dandelion in hindi

About Dandelion in Hindi: दोस्तों आज हम आपको एक ऐसी जड़ी बूटी के बारे में बताने वाले हैं जिसका नाम सुनते ही आपको आपके बचपन के दिन याद आ जायेगें। आपने इस जड़ी बूटी के रेशों को हाथ में लेकर मुँह से फूंक मारकर जरूर उड़ाया होगा। इतना जानने के बाद आपके मन में अवश्य ही विचार उठ रहा होगा की आखिर यह कौनसी जड़ी बूटी है। तो दोस्तों उस जड़ी बूटी का नाम है सिंहपर्णी इसे अंग्रेजी में dandelion के नाम से भी जाना जाता है।

कई लोग सिंहपर्णी का उपयोग अपने बाग़ बगीचों की शोभा बढ़ाने के लिए करते हैं और अक्सर हम खूबसूरत सिंहपर्णी को देखकर इसे सामान्य पेड़ समझकर अनदेखा कर देते हैं। बता दें की यह कोई सामान्य पेड़ नहीं है बल्कि एक कमाल की औषधि है जिसका इस्तेमाल सदियों से आयर्वेद में इस्तेमाल किया जा रहा है। सिंहपर्णी एक गुणकारी जड़ी बूटी है जिसके स्वास्थवर्धक कई फायदे हैं। चलिए आज आपको इसके फायदे और इससे जुड़ी कुछ रोचक जानकारी बताते हैं।

 

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क्या है सिंहपर्णी | What is Dandelion in Hindi

सिंहपर्णी एक खरपतवार है जिसकी उपज बारहमाह होती है। सिंहपर्णी का पौधा Asteraceae परिवार से सम्बंधित पौधा है जिसका वैज्ञानिक नाम टराक्सेकम (Taraxacum) है। सिंहपर्णी का पौधा 10 से 12 इंच तक लम्बा होता है। इसमें पीले रंग के फूल लगते हैं। यह फूल देखने में सूरजमुखी के फूल की तरह लगते हैं परन्तु वास्तविक तौर पर सिंहपर्णी के फूल सूरजमुखी के फूल से आकार में छोटे होते हैं। इसकी पत्तियां हरे रंग की नुकीली होती हैं जो देखने में आकर्षित लगती हैं।

सिंहपर्णी के फल और फूल लगभग एक से दो माह में पक जाते हैं। बता दें कि सिंहपर्णी के फूलों का आकार आयताकार में बीज की तरह दिखाई देता है एवं पकने के बाद इसका रंग धूसर-भूरा हो जाता है। सिंहपर्णी पेड़ का प्रत्येक भाग उपयोगी होता है लेकिन इसका स्वाद कड़वा होता है एवं इसके प्रत्येक भाग में दूधिया सफेद रस होता है। सिंहपर्णीन की जड़ सफ़ेद होती है जिसका उपयोग आयुर्वेदिक दवाइयों में किया जाता है।

 

सिंहपर्णी का पौधा कहाँ पाया जाता है | Where did Dandelion found

dandelion plant in hindi

सिंहपर्णी एक जंगली पौधा है जो बहुआयात में जंगलों में ही पाया जाता है। इसके अतरिक्त यह एक खरपतवार है जिसको खेतों, खेतों की मेढ़ों, तालाब किनारे, बंजर भूमि, नदियों के आसपास देखा जा सकता है। यदि सिंहपर्णी पौधे के उत्पादन की बात की जाये तो सबसे अधिक सिंहपर्णी की पैदावार यूरोप एवं उत्तरी अमेरिका के आलावा एशियाई देशों में होती है। इसको गार्डन के गमलों में भी आसानी से लगाया जा सकता है।

 

सिंहपर्णी में पाए जाने वाले पौष्टिक तत्व | Nutrients of Dandelion in Hindi

सिंहपर्णी के सम्पूर्ण पौधे में पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं। अतः इसकी पत्तियों से लेकर इसकी जड़ तक का उपयोग निरोगी काया के लिए किया जाता है। माना जाता है कि सिंहपर्णी में पालक की तुलना में अधिक कैल्शियम और आयरन पाया जाता है। इसके आलावा सिंहपर्णी में विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन ई, विटामिन बी 6, पोटैशियम, विटामिन बी 12, फॉस्फोरस, फोलेट, विटामिन k, कार्बोहाइड्रेट, सोडियम, फाइबर, नियासिन, थाइमिन, राइबोफ्लेविन, फैटी एसिड टोटल सैचुरेटेड, फैटी एसिड टोटल पॉलीसैचुरेटेड, विटामिन डी, पोटाश, सेलेनियम, पेंटोथेनिक एसिड, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।

 

सिंहपर्णी के फायदे | Benefits of Dandelion in Hindi

dandelion benefits in hindi

सिंहपर्णी का पौधा एक औषधीय पौधा है जिसमें कई तरह के विटामिन्स और खनिज पाए जाते हैं जो शरीर को निरोगी काया प्रदान करने में मदद करते हैं।

भागदौड़ भरी जिंदगी के कारण हम पौष्टिक भोजन का सेवन नहीं कर पाते हैं जिसकी वजह से शरीर में कई तरह के मिनरल्स और विटामिन्स की कमी हो जाती है। जब शरीर में पौष्टिक तत्वों की कमी हो जाती है तो शरीर अनेक रोगों से ग्रस्त हो जाता है। बता दें कि सिंहपर्णी पौष्टिक गुणों से भरपूर है एवं शरीर को निरोगी बनाने में भी फायदेमंद है। तो आइये जानते हैं सिंहपर्णी के कुछ फायदे जिससे आप भी इसका उपयोग कर लाभ ले सकें।

 

1. तेजी से भूख को बढ़ाता है

शरीर को सम्पूर्ण पोषण मिलना जरुरी होता है और यह पोषण खाद्य पदार्थों के द्वारा ही शरीर में पहुँचता है। अतः जब व्यक्ति को भूख नहीं लगती है तो वह खाद्य पदार्थों का सेवन अति कम मात्रा में करता है जिसकी वजह से व्यक्ति के शरीर में पोषक तत्वों कि कमी हो जाती है व शरीर को अनेक रोग घेर लेते हैं। इसलिए भूख ना लगना भी एक गंभीर समस्या है जिससे अमूनन 50% लोग पीड़ित है।

जिन लोगों को कम भूख लगती है उन लोगों के लिए सिंहपर्णी रामबाण औषधि है। यह पाचन क्रिया के विकारों को नष्ट करके भूख को तेजी से बढ़ाती है। इसके आलावा विटामिन बी 1 की कमी से भूख लगना बंद हो जाती है। बता दें कि सिंहपर्णी में विटामिन बी 1, विटामिन सी ओर आयरन उच्च मात्रा में पाया जाता है जो भूख के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है।

 

2. मूत्र संक्रमण में है फायदेमंद

मूत्र का बूंद बूंद आना, मूत्र में जलन का होना, मूत्र का बंद होना यह सब मूत्र संक्रमण के कारण ही होता है। मूत्र संक्रमण सिर्फ एक कष्टदायक समस्या ही नहीं है बल्कि बेहद गंभीर समस्या है जो कभी कभी मौत का कारण भी बन जाती है। इसलिए सही समय पर इसका उपचार करना अत्यंत आवश्यक होता है। मूत्र संक्रमण का सीधा प्रभाव गुर्दे पर पड़ता है जिसकी वजह से गुर्दे ख़राब होने का खतरा बढ़ जाता है अतः मूत्र संक्रमण का इलाज जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी करवाना लाभदायक रहता है।

मूत्र संक्रमण को कम करने या मूत्र संक्रमण से शरीर को बचाने के लिए आप सिंहपर्णी का उपयोग कर सकते हैं। सिंहपर्णी में विटामिन ई, सेलेनियम, विटामिन बी 6 और विटामिन सी पाया जाता है जो कोलाई बैक्टीरिया की वृद्धि को कम करता है जिसकी वजह से मूत्र संक्रमण धीरे-धीरे कम होने लगता है।

 

3. मांसपेशियों में होने वाली अकड़न से दिलाता है मुक्ति

मासपेशियां हमारे शरीर के लिए सबसे महत्पूर्ण संरचनाओं में से एक होती हैं। शरीर में होने वाले लगभग सभी मूमेंट के लिए मांसपेशियों की आवश्यकता होती है। शरीर में मूमेंट करने के लिए मांसपेशियों का लचीला और स्वस्थ होना जरुरी है। मांसपेशियों में अकड़न या माशपेशियों का कड़क हो जाना कई शारीरिक समस्याओं को उत्पन्न करता है जैसे कि मांसपेशियों में दर्द होना, अत्यधिक थकान का होना, सम्पूर्ण शरीर अथवा शरीर के किसी विशेष भाग में दर्द होना, मांसपेशियों में गठाने बन जाना और खिचाव होना आदि।

बता दें कि सिंहपर्णी मांसपेशियों में होने वाली अकड़न को ठीक करने में लाभकारी होता है। दोस्तों मांसपेशियों को रिलैक्स या लचीलेपन के लिए मैग्नीशियम और कैल्शियम की आवश्यकता पड़ती है। जब मैग्नीशियम और कैल्शियम दोनों ही संकुचित हो जाते हैं तो इसके कारण मांसपेशियां कड़क हो जाती हैं। सिंहपर्णी एक ऐसा पौधा है जिसमें कैल्शियम और मैग्निशयम अधिक पाए जाते हैं जो मांसपेशियों को स्वस्थ और लचीला बनाते हैं।

 

4. लीवर को बनाता है स्वस्थ

लीवर को हिंदी में जिगर के नाम से भी जाना जाता है। यह मानव संरचना का बेहद अहम हिस्सा होता है इसलिए प्रत्येक मानव को इसकी सख्त आवश्यकता होती है। अक्सर हम शरीर के अन्य हिस्सों पर तो ध्यान देते हैं लेकिन लीवर की ओर ध्यान नहीं देते हैं जिसकी वजह से लीवर ख़राब होने की समस्या भी उत्पन्न हो जाती है। लीवर ख़राब होने से लोगों को अनेक जटिल समस्याओं का सामना तो करना पड़ता ही है साथ ही लीवर ख़राब होने से कई लोग हर साल अपनी जान भी गवां देते हैं।

याद रखिए लीवर को स्वस्थ बनाने के लिए सिंहपर्णी अत्यंत कारगर जड़ी बूटी है। इसमें हेपाटोप्रोटेक्टिव (Hepatoprotective), विटामिन सी, डायटरी फाइबर जैसे तत्व पाए जाते हैं जो लिवर को स्वस्थ बनाये रखते हैं। लीवर को निरोगी बनाने के लिए आप सिंहपर्णी की जड़ का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

 

5. मोटापा को करता है कम

मोटापा को एक कष्टकारी व्याधि माना जाता है क्यूंकि जरुरत से अधिक वजन बढ़ने के कारण शरीर अनेक रोगों से पीड़ित हो जाता है। अधिक मोटापे के कारण जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, हार्ट रोग, उदार रोग आदि उत्पन्न होने लगते हैं। अतः मोटापा जीवन की सभी गतिविधियों को प्रभावित करता है इसलिए मोटापे को कंट्रोल में करना बेहद जरुरी होता है।

मोटापा कम करने के लिए आप सिंहपर्णी का उपयोग कर सकते हैं क्यूंकि इसमें क्लोरोजेनिक एसिड और फाइबर उच्च मात्रा में पाया जाता है जिसकी मदद से मोटापा आसानी से कम हो जाता है। मोटापा कम करने के लिए आप सिंहपर्णी की जड़ का काढ़ा या इसके पत्तों की चाय बनाकर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

 

6. कमर दर्द में है लाभकारी

वर्तमान समय में कमर दर्द को एक आम बीमारी माना जाता है क्यंकि अधिकतर पुरुष और महिलायें दोनों ही इस समस्या से पीड़ित हैं। बता दें कि अमेरिका में किये गए एक शोध के मुताबिक न्यूरो संबधी समस्याओं में सिरदर्द के बाद कमर दर्द लोगों में अधिक पाया जाता है। कमर होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे की कार्यस्थल वाले स्थान पर कुर्सी पर अधिक समय तक बैठकर कार्य करना, हड्डियों और मांसपेशियों की कमजोरी, कमर में चोट लगना, गलत तरीके से बैठना उठना आदि कमर दर्द के कारण बनते हैं।

कमर दर्द सिर्फ शारीरिक तकलीफ ही नहीं देता है अपितु गुर्दे और किडनी पर भी गलत प्रभाव डालता है। इसलिए कमर दर्द का सही इलाज करना बेहद जरुरी है। सिंहपर्णी में मैग्नीशियम, कैल्शियम, प्रोटीन, आयरन भरपूर मात्रा में पाया जा जाता है जो रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाकर कमर दर्द की समस्या से निजात दिलाने में सहायता करता है।

 

7. कब्ज में है असरदार

कई बार गलत खान पान की वजह से ही कब्ज नहीं होता है बल्कि जो लोग दिनभर एक ही स्थान पर बैठकर कार्य करते हैं उन लोगों को भी कब्ज की समस्या उत्पन्न हो जाती है। एक स्थान पर बैठ कर काम करने से मानसिक श्रम तो खूब होता है लेकिन शारीरक श्रम नहीं हो पाता है जिसकी वजह से खाया हुआ भोजन ठीक से नहीं पचता है और कब्ज की बीमारी पैदा हो

जाती है। कब्ज को दूर करने वाला सबसे बेहतरीन विकल्प सिंहपर्णी है। सिंहपर्णी में फाइबर और कुछ ऐसे एंजाइम पाए जाते हैं जो खाने को जल्दी पचाने में मदद करते हैं। खाना खाने के बाद सिंहपर्णी की चाय का सेवन करने से खाना आसानी से पच जाता है जिसकी वजह से कब्ज की बीमारी से शरीर को छुटकारा मिलता है।

 

8. खुजली और फुंसियों का करता है विनाश

खाज, खुजली, फोड़ा फुंसी त्वचा संबंधी समस्याएं हैं जो किसी भी आयु वर्ग के व्यक्तियों को हो सकते हैं। फुंसियां अधिकतर किशोरवस्था में होती हैं जो पीठ और चेहरे की त्वचा पर ज्यादातर होती हैं। हालाँकि फुंसियां या मुंहासे गंभीर रोग नहीं है लेकिन इनकी वजह से सम्पूर्ण चेहरा ख़राब हो जाता है एवं कई बार चेहरे और पीठ की त्वचा पर बड़े या छोटे-छोटे गड्डे भी हो जाते हैं जो देखने में बेहद भद्दे लगते हैं। इसके आलावा खुजली की समस्या से पीड़ित व्यक्ति को भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

इन दोनों रोगों से निजात पाने के लिए आप सिंहपर्णी का इस्तेमाल कर सकते हैं। सिंहपर्णी में एंटीफंगल और एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं जो खुजली और फुंसियों को ठीक करने में लाभकारी होते हैं।

 

9. मधुमेह है तो करे सिंहपर्णी का उपयोग

मधमेह एक ऐसा रोग है जिसका सम्पूर्ण तरीके से तो इलाज नहीं किया जा सकता है लेकिन कुछ औषधियों को अपनाकर इस पर काबू अवश्य ही किया जा सकता है। मधुमेह रोग दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा जिसको सही करने का इलाज ना तो अभी तक एलोपैथी में बना और ना ही आयुर्वेद में बना है इसलिए जिन लोगों को मधुमेह रोग नहीं हुआ है उन लोगों को मधुमेह होने से शरीर को बचाना चाहिए।

जिन लोगों को मधुमेह है उन लोगों के लिए सिंहपर्णी लाभकारी जड़ी बूटी है। बता दें कि मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए सिंहपर्णी का उपयोग आयुर्वेद में सदियों से होता आ रहा है। यदि आपको या आपके किसी भी परिचित को मधुमेह रोग है तो आप सिंहपर्णी का उपयोग कर सकते हैं। इसमें मुख्य रूप से बीटा कैरोटीन, एंटीडायबिटिक, एंटी-हाइपोग्लाइसेमिक, एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर और पोटैशियम पाया जाता जाता है जो मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।

 

10. पित्ताशय को बनाता है स्वस्थ

दोस्तों पित्ताशय पाचन तंत्र का एक महत्पूर्ण हिस्सा होता है। जब पित्ताशय में किसी कारणवश खराबी हो जाती है तो भूख कम लगने लगती है, पेट में तेज दर्द होने लगता है, खाने के बाद या खाली पेट उल्टी होने लगती है, पेट में ऐंठन महसूस होती है, इसके आलावा पित्त की थैली में पथरी भी बन जाती है। इसलिए पित्ताशय का स्वस्थ होना शरीर के लिए बेहद आवश्यक होता है।

पित्ताशय को स्वस्थ और निरोगी बनाने के लिए आप सिंहपर्णी का उपयोग कर सकते हैं क्यूंकि इसमें कुछ ऐसे लाभकारी विटामिन्स और खनिज पाए जाते हैं जो पित्ताशय में होने वाले विषैले पदार्थों को मूत्र के द्वारा बाहर निकाल देते हैं। पित्ताशय में मौजूद विषैले पदार्थ बाहर निकलने से पित्ताशय निरोगी और स्वस्थ बनता है।

 

11. ब्लड प्रेशर में है लाभकारी

हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप वर्तमान समय में युवाओं की मौत का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है। वास्तव में उच्च रक्तचाप गलत आधुनिक जीवनशैली जीने का परिणाम है। असंतुलित आहार, तनाव पूर्ण जिंदगी, वसा युक्त आहार, मोटापा व अन्य शारीरिक और मानसिक कारण व्यक्ति को उच्च रक्तचाप का शिकार बना देते हैं। लेकिन बड़े हुए ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में करना बेहद जरुरी है क्यूंकि इसके बेहद घातक परिणाम व्यक्ति के सामने आते हैं।

सिंहपर्णी ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में करने वाला लाभकारी पौधा है। सिंहपर्णी में अच्छी मात्रा में फाइबर और पोटैशियम पाया जाता है जो ब्लड प्रेशर रोगी के लिए एक दवा की तरह काम करता है। अतः सिंहपर्णी का उपयोग करके आप ब्लड प्रेशर को नियंत्रित कर सकते हैं।

 

12. बालों को बढ़ाने में है प्रभावी

कई लोग हमेशा बालों की समस्या से पीड़ित रहते हैं क्यूंकि कई उपायों को अपनाने के बाद भी उनके बाल पतले, कमजोर एवं छोटे ही रहते हैं। अतः बालों की इस समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए सिंहपर्णी किसी वरदान से कम नहीं है। सिंहपर्णी में विटामिन ई, विटामिन ए, प्रोटीन, कैल्शियम, बी काम्प्लेक्स अधिक पाया जाता है जो बालों को पोषण देने वाले प्रमुख पौष्टिक तत्व होते हैं। बालों को लम्बा, घना, मजबूत, खूबसूरत बनाने के लिए आप सिंहपर्णी की पत्तियों या जड़ का इस्तेमाल कर सकते हैं।

 

सिंहपर्णी के अन्य फायदे | Some Other Benefits of Dandelion in Hindisinghparni

1. सिंहपर्णी में आयरन अधिक पाया जाता है जिसकी मदद से एनीमिया रोग से बचा जा सकता है। इसके आलावा खून की कमी वाले व्यक्तियों के लिए सिंहपर्णी का उपयोग फायदेमंद होता है क्यंकि यह खून को बढ़ाने वाला मुख्य अवयव है।

2. इसमें कैंसर विरोधी तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को घातक रोग कैंसर होने से बचाने में मदद करते हैं।

3. इसमें कैल्शियम उच्च मात्रा में जाता है जिसकी वजह से हड्डियां तंदरुस्त और बलशाली बनती हैं।

4. सिंहपर्णी में पाया जाने वाला फाइबर पाचनतंत्र को सही करने में फायदेमंद होता है।

5. इसमें विटामिन ई और विटामिन ए भरपूर मात्रा पाया जाता है जो आँखों को स्वस्थ और निरोगी बनाने में मददगार होते हैं।

6. सिंहपर्णी में एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं जो रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाने में फायदेमंद होते हैं।

 

सिंहपर्णी का उपयोग | Uses of Dandelion in Hindi

dandelion uses in hindi

सिंहपर्णी के स्वास्थवर्धक लाभ जानने के बाद आप अवश्य ही सोच रहे होंगे की आखिर इसका उपयोग कैसे किया जाता है क्यूंकि बेहद कम लोग ही सिंहपर्णी का उपयोग करना जानते हैं। यदि आपको भी सिंहपर्णी का उपयोग करना नहीं आता है तो आप इसका उपयोग इस तरीके से कर सकते हैं।

1. सिंहपर्णी की पत्तियों का जूस बनाकर आप इसका उपयोग कर सकते हैं।

2. सिंहपर्णी की जड़ का काढ़ा बनाकर इसका उपयोग किया जा सकता हैं।

3. सिंहपर्णी की ताजी पत्तियों या जड़ का पेस्ट बनाकर त्वचा पर लगा सकते हैं।

4. सिंहपर्णी की पत्तियों की सब्जी बनाकर उसका उपयोग कर सकते हैं।

5. इसकी पत्तियों या जड़ की चाय बनाकर भी आप सिंहपर्णी का उपयोग कर सकते हैं।

6. सिंहपर्णी की जड़ और पत्तियों का इस्तेमाल आप सलाद के रूप में कर सकते हैं।

7. स्वाद बदलने के लिए आप सिंहपर्णी का उपयोग चटनी के रूप में भी कर सकते हैं।

 

सिंहपर्णी से होने वाले शारीरिक नुकसान | Side Effects of Dandelion in Hindi

ऋषि मुनि सदियों से ही चेतावनी देते आये हैं कि किसी भी चीज की अति विनाशकारी होती है। अतः सिंहपर्णी के अनेक फायदे तो हैं लेकिन इसका अधिक करना और गलत तरीके से इस्तेमाल करना शरीर को कई तरह के नुकसान पहुंचा सकता है। तो आखिर सिंहपर्णी के इस्तेमाल से कौन कौन से नुकसान हो सकते हैं आइये जानते हैं।

1. सिंहपर्णी में कई तरह के एसिड पाए जाते हैं जो गर्भवती महिलाओं के लिए हानिकारक होते हैं। इसलिए गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसका उपयोग नहीं करना चाहिए।

2. सिंहपर्णी खाने को आसानी पचा देती है जिसकी वहज से व्यक्ति को अधिक भूख लगती है। अतः मोटापा से ग्रस्त लोगों को इसका इस्तेमाल सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।

3. अल्सर रोग से पीड़ित लोगों के लिए सिंहपर्णी का उपयोग नुकसान पंहुचा सकता है। इसलिए अल्सर रोग से पीड़ित लोगों को इसके इस्तेमाल से बचना चाहिए।

4. जिनकी त्वचा सवेंदनशील है उनको इसका इस्तेमाल नुकसानदायक होता है।

5. किसी भी तरह की एलर्जी से पीड़ित व्यक्तियों के लिए चिकित्स्क का परामर्श लेकर ही सिंहपर्णी का उपयोग करना चाहिए।

6. सिंहपर्णी का उपयोग जरुरत से अधिक करने से किसी भी व्यक्ति को नुकसान पंहुचा सकता है इसलिए इसका इस्तेमाल कुछ दिनों के अंतराल से ही करना चाहिए।

 

तो दोस्तों ये थी सिंहपर्णी (Dandelion in hindi) से जुड़ी कुछ जानकारी। हम आशा करते हैं की आप सिंहपर्णी के समस्त फायदे और नुकसानों से परिचित हो गए होंगे। अगर आपको हमारी यह जानकारी पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के बीच शेयर जरूर करें और ऐसी ही जानकारी पड़ते रहने के लिए हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें।
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