nettle leaf in hindi

About Nettle Leaf in Hindi: लाखों वर्ष पूर्व जब पृथ्वी पर मानव का उद्भव हुआ तो वह जंगलों में ही रहता है। अतः उस युग में मनुष्य किसी भी प्रकार के रोग से निजात पाने के लिए जंगली जड़ी बूटियों का उपयोग करते थे। हालाँकि मानवीय विकास हो जाने की वजह से वर्तमान समय में चिकत्सा का स्तर उन्नत है। लेकिन प्राचीन काल की चिकत्सा को बेकार मान लेना हमारी भूल है क्योंकि प्राचीनकाल में उपयोगी जड़ी बूटियां आज कई ऐसे रोगों को ठीक करने में कारागर हैं जिनको वैज्ञानिक चिकत्सा के माध्यम से ठीक नहीं किया जा सकता है।

आज हम आप से एक ऐसी ही दुर्लभ जड़ी बूटी के विषय में चर्चा करने वाले हैं। हम जिस जड़ी बूटी की बात कर रहे हैं उसको बिच्छू बूटी के नाम से जाना जाता है। बिच्छू बूटी के स्वाथ्य लाभों से अगर आप अनजान हैं तो आज के इस लेख को अंत तक पढ़िए इससे आपको बिच्छू बूटी का समस्त ज्ञान मिल जायेगा।

 

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क्या होती है बिच्छू बूटी | What is Nettle Leaf in Hindi

जंगल व नदी किनारे पाए जाने वाली बिच्छू बूटी बारहमासी जड़ी-बूटी है। बिच्छू बूटी का पौधा अर्टिकेसी (Urticaceae) कुल से सम्बंधित पौधा होता है जिसका का वैज्ञानिक नाम उर्टिका डियोका (Urtica dioica) है। दिलचस्प बात यह कि bichoo booti के पौधे के रोम में formic acid पाया जाता है जिसकी वजह से इस बूटी को छूने पर बिच्छू के डांक मारने जैसे पीड़ा और Sensation होती है इसलिए इसको बिच्छू बूटी के नाम से जाना जाता है।

बिच्छू बूटी की तासीर :

अधिकतर लोग बिच्छू बूटी की तासीर के बारे में नहीं जानते होंगे। इसलिए आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बिच्छू बूटी की तासीर गर्म होती है।

 

कैसा होता है बिच्छू बूटी का पौधा | How Nettle Leaf plant looks like

nettle leaf plant in hindi

बिच्छू बूटी एक जंगली जड़ी बूटी है। इसलिए अधिकतर लोगों ने इस दिव्य जड़ी बूटी का पौधा नहीं देखा होगा। आपको बता दें कि बिच्छू बूटी का पौधा सीधा बढ़ता है जो लगभग 2 से 4 फीट तक ऊँचा होता है एवं पौधे के सम्पूर्ण भाग पर रोम पाए जाते हैं। बिच्छू पौधे की पत्तियां हरे रंग की होती हैं एवं पत्तियों के बाहरी किनारे दांतों के समान होते हैं।

बिच्छू बूटी के फूलों का रंग पीला या गुलाबी होता है। यदि bichoo booti की खेती की बात की जाये तो बता दें कि अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, यूरोप व एशिया में इसकी खेती की जाती है। जबकि भारत में बिच्छू बूटी हिमाचल प्रदेश व जंगली इलाकों में पाई जाती है।

 

बिच्छू बूटी में पाए जाने वाले पौष्टिक तत्व | Nutrients of Nettle Leaf in Hindi

दोस्तों बिच्छू बूटी एक प्रकार की चमत्कारी बूटी है जिसमें मुख्य रूप से विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन डी, विटामिन बी6, मैग्नीशियम, पोटैशियम, कैल्शियम, आयरन, फास्फोरस, सोडियम, जिंक, कॉपर, मैंगनीज, राइबोफ्लाविन, नियासिन सहित कई प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं।

 

बिच्छू बूटी के विभिन्न नाम | Different Names of Nettle Leaf

बिच्छू बूटी को केवल बिच्छू बूटी के नाम से ही नहीं जाना जाता बल्कि कई प्रकार के नामों से जाना जाता है। तो आइये जानते हैं बिच्छू बूटी के अन्य नाम कौन कौनसे हैं।

हिंदी में बिच्छू बूटी का नाम – कंडाली व बिच्छू बूटी

संस्कृत में बिच्छू बूटी का नाम – नखपर्णी

अंग्रेजी में बिच्छू बूटी का नाम – टॉल नेट्टल व नेटल लीफ

मणिपुरी में बिच्छू बूटी का नाम – सन्थक

तेलगु में बिच्छू बूटी का नाम – गड्डनेल्ली

पंजाबी में बिच्छू बूटी का नाम – बिच्छू

कुमायुं में बिच्छू बूटी का नाम – सियूँण

गढ़वाल में बिच्छू बूटी का नाम – कंडली

 

बिच्छू बूटी के फायदे | Benefits of Nettle Leaf in Hindi

nettle leaf ke fayde

बिच्छू बूटी को छूते ही जलन होने लगती है इसलिए अधिकतर लोग इसके पास जाने से भी परहेज करते हैं। लेकिन इसमें कई तरह के औषधीय गुण मौजूद होते हैं जो सेहत को निरोगी बनाने में फायदेमंद होते हैं। जो बिच्छू बूटी से कतराते हैं वो आज से ही bichoo booti का उपयोग करने लगेगें क्योंकि अब हम आपको बिच्छू बूटी से होने वाले स्वास्थवर्धक फायदों की जानकारी देने वाले हैं जिसकी मदद से आप अपनी सेहत को स्वस्थ व शरीर को निरोगी बना सकते हैं।

 

1. ह्रदय को स्वस्थ रखने में बिच्छू बूटी है असरदार

शरीर में छोटी से छोटी कोशिका और अवयव को जीवित रखने के लिए पोषण तथा ऑक्सीजन की आवश्यकता रहती है। इस प्रकार के कार्य को करने के लिए जो अंग हमारे शरीर में मौजूद है उसको हम सभी ह्रदय के नाम से जानते हैं। दरअसल ह्रदय रक्त के माध्यम से सम्पूर्ण कोशिकाओं को ऑक्सीजन पहुंचाने का कार्य करता है। लेकिन गलत खान पान की वजह से ह्रदय रोगों की संख्या बढ़ रही जिसके कारण कई लोग हार्ट अटैक के कारण अपनी जान भी गवां चुके हैं।

ऐसे में यदि आप ह्रदय को स्वस्थ व निरोगी रखना चाहते हैं तो आप बिच्छू बूटी का उपयोग कर सकते हैं। बता दें कि बिच्छू बूटी में मैग्नीशियम व पोटैशियम पाया जाता है जो ह्रदय को स्वस्थ रखने में फायदेमंद होता है।

 

2. घावों को भरने में बिच्छू बूटी होती है लाभकारी

चोट या अन्य किसी कारणवश शरीर के किसी भी अंग में कभी न कभी घाव हो जाता है। हालाँकि शरीर में होने वाला घाव रोग नहीं होता है लेकिन समय पर यदि घाव ठीक नहीं किया जाता तो मामूली सा देखने वाला घाव रोग का कारण भी बन सकता है।

इसलिए शरीर में यदि किसी चोट के लगने से शरीर के किसी भी अंग में घाव हो गया हो तो उसको आसानी से ठीक करने के लिए आप बिच्छू बूटी का उपयोग कर सकते हैं। आपको बता दें कि bichu buti में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व पाए जाते हैं जो घाव को भरने में लाभकारी होते हैं।

 

3. कैंसर की रोकथाम में बिच्छू बूटी है उपयोग

हमारे देश में कैंसर पीड़ितों की संख्या दिन-व-दिन बढ़ती ही जा रही है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हर साल कैंसर के लाखों मामले सामने आते हैं। महिलाओं और पुरुषों दोनों को कैंसर किसी भी उम्र में हो सकते हैं लेकिन पुरुषों को अधिकतर ब्रेन ट्रयूमर, गले, मुँह और फेफड़ों का कैंसर अधिक होता है। जबकि महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर, गर्दन और गर्भाशय में होने वाले कैंसर के मामले अधिक हैं।

दोस्तों कैंसर किसी भी प्रकार का हो उसका इलाज महंगा होता है इसलिए जरुरी है कि शरीर का कैंसर से बचाव किया जाये। बता दें बिच्छू बूटी में कैंसर विरोधी गुण पाए जाते हैं जो कई प्रकार के कैंसर की रोकधाम करने में प्रभावी होते हैं।

 

4. मासिक धर्म में होती है फायदेमंद

मासिक धर्म से प्रत्येक महिला को जूझना पड़ता है। मासिक धर्म महिलाओं से संबंधित एक ऐसी समस्या है जिसका महिलाओं को प्रत्येक माह सामना करना पड़ता है। मासिक धर्म के दौरान कई महिलाओं को कम मात्रा में रक्त प्रवाह होता है तो कई महिलाओं को अधिक मात्रा में रक्त प्रवाह होता है जो कि शरीर के लिए घातक साबित हो सकता है।

यदि जो महिलायें अत्यधिक रक्त प्रवाह की समस्या से ग्रस्त हैं तो वह बिच्छू बूटी का इस्तेमाल कर सकती हैं क्योंकि bichu buti में रक्त प्रवाह को नियंत्रित करने वाले गुण पाए जाते हैं। इसके आलावा मासिक धर्म से जुड़ी अन्य समस्यों में भी बिच्छू बूटी एक फायदेमंद जड़ी बूटी मानी जाती है।

 

5. मूत्र संक्रमण में बिच्छू बूटी होती है लाभकारी

मूत्र संक्रमण यानी यूरिन इन्फेक्शन एक ऐसा रोग है जो किसी भी उम्र के व्यक्ति को अपना शिकार बना सकता है। हालाँकि मूत्र संक्रमण रोग से पुरुषों की तुलना में महिलायें अधिक ग्रस्त होती हैं। दरअसल मूत्र संक्रमण बैक्टीरिया जनित संक्रमण रोग होता है जो मूत्र मार्ग को प्रभावित करता है। इस रोग की वजह से मूत्र रुक-रुक कर आने लगता है, मूत्र में जलन होने लगती है, सूजन आ जाती है आदि परेशानियां मूत्र मार्ग में होने लगती है जो बेहद पीड़ादायक होती हैं।

मूत्र संक्रमण से ग्रस्त रोगी के लिए बिच्छू बूटी का इस्तेमाल फायदेमंद साबित हो सकता है। दरअसल बिच्छू बूटी में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जो मूत्र संक्रमण की रोकधाम करने में फायदेमंद होते हैं।

 

6. वायरल फीवर में होती है राहतमंद

अधिकांश लोग बदलते मौसम की वजह से वायरल फीवर के शिकार हो जाते हैं। वायरल फीवर के कारण सर्दी खांसी, सिरदर्द, बदन दर्द, शरीर का तापमान बढ़ना, शारीरक व मानसिक तनाव जैसी कई दिक्कतें उत्पन्न हो जाती हैं जो व्यक्ति के स्वस्थ शरीर को निरोगी बनाने में मददगार होती हैं। चूँकि वायरल फीवर किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता है इसलिए मौसम के बदलाब के साथ ही शरीर को इस वायरल फीवर से बचाने की कोशिश करनी चाहिए।

आपको बता दें कि बिच्छू बूटी में कई प्रकार के गुणकारी तत्व पाए जाते हैं जो न सिर्फ वायरल फीवर को ठीक करने में फायदेमंद होते हैं बल्कि स्वस्थ शरीर को वायरल फीवर के संक्रामक बैक्ट्रिया से बचाने में भी असरदार होते हैं।

 

7. रक्त संचार करने में बिच्छू बूटी होती है मददगार

रक्त संचार की सही गति शरीर के प्रत्येक अंग के लिए आवश्यक होती है। रक्त संचार में होने वाली रुकावट की वजह से शरीर के अंगों में रक्त जम जाता है जो सेहत के लिए बेहद घातक साबित हो सकता है। इसके अतरिक्त रक्त संचार नहीं होने की वजह से कई प्रकार के शारीरिक रोग उत्पन्न हो जाते हैं। इसलिए स्वस्थ शरीर के लिए शरीर में रक्त संचार का सामान्य रूप से होना जरूरी होता है।

हालाँकि कई लोग रक्त परिसंचरण करने के लिए योग व व्यायम करते हैं जबकि कई लोग ऐसे होते हैं जो मोटापा से ग्रस्त होते हैं एवं एक ही स्थान पर घण्टों बैठे रहते हैं जिसकी वजह से उनका रक्त संचार सही से नहीं हो पाता है। आपको बता दें कि रक्त परिसंचरण में बिच्छू बूटी एक गुणकारी बूटी है जिसकी मदद से रक्त संचार की गति को सामान्य किया जा सकता है।

 

बिच्छू बूटी के अन्य फायदे | Some Other Benefits of Nettle Leaf in Hindi

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1. बिच्छू बूटी में कैल्शियम और विटामिन डी पाया जाता है जो हड्डियों को मजबूत बनाने में फायदेमंद होता है।

2. खून की कमी से जूझ रहे लोगों के लिए बिच्छू बूटी लाभकारी औषधि है। दरअसल बिच्छू बूटी में आयरन पाया जाता है जो खून की कमी को दूर करने के लिए अति आवश्यक है।

3. बिच्छू बूटी में विटामिन ए और एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं जो बालों को मजबूत बनाने में प्रभावी होते हैं।

4. त्वचा सम्बन्धी रोगों को ठीक करने में बिच्छू बूटी कारगर है।

5. शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में बिच्छू बूटी असरकारक होती है।

 

बिच्छू बूटी का उपयोग | Uses of Nettle Leaf in Hindi

Nettle leaf uses in hindi

बिच्छू बूटी एक जंगली औषधि है जिसका उपयोग करना अधिकतर पाठकों को नहीं आता होगा। ऐसे में बिच्छू बूटी के फायदों से परिचित होने के पश्चात् अधिकतर पाठक सोच रहे होंगे कि आखिर बिच्छू बूटी का उपयोग किस प्रकार से किया जाता है। इसलिए दोस्तों अब हम आपको इसे इस्तेमाल करने के तमाम तरीकों से अवगत करवाने वाले हैं।

1. सब्जी के रूप में आप बिच्छू बूटी का उपयोग कर सकते हैं।

2. यदि आप ग्रीन टी का सेवन नए नए फ्लेवर में करना पसंद करते हैं तो आप बिच्छू बूटी का इस्तेमाल चाय के रूप में भी कर सकते हैं।

3. सर्दी जुकाम, वायरल फीवर या किसी संक्रमण से बचाव करने के लिए आप बिच्छू बूटी का उपयोग काढ़े के रूप में कर सकते हैं।

4. बिच्छू बूटी को नमक वाले पानी में उबालकर आप इसका इस्तेमाल सलाद के रूप में भी कर सकते हैं।

5. बिच्छू बूटी का उपयोग चूर्ण बनाकर किया जा सकता है।

 

बिच्छू बूटी से होने वाले नुकसान | Side Effects of Nettle Leaf in Hindi

बिच्छू बूटी फायदेमंद औषधि है लेकिन यदि इसका इस्तेमाल सावधानी से नहीं किया गया तो यह शरीर को कई प्रकार के नुकसान पहुंचा सकती है। यदि आप bichu buti के नुकसानों से परिचित नहीं हैं तो चलिए आपको इससे होने वाले कुछ नकारात्मक प्रभावों से भी आगाह कर देते हैं।

1. बिच्छू बूटी का उपयोग गलत तरीके से करने से शरीर पर लाल दाने निकल सकते हैं।

2. इस बूटी का अधिक उपयोग करने से दस्त की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

3. बिच्छू बूटी का इस्तेमाल गलत तरीके से करने से किडनी सम्बंधित रोग हो सकते हैं।

4. बिच्छू बूटी में शुगर के स्तर को कम करने वाले गुण पाए जाते हैं इसलिए जो लोग शुगर को कम करने वाली दवाओं का सेवन कर रहे हैं उनके लिए बिच्छू बूटी का उपयोग नुकसानदायक साबित हो सकता है।

5. गर्भवती महिलाओं को बिच्छू बूटी का उपयोग चिकत्सक का परामर्श लेकर ही करना चाहिए।

 

तो दोस्तों ये थी बिच्छू बूटी (nettle leaf in hindi) से जुड़ी कुछ जानकारी। हम आशा करते हैं की आप बिच्छू बूटी के फायदे और नुकसानों से परिचित हो गए होंगे। अगर आपको हमारी यह जानकारी पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के बीच शेयर जरूर करें और ऐसी ही जानकारी पड़ते रहने के लिए हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें।
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