About Buckwheat in Hindi: लोगों को अलग-अलग तरह के व्यंजन पसंद होते हैं इसलिए लोग विभिन्न तरह के अनाजों का इस्तेमाल कई तरह की रोटी व पराठे के लिए करते हैं। अब यूं तो आपने गेहूं, मक्के, बाजरे, जौं, ज्वार ये सभी ज्यादातर इस्तेमाल में आने वाले अनाजों का नाम सुन रखा होगा लेकिन आज हम आपसे एक विशेष खाद्य पदार्थ की बात करने वाले हैं जो पौष्टिक होने के साथ स्वादिष्ट भी है। जिस खाद्य पदार्थ की हम बात कर रहे हैं उसका नाम कुट्टू (Buckwheat) है।

कुट्टू का नाम आप ने शायद सुना हो इसका इस्तेमाल अमूमन सिर्फ आटे के रूप में ही किया जाता है परन्तु बता दें की कुट्टू यानी कि buckwheat कई तरह से उपयोग किया जा सकता है। कुट्टू के स्वस्थ्य सम्बन्धी कई फायदे भी हैं जिनसे लोग परिचित नहीं हैं। तो कुट्टू के समस्त उपयोग, फायदे और इससे जुड़ी तमाम जानकारी के लिए बस ये लेख आगे पढ़ते रहिए।

 

Page Contents

कुट्टू क्या होता है | What is Buckwheat in Hindi

कुट्टू पौधे में लगने वाला एक फल का बीज होता है जिसका उपयोग आनाज की भांति किया जाता है। इसे अंग्रेजी में Buckwheat जबकि कई स्थानों पर इसे ऊगल व फाफर के नाम से जाना जाता है। कुट्टू की खेती 8,000 से अधिक वर्षों से की जाती रही है यही वजह है कि इसे प्राचीन अनाज कहा जाता है।

कुट्टू का इस्तेमाल पीस कर आटे के रूप में, सोबा नूडल्स के रूप में, काशा के रूप में या भुना हुए चने के रूप में किया जाता है। बता दें कि कुट्टू आटे का उपयोग अधिकतर व्रतों के समय किया जाता है। यह क्विनोआ (Quinoa) की तरह ग्लूटेन फ्री होता है तो जिन लोगों को ग्लूटेन एलर्जी है उनके लिए कुट्टू बढ़िया चीज है। इसके और भी कई पोस्टिक गुणों की वजह से इसे सुपर ग्रेन भी कहा जाता है।

 

कैसा होता है कुट्टू का पौधा | How is Buckwheat plant looks

buckwheat plant in hindi

कुट्टू पौधे का वानस्पतिक नाम फेगोपाइरम एस्कुलेन्टम (Fagopyrum esculentum) है एवं यह पोलीगोनेसिएइ (Polygonaceae) पर‍िवार से संबधित पौधा है। कट्टू पौधा वार्षिक पौधा होता है जिसकी लम्बाई लगभग 2 से 4 फिट तक होती है एवं यह एकदम सीधा बढ़ता है।

कुट्टू पौधे की पत्तियां हरे रंग की त्रिकोड़िय आकार की होती हैं व इसके फूल गुच्छों में सफ़ेद रंग के होते हैं जो देखने में बेहद खूबसूरत लगते हैं। कुट्टू पौधे के बीज ब्राउन (सफ़ेद-भूरे) रंग के होते हैं एवं बीजों का आकर भी त्रिकोड़िय होता है व इन्हीं बीजों को पीसकर कुट्टू का आटा तैयार किया जाता है।

 

कुट्टू का उत्पादन सर्वाधिक कहाँ होता है | Where did Buckwheat found

कई ऐसे भी पाठक होंगे जो जानना चाहते होंगे कि कुट्टू आटे का उत्पादन भारत के किस हिस्से में अधिक होता है। तो बता दें कि कुट्टू आटे का उत्पादन जम्‍मू कश्‍मीर, ह‍िमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, अरुणाचल और दक्षिण भारत में नीलगिरी पर्वत के आसपास अधिक किया जाता है। भारत के अलावा कजाकिस्‍तान, यूक्रेन, चीन, रूस, अमेरिका, जापान और यूरोप के कई देशों में भी कुट्टू का उत्पादन अधिक किया जाता है।

 

कुट्टू में पाए जाने वाले पोषक तत्व | Nutrients of Buckwheat in Hindi

आपको जानकर हैरानी होगी कि कुट्टू के आटे में गेंहू व बाजरा के आटे के मुकाबले प्रोटीन, लाइसीन और आरजिनीन नामक अमाइनो एसिड्स अधिक मात्रा में पाए जाते हैं। इसके साथ ही कुट्टू के आटे में कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, मैग्निशियम, विटामिन-बी, प्रोटीन, जिंक, कॉपर, आयरन, फास्फोरस, फॉलेट, नियासिन, थायमिन, विटामिन के, विटामिन ई, विटामिन बी 6, विटामिन ए, पोटैशियम, सोडियम, मैंगनीज आदि तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।

 

कुट्टू के फायदे | Benefits of Buckwheat in Hindi

Buckwheat benefits in hindi

दोस्तों कुट्टू से बढ़ते स्वास्थवर्धक लाभों के कारण इसका उत्पादन दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। केंद्र व राज्य सरकारें भी कुट्टू उत्पादन को बढ़ावा दें रही हैं जिससे इसके उत्पाद जन जन तक पहुंचे ताकि सभी इसके गुड़कारी अनाज का लाभ उठा सकें। यदि आप अब तक कुट्टू से होने वाले फायदों को नहीं जानते हैं तो चलिए अब हम आपको इसके समस्त फायदों से अवगत करवाते हैं।

 

1. शारीरिक कमजोरी करता है दूर

कई लोगों को शारीरिक कमजोरी उम्र बढ़ने के साथ महसूस होती है तो कई लोग ऐसे भी होते हैं जिनको कम उम्र में ही शारीरिक कमजोरी महसूस होने लगती है जिसकी वजह से वह स्वयं को दूसरे लोगों से कमजोर समझने लगते हैं। लेकिन दोस्तों ऐसा नहीं है बता दें कि शरीर में आवश्यक तत्वों की कमी के कारण शारीरिक कमजोरी होती है। इसलिए यदि आप शरीर को मजबूत बनाना चाहते हैं तो आप कुट्टू आटे का इस्तेमाल कर सकते हैं। कुट्टू आटे में आवश्यक मात्रा में पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं जो शारीरिक कमजोरी को दूर करने में मदद करते हैं।

 

2. पित्त की पथरी को रोकने में है फायदेमंद

किडनी में होने वाली पथरी से अधिक घातक पित्ताश्य में होने वाली पथरी होती है क्यूंकि किडनी की पथरी को दवाइयों के उपचार से भी ठीक किया जा सकता है लेकिन पित्ताश्य में होने वाली पथरी का इलाज केवल ऑपरेशन से ही संभव होता है। बता दें कि पित्ताश्य में पित्त जमने के कारण पित्ताश्य में पथरी होती है। हालाँकि यह रोग केवल 10 प्रतिशत लोगों को होता है एवं पुरुषों की अपेक्षा यह रोग महिलाओं को अधिक होता है।

यदि आप इस बीमारी से बचना चाहते हैं तो आप कुट्टू आटे का इस्तेमाल कर सकते हैं। कुट्टू आटे में अघुलनशील फाइबर पाया जाता है जो शरीर को पित्त में होने वाली पथरी को रोकने में मदद करता है।

 

3. त्वचा को प्रदान करता है पोषण

त्वचा को स्वस्थ और ग्लोइंग बनाने के लिए पौष्टिक तत्वों की जरुरत होती है जिससे कि त्वचा को सही मात्रा में पोषण मिल सके। जब त्वचा को पोषण नहीं मिलता है तो त्वचा के रंग में बदलाब होने लगता है, त्वचा पर झुर्रियां व झाइयां पड़ जाती हैं, त्वचा की प्राकृतिक चमक बदलने लगती है, त्वचा पर दाग-धब्बे आदि हो जाते हैं।

त्वचा का ख्याल रखने के लिए आप कुट्टू आटे का इस्तेमाल कर सकते हैं। कुट्टू के आटे में विटामिन ई, विटामिन ए, प्रोटीन, मैग्नीशियम, पोटाशियम और एन्टीऑक्सडेंट जैसे तत्व पाए जाते हैं जो त्वचा को खूबसूरत व जवां बनाते हैं।

 

4. कुट्टू का आटा करता है मोटापे को कम

मोटापा की समस्या वर्तमान समय की सबसे विकराल समस्या बन गई है एवं इस समस्या से केवल भारत के नागरिक ही पीड़ित नहीं है अपितु पूरी दुनिया इस बीमारी से परेशान है। मोटापा बढ़ने का कोई एक कारण नहीं होता है बल्कि यह कई कारणों से बढ़ता है। लेकिन आप मोटापा को अपने खाना पान और दिनचार्य में परिवर्तन करके नियंत्रित कर सकते हैं।

यदि आपका वजन बड़ा हुआ है एवं आप वजन को नियंत्रित करना चाहते हैं तो आपको कुट्टू आटे का सेवन करना चाहिए। कुट्टू आटे में मुख्य रूप से फाइबर पाया जाता है जो मोटापा कम करने में मदद करता है।

 

5. लिवर से जुड़ी समस्याओं का करता है समाधान

लिवर शरीर के लिए बेहद आवश्यक अंग हैं क्यूंकि एक लिवर ही शरीर की लगभग 500 क्रियाओं को संचालित करने में अहम भूमिका निभाता है। लिवर के माध्यम से ही भोजन से प्राप्त पौष्टिक तत्वों को अलग करके सम्पूर्ण शरीर के अलग-अलग भागों में पहुँचाया जाता है। इसके साथ ही लिवर मनुष्य के शरीर में खून की पूर्ति एवं रसायनों के उत्पादन में भी सहायक होता है इसलिए लिवर में होने वाली किसी भी तरह की बीमारी पुरे शरीर के लिए घातक होती है।

लिवर की बीमारियों से बचने के लिए एवं लिवर से सबंधित समस्याओं का समाधान करने के लिए आप कुट्टू आटे का उपयोग कर सकते हैं। कुट्टू के आटे में बी कॉम्लेक्स एवं लिवर को स्वस्थ रखने वाले तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं जो लिवर को स्वस्थ बनाने में सहायक होते हैं।

 

6. कुट्टू करता है ब्लड प्रेशर को नियंत्रित

बड़ा हुआ ब्लड प्रेशर बेहद हानिकारक होता है इसलिए ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए हम तमाम तरह के उपायों को अपनाते हैं। लेकिन आपने यह कभी नहीं सोचा होगा कि आप किसी आटे कि मदद से भी ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में कर सकते हैं।

जी हाँ दोस्तों यदि आप हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से पीड़ित हैं तो आप कुट्टू आटे का उपयोग करके ब्लड प्रेशर को नियंत्रित कर सकते हैं। दलअसल कुट्टू आटे में मैग्‍नीशियम व अन्य ऐसे गुड़कारी तत्व पाए जाते हैं जो हाई ब्लड प्रेशर को कम करने में महत्पूर्ण भूमिका अदा करते हैं।

 

7. एचडीएल कोलेस्ट्रॉल को सुधारने में है सहायक

दोस्तों आपको बता दें कि मानवीय शरीर में दो तरह का कोलेस्ट्रॉल पाया जाता है। एलडीएल कोलेस्ट्रॉल(LDL Cholesterol) व एचडीएल कोलेस्ट्रॉल (HDL Cholesterol) शरीर में मुख्य रूप से पाए जाते हैं एवं एक तरफ जहाँ एलडीएल (LDL) कोलेस्ट्रॉल सेहत के लिए हानिकारक माना जाता है तो वहीं दूसरी तरफ एचडीएल (HDL) कोलेस्ट्रॉल सेहत के लिए अच्छा माना जाता है।

यदि आप एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करना चाहते हैं तो आप कुट्टू आटे का इस्तेमाल कर सकते हैं। दरअसल कुट्टू आटे में लिनोलेनिक एसिड (Linolenic acid) पाया जाता है जो एचडीएल कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है एवं एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है।

 

8. हड्डियों को करता है शक्ति प्रदान

जब हड्डियां कमजोर हो जाती हैं तो वह स्वतः ही टूटने लगती है जिसके कारण मनुष्य की शारीरिक कार्य क्षमता भी कमजोर हो जाती है। अतः हड्डियां शरीर को सही आकर तो प्रदान करती ही हैं साथ ही शरीर को शक्ति भी प्रदान करती हैं। हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक विटामिन्स की जरुरत पड़ती है खास कर विटामिन डी, प्रोटीन, कैल्शियम एवं आयरन जैसे तत्व हड्डियों के लिए बेहद जरुरी होते हैं। बता दें कि कुट्टू के आटे में उच्च मात्रा में प्रोटीन, आयरन और कैल्शियम पाया जाता है जो हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायता करते हैं।

 

कुट्टू के अन्य फायदे | Some Other Benefits of Buckwheat in Hindi

kuttu ke fayde

1. कुट्टू के आटे में एंटीकैंसर गुण पाए जाते हैं जिसकी मदद से आप अपने शरीर को स्तन कैंसर व अन्य प्रकार के कैंसर से बचा सकते हैं।

2. कुट्टू का आटा पतले व झड़ते बालों को मजबूत बनाने में सहायक होता है क्यूंकि कुट्टू के आटे में विटामिन ई, विटामिन ए एवं प्रोटीन अधिक पाया जाता है जो बालों को मजबूत बनाने में फायदेमंद होता है।

3. कुट्टू के आटे में फाइबर पाया जाता है जो मधुमेह रोगी के लिए फायदेमंद होता है।

4. यदि आपको साँस संबधी रोग है तो आप कुट्टू आटे का इस्तेमाल सकते हैं क्यूंकि इसमें कुछ ऐसे एंजाइम व अम्ल एवं विटामिन्स पाए जाते हैं जो साँस सबंधी रोगों को ठीक करने में सहयक होते हैं।

5. जिन लोगों को अधिक भूख लगती है वह कुट्टू आटे का इस्तेमाल कर सकते हैं क्यूंकि कुट्टू आटा भूख को नियंत्रित करता है जिसकी वजह से व्यक्ति को भूख कम लगती है।

6. कुट्टू के आटे में एंटीस्ट्रैस गुण पाए जाते हैं जो तनाव को कम करने में प्रभावी होते हैं।

7. कुट्टू के आटे में कुछ विशेष प्रकार के गुण पाए जाते हैं जो सूरज की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से शरीर को सुरक्षा प्रदान करने में फायदेमंद होता है।

8. कुट्टू का आटा कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में भी लाभकारी होता है।

 

कुट्टू का उपयोग | Uses of Buckwheat in Hindi

buckwheat uses in hindi

कुट्टू आटे के फायदों को जानने के बाद अब हम आपको बताने वाले हैं कि आप कुट्टू आटे का उपयोग किस प्रकार से कर सकते हैं क्यूंकि अमूमन लोगों को यह ज्ञात नहीं होता है कि कुट्टू आटे का उपयोग किस प्रकार से किया जा सकता है।

1. कुट्टू आटे का उपयोग आप इडली बनाकर कर सकते हैं।

2. यदि आप मीठा खाने के शौकीन हैं तो कुट्टू आटे का हलवा बनाकर भी इसका उपयोग कर सकते हैं।

3. कुट्टू आटे के पकोड़े बनाकर इसका उपयोग किया जा सकता है।

4. पराठे, रोटी पूड़ी आदि बनाकर कुट्टू आटे का उपयोग कर सकते हैं।

5. केक के रूप में कुट्टू आटे का उपयोग किया जा सकता है।

6. नूडल्स बनाकर आप कुट्टू आटे का इस्तेमाल कर सकते हैं।

7. बिस्किट बनाकर कुट्टू आटे का इस्तेमाल किया जा सकता है।

8. कुट्टू आटे का दलिया बनाकर इसका उपयोग कर सकते हैं।

 

कुट्टू से होने वाले शरीरिक नुकसान | Side Effects of Buckwheat in Hindi

दोस्तों कुट्टू आटा स्वास्थवर्धक आटा है लेकिन तब तक ही जब तक आप इसका उपयोग सही तरीके से हैं। यदि आप कुट्टू आटे का उपयोग अधिक मात्रा एवं अधिक समय तक करते हैं तो कुट्टू का आटा आपके शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है।

1. कुट्टू आटे की तासीर गर्म होती है इसलिए गर्भवती महिलाओं को इसके सेवन से बचना चाहिए। खास कर गर्मी के दिनों में कुट्टू आटे का इस्तेमाल गर्भवती महिलायों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

2. कुट्टू आटे का अधिक इस्तेमाल करने से त्वचा संबधित एलर्जी हो सकती है।

3. ताजा कुट्टू आटे का सेवन करने से शारीरिक लाभ होते हैं लेकिन यदि आप अधिक समय पुराना कुट्टू आटे का सेवन करते हैं तो यह शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है।

4. कुट्टू आटे का इस्तेमाल असीमित मात्रा में करने से पेट में ऐठन और गैस की समस्या हो सकती हैं।

 

तो दोस्तों ये थी कुट्टू (buckwheat in hindi) से जुड़ी कुछ जानकारी। हम आशा करते हैं की आप कुट्टू के समस्त फायदों और नुकसानों को समझ गए होंगे। अगर आपको हमारी यह जानकारी पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के बीच शेयर जरूर करें और ऐसी ही जानकारी पड़ते रहने के लिए हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें।
हमसे जुड़े रहने के लिए पास में दिए घंटी के बटन को दबा कर ऊपर आये नोटिफिकेशन पर Allow का बटन दबा दें जिससे की आप अन्य खबरों का लुफ्त भी उठा पाएं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here