About Jackfruit in Hindi: विश्वभर में तरह-तरह के पौष्टिक फल, सब्जियां पाई जाती हैं लेकिन हम सभी ज्यादातर कुछ गिनी चुनी फल व सब्जियों का ही इस्तेमाल करते हैं। चूँकि सभी खाद्य पदार्थों में विटामिन्स की मात्रा में अंतर पाया जाता है इसलिए यदि चुनिंदा खाद्य पदार्थों का सेवन किया जाता है तो शरीर में विटामिन्स की कमी की सम्भावना बढ़ जाती है। हमेशा की तरह आपके स्वास्थ का ख्याल रखते हुए आज हम आपको एक ऐसे भोज्य पदार्थ के बारे में जानकारी देने वाले हैं जिसका उपयोग आप सब्जी और फल दोनों प्रकार से कर सकते हैं।

जी हाँ दोस्तों हम बात कर रहे हैं कटहल की जिसका नाम सभवतः सभी ने सुना होगा लेकिन कटहल को खाना कम ही लोग पसंद करते हैं। परन्तु आज का लेख पढ़ने के बाद यकीनन आप कटहल के दीवाने हो जायेंगे क्योंकि आज हम आपको बताने वाले हैं Kathal ke fayde जो आपको स्वस्थ व निरोगी रखने में मददगार साबित होंगे।

 

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कटहल क्या होता है | What is Jackfruit in Hindi

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दोस्तों Jackfruit को हिंदी में कटहल कहते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि विश्वभर में कटहल वृक्षों में लगने वाला सबसे बड़ा फल है। बता दें कि कटहल का वानस्पतिक नाम औनतिआरिस टोक्सिकारीआ (Antiaris Toxicaria) है जिसका सम्बन्ध Moraceae कुल से है।

कटहल एक ऐसा फल है जिसकी ऊपरी सतह पर हरे रंग के कांटे लगे होते हैं जिसकी वजह से कच्चे कटहल का रंग हरा होता है लेकिन पकने के पश्चात कटहल का रंग पीला हो जाता है। यदि कटहल के स्वाद की बात की जाये तो कटहल का स्वाद मीठा होता है जिसको सभी बड़े चाव से खाना पसंद करते हैं।

 

कैसा होता है कटहल का पेड़ | How does Jackfruit tree looks like

कटहल बारहमासी विशाल पेड़ होता है जिसकी लम्बाई लगभग 13 से 15 मीटर तक होती है। यह पेड़ बारह माह हरा भरा रहता है। कटहल के तन्ने विशाल होते हैं जिसमें गोल व अंडाकार हरे रंग की पत्तियां लगती हैं जिनकी लम्बाई लगभग 8 से 20 सेंटीमीटर एवं चौड़ाई लगभग 5 से 9 सेंटीमीटर तक होती है। दिलचस्प बात यह है कि कटहल की पत्तियों की ऊपरी सतह चिकनी व निचली सतह हल्की खुदरी होती है।

आमतौर पर फलों के अंदर बीज पाए जाते हैं लेकिन इनकी संख्या सामान्य होती है जबकि कटहल के एक फल में लगभग 50 से 100 बीज पाए जाते हैं जो लगभग 2 से 4 इंच तक लम्बे होते हैं एवं बीज पौष्टिक तत्वों से भरपूर होते हैं इसलिए इसके बीजों का उपयोग कई प्रकार की बिमारियों से छुटकारा पाने के लिए भी किया जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कटहल केरल व तमिलनाडु का राजकीय फल है जबकि श्रीलंका और बांग्लादेश का यह राष्ट्रीय फल है।

 

कटहल में पाए जाने वाले पौष्टिक तत्व | Nutrients of Jackfruit in Hindi

कटहल न सिर्फ एक विशाल फल है अपितु यह बेहद गुणकारी फल भी है जिसमें एक नहीं बल्कि अनेक प्रकार के पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं। यदि आप कटहल के पौष्टिक तत्वों से अनजान हैं तो आपको बता दें कि कटहल में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन बी6, विटामिन के, जिंक, मैंगनीज, पोटैशियम, फाइबर, कैल्शियम, रिबोफ्लेविन, थायमिन, नियासिन, फास्फोरस, आयरन, मैग्नीशियम, सोडियम सहित एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं।

 

कटहल के विभिन्न नाम | Some Other Names of Jackfruit

दोस्तों कटहल दुनियाभर में पाया जाने वाला फल है जिसको अलग-अलग देशों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। लेकिन भारत एक ऐसा देश है जिसमें कई राज्य हैं एवं सभी राज्यों की भाषा अलग है। इसलिए हमारे देश में कटहल को भाषाई आधार पर विभिन्न नामों से जाना जाता है। यदि आप कटहल को केवल kathal नाम से ही जानते हैं तो आज से आप कटहल को विभिन्न प्रकार के नामों से जानने लगेगें क्योंकि अब हम आपको कटहल के अन्य नामों के बारे में बताने वाले हैं।

कटहल का हिंदी में नाम – कठैल

कटहल का अंग्रेजी में नाम – जैकफ्रूट

कटहल का संस्कृत में नाम – स्कन्धफल

कटहल का तमिल में नाम – पलमपला

कटहल का तेलगु में नाम – पनसकायि

कटहल का मराठी में नाम – मनफनस

कटहल का गुजराती में नाम – फनस

कटहल का मलयालम में नाम – चक्का

कटहल का असम में नाम – कान्थल

कटहल का कन्नड़ में नाम – हलसु

 

कटहल के स्वास्थवर्धक फायदे | Benefits of Jackfruit in Hindi

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कटहल के विषय में तमाम तरह की जानकारी जानने के पश्चात् अब निश्चित ही आपका मन Kathal ke fayde को जानने के लिए बेताव होगा। तो देर किये बगैर आइये जानते हैं कटहल के विभिन्न स्वास्थवर्धक फायदे।

 

1. कटहल प्रोटीन से होता है भरपूर

दोस्तों कटहल में भरपूर मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है इसलिए कटहल को शाकाहारी लोगों का मांस कहा जाता है। प्रोटीन शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बेहद अहम होता है। प्रोटीन की कमी से न सिर्फ शरीर के जोड़ों व मांसपेशियों में दर्द होता है बल्कि शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता भी कम हो जाती है। इसी वजह से स्वस्थ शरीर भी अनेक रोगों की चपेट में आ जाता है।

यदि आप प्रोटीन युक्त आहार की तलाश में हैं तो आप कटहल का इस्तेमाल कर सकते हैं। बता दें कि प्रतिदिन कटहल का उपयोग करके शरीर में होने वाली प्रोटीन की कमी को दूर किया जा सकता है।

 

2. मोटापा कम करने में होता है लाभकारी

मोटापा वर्तमान युग की प्रचलित शारीरिक समस्याओं में से एक है। मोटापा से पीड़ित व्यक्ति न सिर्फ स्वयं के दैनिक कार्य करने में स्वयं को असहज महसूस करता है बल्कि गभीर रोगों का शिकार भी बन जाता है। चूँकि मोटापा एक ऐसी समस्या है जिससे आसानी से छुटकरा नहीं मिलता है। इसके अतरिक्त कई लोगों को अधिक भूख लगती हैं जिसकी वजह से ऐसे लोगों का मोटापा दिन-व-दिन बढ़ता ही जाता है।

आपको बता दें कि कटहल का सेवन करने से भूख नियंत्रित होती है जो मोटापा को कम करने में मददगार साबित होती है। साथ ही कटहल में रेसवेरेट्रॉल नामक एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन सी व फाइबर पाया जाता है जो मोटापा को कम करने में फायदेमंद होता है।

 

3. आँखों को रखता है स्वस्थ

आंखे शरीर के अंगों का सबसे नाजुक हिस्सा होती हैं। लेकिन अधिकतर लोग इस नाजुक अंग का ख्याल रखने में लापरवाही करते हैं जिसकी वजह से आँखों की रोशनी समय से पहले ही कम होने लगती है। आज छोटे बच्चों से लेकर युवाओं में आँखों से सम्बंधित कई प्रकार के रोग आसानी से देखे जा सकते हैं।

यदि आप अपनी आँखों को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो कटहल का उपयोग आपके लिए लाभकारी है। दरअसल कटहल में विटामिन A, विटामिन-सी और प्रोटीन पाया जाता है जो आँखों को निरोगी बनाने में फायदेमंद होता है।

 

4. हड्डियों को मजबूत बनाने में होता है अहम

हड्डियों को शरीर का आधार स्तम्भ कहना अनुचित नहीं होगा क्योंकि हड्डियों के माध्यम से ही शरीर के विभिन्न भाग क्रियाशील बनते हैं। इसलिए हडियों के कमजोर होने से समस्त शरीर कमजोर हो जाता है जिसकी वजह से व्यक्ति को सरल से सरल कार्य करने में भी दिक्कत होती है। आपको बता दें कि हड्डियों को मजबूर व स्वस्थ रखने के लिए कैल्शियम बेहद आवश्यक होता है एवं शरीर में कैल्शियम की कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं जो शरीर में दर्द, थकान, मानसिक व शारीरक तनाव को उत्पन्न करती हैं।

यदि आप हड्डियों को मजबूत बनाना चाहते हैं या फर कैल्शियम की कमी से छुटकारा पाना चाहते हैं तो आप कटहल का इस्तेमाल कर सकते हैं। बता दें कि कटहल में कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो हड्डियों को बलशाली बनाने में मददगार होता है।

 

5. अतिसार को नियंत्रित करने में होता है फायदेमंद

अतिसार की समस्या किसी भी व्यक्ति को किसी भी समय हो सकती है। अतिसार की समस्या होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे कि गलत खान पान, तेज गर्मी, दवाइयों का सेवन आदि। लेकिन यदि इस समस्या का सही समय पर उपचार नहीं किया जाता है तो पीड़ित व्यक्ति का शरीर कमजोर हो जाता है। इसलिए आपको बता दें कि कटहल की मदद से आप अतिसार को नियंत्रित कर सकते हैं। दरअसल कटहल में कुछ ऐसे पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं जो पेट सम्बंधित विकारों को दूर करने में फायदेमंद होते हैं।

 

6. रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाए कटहल

दोस्तों मानवीय शरीर अनेक प्रकार की बिमारियों को स्वतः ही ठीक करने की क्षमता रखता है। दरअसल प्रत्येक मानवीय शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता पाई जाती है लेकिन जब किसी व्यक्ति के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है तो व्यक्ति का शरीर छोटी से छोटी बीमारी का सामना करने में असमर्थ हो जाता है। अतः स्वस्थ रहने के लिए शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का बेहतर होना जरुरी है।

यदि आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है तो आप कटहल का उपयोग कर सकते हैं। बता दें कि कटहल में विटामिन सी सहित अनेक प्रकार के विटामिन्स पाए जाते हैं जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में लाभकारी होते हैं।

 

7. शारीरिक कमजोरी को दूर करने में होता है गुणकारी

दोस्तों शारीरिक कमजोरी किसी भी कारणवश किसी भी व्यक्ति को अपना शिकार बना सकती है। शारीरिक कमजोरी होने के कई कारण होते हैं। इसकी वजह से व्यक्ति को नींद अधिक आती है, किसी भी कार्य को करने में मन नहीं लगता है, शरीर तनाव से ग्रस्त हो जाता है इसलिए शारीरिक कमजोरी को जल्द से जल्द दूर करना ही उचित माना जाता है।

शारीरिक कमजोरी को दूर करने के लिए कटहल बेहद गुणकारी फल होता है। कटहल में प्रोटीन, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम सहित कई प्रकार के विटामिन्स व एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं जो शारीरिक कमजोरी को दूर करने में गुणकारी होते हैं।

 

8. एनीमिया रोग में कटहल का उपयोग है फायदेमंद

एनीमिया रोग एक जटिल समस्या है जो कई बार मौत का कारण भी बन जाती है। इसलिए एनीमिया रोग का उपचार सही समय पर करना आवश्यक होता है। हालाँकि एनीमिया रोग महिलाओं एवं पुरुषों दोनों को हो सकता है लेकिन यह रोग पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में अधिक होता है।

यदि आप भी एनीमिया रोग से पीड़ित हैं तो आप कटहल का उपयोग कर सकते हैं। बता दें की कटहल में आयरन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो एनीमिया रोग को दूर करने में फायदेमंद होता है।

 

कटहल के अन्य फायदे | Kathal Ke Fayde

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1. कटहल में विटामिन सी व एंटी बैक्ट्रियल गुण पाए जाते हैं जो त्वचा संबधित विकारों को दूर करने में असरकारक होते हैं।

2. कटहल में पोटैशियम पाया जाता है जो उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में प्रभावी होता है।

3. कटहल में विटामिन बी पाया जाता है जो थाइराइड रोगी के लिए लाभकारी होता है।

4. कटहल में प्रोटीन अच्छी मात्रा में पाया जाता है जो सेहत और बालों को स्वस्थ रखने में मददगार तत्व है।

5. कटहल में कैल्शियम पाया जाता है जो मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए महत्वूर्ण होता है।

 

कटहल का उपयोग | Uses of Jackfruit in Hindi

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कटहल एक ऐसा अनोखा फल है जिसके न केवल अनेक फायदे व अनेक नाम हैं बल्कि इसको उनके प्रकार से उपयोग भी किया जाता है। यदि आप कटहल का उपयोग करना नहीं जानते हैं तो चलिए अब आपको इसे इस्तेमाल करने के तरीकों से वाकिफ करवाते हैं।

1. कच्चे कटहल का उपयोग आप सब्जी के रूप में कर सकते हैं।

2. यदि आप तरह-तरह के अचार खाने के शौकीन हैं तो आप कटहल का उपयोग आचार के रूप में कर सकते हैं।

3. बेसन के साथ मिक्स करके कटहल का इस्तेमाल पकौड़ों के रूप में कर सकते हैं।

4. कटहल का उपयोग आप पराठों के रूप में भी कर सकते हैं।

5. चटनी बनाकर भी आप कटहल का इस्तेमालकर सकते हैं।

6. चिप्स के रूप में कटहल का उपयोग किया जा सकता है।

7. पके कटहल का इस्तेमाल सॉस के रूप में किया जा सकता है।

 

कटहल से होने वाले नुकसान | Side Effects of Jackfruit in Hindi

कटहल एक गुणकारी व लाभप्रद फल है लेकिन यदि कटहल का उपयोग असावधानी से किया जाता है तो यह शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए अब हम आपको कटहल से होने वाले नुकसानों के विषय में जानकरी देने वाले हैं ताकि आप कटहल का उपयोग सावधानी से करके इसके लाभों को प्राप्त कर सकें। तो आइये कटहल से होने वाले नुकसानों के बारे में जानते हैं।

1. खाली पेट कटहल का सेवन शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। इसलिए खाली पेट कटहल का सेवन नहीं करना चाहिए।

2. यदि कटहल का उपयोग अधिक किया जाता है तो यह अपच की समस्या को उत्पन्न कर देता है।

3. गर्भवती महिलाओं के लिए कटहल का उपयोग नुकसानदायक साबित हो सकता है। अतः गर्भवती महिलाओं को चिकित्सक का परामर्श लेकर ही कटहल का सेवन करना चाहिए।

4. कटहल में शुगर की मात्रा पाई जाती है इसलिए मधुमेह से पीड़ित रोगी को चिकित्सक का परमर्श लेकर ही कटहल का उपयोग करना चाहिए।

5. कटहल प्रजाति से सम्बंधित यदि आपको एलर्जी है तो कटहल का उपयोग करने से बचना चाहिए।

6. स्तनपान कराने वाली महिलाओं को कटहल का उपयोग डॉक्टर की सलाह लेकर करना चाहिए।

 

तो दोस्तों ये थी कटहल (jackfruit in hindi) से जुड़ी कुछ जानकारी। हम आशा करते हैं की आप कटहल के फायदे और नुकसान समझ गए होंगे। अगर आपको हमारी यह जानकारी पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के बीच शेयर जरूर करें और ऐसी ही जानकारी पढ़ते रहने के लिए हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें।

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