को कम करने में मदद करते हैं। केसर दूध का सेवन करने से मासिक धर्म में होने वाले दर्द को कम किया जा सकता है।

 

3. याददाश्त को बढ़ाने में है फायदेमंद

कई बच्चों की याददाश्त कमजोर होती है जिसके कारण वह किसी भी चीज को याद नहीं रख पाते हैं इसके आलावा पढ़ाई में भी कमजोर हो जाते हैं। इसके अतरिक्त कई लोग अत्यधिक मानसिक तनाव के कारण, किसी मानसिक बीमारी के कारण अथवा बढ़ती उम्र के कारण भूलने की समस्या से ग्रस्त हो जाते हैं।

बता दें कि केसर में आयरन, जिंक, मैग्नीशियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो याददाश्त को बढ़ाने में सहयक होते हैं। एक शोध के मुताबिक ज्ञात हुआ है कि प्रतिदिन केसर दूध का सेवन करने से याददाश्त को बढ़ाया जा सकता है।

 

4. आँखों की रोशनी को बढ़ाने में है लाभकारी

वर्तमान समय में अधिकतर लोग आँखों की कम रोशनी के कारण परेशान हैं इसलिए आँखों की रोशनी को बढ़ाने वाले चश्मे का इस्तेमाल करते हैं। प्राचीन समय में आँखों की रोशनी की समस्या बुजुर्ग लोगों को ही होती थी लेकिन वर्तमान समय में इस समस्या से प्रत्येक वर्ग प्रभावित है। हालाँकि आँखों की रोशनी कम होने के कई कारण होते हैं इसलिए यदि आप भी इस समस्या से पीड़ित हैं तो आप केसर का उपयोग कर सकते हैं।

दरअसल केसर में विटामिन ए और एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं जो आँखों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होते हैं। आयुर्वेद के अनुसार केसर दूध का नित्य सेवन करने से आँखों की रोशनी बढ़ती है।

 

5. शारीरिक कमजोरी को दूर करने में है फायदेमंद

शारीरिक कमजोरी को शक्ति हीनता भी कहा जाता है। अधिक कार्य करने के बाद थकान अथवा कमजोरी होना एक सामान्य बात है लेकिन कार्य किए बिना थकान व कमजोरी का लम्बे समय तक बने रहना शारीरिक कमजोरी की ओर इशारा करता है। शारीरिक कमजोरी से पीड़ित लोगों को न सिर्फ शारीरिक परेशानियां का सामना करना पड़ता है बल्कि मानसिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है।

केसर में शरीर को तागत देने वाले वह सभी पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर के लिए आवश्यक होते हैं। यदि आप शारीरिक कमजोरी को ख़त्म करना चाहते हैं तो आप केसर दूध का इस्तेमाल कर सकते हैं।

 

6. अनिद्रा की समस्या की समस्या का करता है समाधान

अनिद्रा की समस्या से आज पूरा विश्व पीड़ित है। हालाँकि सुनने में यह रोग जितना सहज लगता है इसके परिणाम उतने ही घातक होते हैं। दरअसल अनिद्रा की समस्या से ग्रस्त रोगी मानिसक व शारीरक रोगों की चपेट में आ जाता है इसलिए इस रोग से शरीर की रक्षा करना बेहद आवश्यक है।

बता दें कि केसर में एंटीऑक्‍सीडेंट गुण पाए जाते हैं जो अनिद्रा की समस्या का समाधान करने में उपयोगी होते हैं। यदि आप भी अनिद्रा की समस्या से पीड़ित हैं तो रात को सोने से पहले केसर दूध का सेवन करने से आप इस परेशानी से निजात पा सकते हैं।

 

7. छोटे बच्चों की सर्दी खांसी को ठीक करने में है फायदेमंद

सर्दी खांसी बड़ों के लिए तो एक सामान्य रोग होता है लेकिन छोटे बच्चों के लिए यह चिंता का विषय बन जाता है। दरअसल सामान्य सा दिखने वाला यह रोग जब बढ़ता है तो निमोनिया का रूप धारण कर लेता है। परन्तु सर्दी खांसी होने के दौरान यदि थोड़ी सी सावधानी रखी जाए तो इसको एक सप्ताह के अन्दर ठीक किया जा सकता है। बता दें की छोटे बच्चों की सर्दी खांसी ठीक करने के लिए आप केसर का इस्तेमाल इस तरीके से कर सकते हैं।

सामग्री

  • तीन से चार केसर के रेशे
  • एक जायफल
  • एक हल्दी का टुकड़ा
  • एक चुटकी सुहागा
  • एक छोटी चम्मच गाय का दूध
  • एक लोंग

विधि – एक साफ़ पत्थर लेकर जायफल, हल्दी, लोंग, केसर, जायफल को दो दो बून्द गाय का दूध डालकर घिसें एवं जब ठीक से 1/4 छोटी चम्मच पेस्ट तैयार हो जाए तो इस पेस्ट को बच्चे को सेवन करा दें। बता दें कि इस उपाय का इस्तेमाल आप दिन में दो या तीन बार कर सकते हैं।

 

8. मुहासों को ठीक करने में है प्रभावकारी

प्रदूषण व असंतुलित आहार विहार के कारण मुहासों की समस्या उत्पन्न हो जाती है। हालाकिं मुहासों का कारण पेट के विकारों को भी माना जाता है इसके अलावा कई लोगों को किसी एलर्जी के कारण भी मुँहासे हो जाते हैं लेकिन समय पर मुहासों का उपचार नहीं करने से यह दिन-प्रतिदिन बढ़ते ही जाते हैं। इसलिए सही समय पर मुहासों की रोकथाम करना बेहद जरुरी होता है। मुहासों की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप केसर का उपयोग इस विधि से कर सकते हैं।

सामग्री

  • चार से पांच केसर के रेशे
  • एक जायफल
  • एक छोटी चम्मच कच्चा दूध

विधि – एक पत्थर का टुकड़ा लें अब इस पर केसर के रेशे व आवश्यकतानुसार कच्चे दूध को डालकर जायफल के टुकड़े को पत्थर पर अच्छी तरह से घिसें जब पेस्ट पूर्ण रूप से तैयार हो जाए तो उँगलियों की सहायता से चेहरे पर इस पेस्ट को लगाएं। 10 – 15 मिनिट बाद जब पेस्ट सुख जाए तो ठंडे पानी से चेहरे को धो लें। प्रतिदिन यह उपाय करने से मुहासों की समस्या खत्म हो जाती है।

 

9. त्वचा की रंगत निखारने में है उपयोगी

धूल मिट्टी, गर्मी, प्रदुषण, तेज धूप के कारण अधिकतर रोगों का रंग साँवला हो जाता है एवं कई लोग सांवले हुए रंग से परेशान भी हो जाते हैं। अतः रंग को निखारने के लिए वह तमाम तरह के प्रोडक्ट्स व दवाइयों का सेवन करते हैं लेकिन इतना सब करने के पश्चात भी रंग को निखारने में असफल ही रहते हैं। यदि आप भी एक समस्या से परेशान हैं तो आप केसर का इस्तेमाल इस प्रकार से कर सकते हैं।

सामग्री

  • एक छोटी चम्मच केसर पाउडर अथवा केसर का पानी
  • एक छोटी चम्मच सफ़ेद चन्दन पाउडर
  • एक छोटी चमच्च लाल चन्दन पाउडर
  • एक 1/4 छोटी चम्मच दारू हल्दी पाउडर
  • एक छोटी चम्मच बेसन
  • एक छोटी चमच्च मलाई
  • एक छोटी चम्मच गुलाबजल

विधि – ऊपर बताई गई सभी सामग्री को कांच के बाउल में लेकर गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें। अब आप इस पेस्ट के लेप को सम्पूर्ण शरीर लगा लें। लगभग 15 से 20 मिनिट तक शरीर पर पेस्ट लगा रहने दें। जब पेस्ट अच्छी तरह से सूख जाए तो पानी की कुछ बुँदे हाथों में लेकर मसाज करते हुए पेस्ट को निकलकर साफ़ पानी से स्नान कर लें। प्रतिदिन इस उपाय का इस्तेमाल करने से त्वचा में निखार आता है।

 

10. झुर्रियों को करता है कम

उम्र बढ़ने के साथ ही त्वचा की प्राकृतिक चिकनाई क्रमशः कम होने लगती है जिसकी वजह से त्वचा में शुष्कता आ जाती है एवं परिणापस्वरूप शुष्कता धीरे-धीरे झुर्रियों का रूप धारण कर लेती है। इसके आलावा कई लोगों को मानसिक असंतुलन के कारण, अत्यधिक चिंता व क्रोध के कारण, तनाव व अत्यधिक अनिद्रा की समस्या के कारण, आहार में पोषक तत्वों की कमी के कारण भी झुर्रियां हो जाती हैं। झुर्रियों से छुटकारा पाने के लिए व त्वचा को कोमल व जवां बनाने के लिए आप केसर का उपयोग इस प्रकार से कर सकते हैं।

सामग्री

  • चार से पांच केसर के रेशे
  • एक छोटी चम्मच शहद
  • एक 1/4 चम्मच बादाम का पेस्ट
  • एक छोटी चमच्च दही

विधि – कांच के कटोरे में दही, बादाम पेस्ट, केसर के रेशे व शहद डालकर 15 मिनिट तक रख दें। पंद्रह मिनिट पश्चात् पेस्ट को छोटी चम्मच की सहयता से मिक्स करके त्वचा पर हलके हाथों से मालिश करें। प्रतिदिन इस उपाय को करने से झुरिया कम होती हैं व त्वचा पर ग्लो आता है।

 

11. बालों की ग्रोथ को बढ़ाने में है सहायक

हम सभी यह भलीभांति जानते हैं कि प्राचीनकाल से लेकर अब तक बहुत से बदलाव हुए हैं लेकिन केशों यानी के बालों के सौंदर्य का महत्व पहले भी था और आज भी है। आज आधुनिक समय में बालों की मुख्य रूप से तीन समस्याएँ प्रचलित हैं। जैसे कि बालों का झड़ना, बालों का असमय सफ़ेद होना, बालों का लम्बा व घना ना होना यह बालों की तीन प्रमुख्य समस्याएँ हैं एवं इन समस्यों से प्रत्येक वर्ग परेशान और चिंतित है।

बालों के लिए पोषण की बेहद आवश्यकता होती है जब तक बालों को पोषण नहीं मिलता है तब तक बालों की ग्रोथ नहीं बढ़ती है। बता दें कि केसर में विटामिन ए, विटामिन डी, विटामिन सी, प्रोटीन जैसे कई गुणकारी तत्व पाए जाते हैं जो बालों के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। यदि आप अपने बालों की ग्रोथ को बढ़ाना चाहते है तो आप केसर का उपयोग कर सकते हैं। चलिए आपको इसे उपयोग करने का तरीका भी बताते हैं –

सामग्री

  • एक छोटी चम्मच केसर पाउडर
  • 50 ग्राम मुल्तानी मिट्टी
  • 50 ग्राम दही
  • 50 ग्राम एलोवेरा जेल

विधि – ऊपर बताई गई सामग्री को अच्छी तरह से मिक्स करके पेस्ट बना लें। अब तैयार पेस्ट को बालों में लगाएं। लगभग पंद्रह – बीस मिनिट तक पेस्ट को बालों में लगा रहने दें तत्पश्चात बालों को साफ़ पानी से धो लें। सप्ताह में दो बार इस विधि का इस्तेमाल करने से बालों की ग्रोथ बढ़ने लगती है व बाल मुलायम चमकदार बनते हैं।

 

केसर के अन्य फायदे | Kesar ke Fayde

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1. ह्रदय रोगियों के लिए केसर फायदेमंद औषधि है।

2. अस्थमा रोग के लिए केसर का सेवन फायदेमंद होता है।

3. कैंसर रोग से शरीर का बचाब करने में है प्रभावी।

4. केसर में फाइबर पाया जाता है जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में फायदेमंद होता है।

5. केसर में एन्टीऑक्सडेंट तत्व पाए जाते हैं जो मूत्र संक्रमण के खतरे को कम करने में फायदेमंद होते है।

 

केसर का उपयोग | Uses of Saffron in Hindi

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यदि आप केसर का इस्तेमाल करना नहीं जानते हैं तो अब हम आपको बताने वाले हैं कि केसर का उपयोग आप किस प्रकार से कर सकते हैं।

1. लस्सी में डालकर केसर का उपयोग कर सकते हैं।

2. खीर में डालकर केसर का उपयोग किया जा सकता है।

3. मीठे पुलाब में केसर का उपयोग कर सकते हैं।

4. रस मलाई में केसर का उपयोग कर सकते हैं।

5. सोन पप्पड़ी में केसर का उपयोग कर सकते हैं।

6. मीठी बूंदी में केसर का उपयोग कर सकते हैं।

7. किसी भी प्रकार की मिठाई में केसर का उपयोग कर सकते हैं।

8. फेस पैक में केसर का उपयोग कर सकते हैं।

9. उबटन में केसर का उपयोग कर सकते हैं।

 

केसर से होने वाले नुकसान | Side Effects of Saffron in Hindi

दोस्तों केसर फायदेमंद ओषधि है लेकिन यदि केसर का तरीके से इस्तेमाल किया जाता है तो केसर से कई प्रकार के नुकसान भी हो सकते हैं। तो चलिए जानते हैं केसर से होने वाले नुकसान कौनसे हैं।

1. पीलिया रोगी के लिए केसर का सेवन हानिकारक हो सकता है।

2. केसर का अधिक सेवन करने से शरीर का रंग पीला हो सकता है।

3. केसर की तासीर गर्म होती है इसलिए गर्भवती महिलाओं को केसर का इस्तेमाल चिकत्सक का परमर्श लेकर ही करना चाहिए।

4. केसर का गलत तरीके से इस्तेमाल करने से सिरदर्द, उल्टी की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

 

तो दोस्तों ये थी केसर (Saffron in Hindi) से जुड़ी कुछ जानकारी। हम आशा करते हैं की आप kesar ke fayde जान गए होंगे। अगर आपको हमारी यह जानकारी पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के बीच शेयर जरूर करें और ऐसी ही जानकारी पड़ते रहने के लिए हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें।
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