thyme in hindi

About Thyme in Hindi: प्राचीन काल में किसी भी प्रकार के रोग को ठीक करने के लिए औषधियों का प्रयोग किया जाता था। इसलिए दुनियाभर में आपको अनेक प्रकार की चमत्कारी जड़ी बूटियां आज भी आसानी से मिल जाएँगी। लेकिन जड़ी बूटियों का लाभ आप तभी उठा सकतें है जब आपको इनके विषय में जानकारी होगी। इसलिए दोस्तों आज हम आपके लिए एक ऐसी जड़ी बूटी लेकर आए हैं जिसका नाम शायद ही आपने कभी आपने सुना हो। जी हाँ दोस्तों हम बात कर रह हैं थाइम की जो बेहद ही चमत्कारी जड़ी बूटी है।

हम बखूबी जानते हैं कि आप में से कई पाठकों ने इसका नाम पहली बार सुना होगा इसलिए आज हम आपको थाइम से तो परिचित कराएंगे ही साथ ही इससे होने वाले फायदों की जानकारी भी विस्तार पूर्वक प्रदान करेंगे।

 

थाइम क्या है | What is Thyme in Hindi

थाइम एक सदाबहार जड़ी बूटी एवं विशेष प्रकार की हर्ब है। थाइम का पौधा मिंट परिवार से सबंधित है जिसको आसानी से घर पर भी उगाया जा सकता है। थाइम का पौधा झाड़ीनुमा पौधा होता है जिसकी लम्बाई लगभग एक फुट की होती है एवं इसका तना एवं पत्तियां नाजुक होती हैं इसलिए थाइम को नाजुक हर्ब भी कहा जाता है। थाइम पौधे के फूल बहार की तरफ सफेद एवं अंदर की तरफ गुलाबी होते हैं जो देखने में बेहद ही आकर्षित लगते हैं।

कुछ लोग थाइम को अजवाइन भी समझते हैं जबकि आपको बता दें की ऐसा बिलकुल भी नहीं हैं। दरअसल अजवाइन को इंग्लिश में Carom Seeds कहते हैं जबकि थाइम को अंग्रेजी में Thyme ही कहते हैं। थाइम का वैज्ञानिक नाम Thymus vulgaris है यह मूल रूप से Lamiaceae परिवार का पौधा है जबकि अजवाइन का वैज्ञानिक नाम Trachyspermum ammi है और यह Apiaceae परिवार से है।

 

थाइम में पाए जाने वाले पौष्टिक तत्व | Nutrients of Thyme in Hindi

दोस्तों किसी भी पौधे को तभी जड़ी बूटी कहा जाता है जब उसमें रोगों से लड़ने वाले अनेक प्रकार के पौष्टिक तत्व मौजूद होते हैं। बता दें कि थाइम में अनेक प्रकार के विटामिन्स एवं खनिज पाए जाते हैं जो कई तरह के शारीरिक रोगों को ठीक करने में सक्षम होते हैं। थाइम में प्रमुख्य रूप से प्रोटीन, कार्बोहायड्रेट, विटामिन ए, पोटैशियम, मैग्नीशियम, सोडियम, कैल्शियम, आयरन, विटामिन सी, विटामिन B6, कैलोरी, एंटीऑक्सीडेंट एवं एंटीफंगल तत्व प्रमुख रूप से पाए जाते हैं।

 

थाइम के चमत्कारी फायदे | Benefits of Thyme in Hindi

thyme kya hai

दोस्तों थाइम बेहद ही अनोखी औषधि है जिसके पौधे का प्रत्येक भाग उपयोगी होता है। अतः थाइम के फूल, पत्ते, तना एवं जड़ों का इस्तेमाल जड़ी बूटी के रूप में किया जाता है। थाइम शरीर के आंतरिक एवं बाह्र रोगों को ठीक करने वाली फायदेमंद औषधि है। यदि आप अभी तक इसके गुणकारी फायदों से अनजान हैं तो आज हम आपको थाइम से होने वाले जबरदस्त लाभ से परिचित कराने वाले हैं। तो चलिए अब आपको थाइम से होने वाले विशेष फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं।

 

1. आसानी से करता है तनाव को दूर

तनाव जिसको हम स्ट्रेस के नाम से भी जानते हैं। वर्तमान समय में आपको 10 में से 5 लोग तनाव से ग्रस्त मिलेंगे। चूँकि तनाव होने का कोई एक कारण नहीं होता है अपितु कई कारण होते हैं इसलिए तनाव के कारणों को जानने की बजाय हमको तनाव को दूर करने वाले उपायों के विषय में जानकारी होना चाहिए। बता दें की तनाव से निजात पाने के लिए आप थाइम का इस्तेमाल कर सकते हैं। थाइम में तनाव को कम करने वाले कई तत्व के आलावा विटामिन बी 6 पाया जाता है जो तनाव को दूर करने में मदद करता है। प्रतिदिन थाइम का उपयोग करके आप अपने बड़े हुए तनाव को दूर कर सकते हैं।

 

2. आँखों की समस्याओं को करता है दूर

आँखों का ख्याल रखना बेहद आवश्यक है। बता दें कि आँखे कई छोटे-छोटे हिस्सों से बनी हुई हैं अतः आंख का प्रत्येक हिस्सा सामान्य दृष्टि हेतु बेहद आवश्यक होता है जब आँखों के हिस्से परस्पर बेहतर तरीके से काम करते हैं तभी आप ठीक से देख सकते हैं। यदि आपकी आँखों के किसी भी हिस्से में किसी भी प्रकार की समस्या है तो आपको ठीक से दिखाई नहीं देगा। अक्सर देखने में आता है कि कई लोग आँखों में होने वाली समस्याओं को नजर अंदाज करते हैं इसलिए आगे चलकर अमूनन लोगों को इसके घातक परिणाम देखने को मिलते हैं।

तो दोस्तों यदि आप आँखों को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो आपको थाइम का उपयोग जरूर करना चाहिए क्यूंकि थाइम में आयरन, प्रोटीन एवं विटामिन ए अधिक पाया जाता है जो आँखों को हेल्दी बनाने में मदद करता है।

 

3. ब्लड प्रेशर को करे नियंत्रित

जैसे जैसे जमाना बदल रहा है वैसे वैसे बीमारियां भी बढ़ती जा रही हैं। एक समय था जब केवल बुजुर्गों में ही ब्लड प्रेशर देखने को मिलता था लेकिन वर्तमान में बच्चों और युवाओं में भी यह रोग देखा जा सकता है। आज के समय में ब्लड प्रेशर एक आम रोग हो गया है लेकिन दोस्तों यह एक गंभीर समस्या है। ब्लड प्रेशर सीधे हृदय रोगों को उत्पन्न करता है जिसके परिणाम बेहद ही घातक होते हैं। इसलिए ब्लड प्रेशर को बढ़ने से रोखना चाहिए एवं यदि आपका ब्लड प्रेशर बड़ा हुआ है तो आपको ब्लड प्रेशर कम करने के उपायों को अपनाना चाहिए। ब्लड प्रेशर को कम करने में थाइम कारगर उपाय है इसका नियमित उपयोग करके आप ब्लड प्रेशर को नियंत्रित कर सकते हैं।

 

4. अस्थमा रोग में है लाभकारी

अस्थमा रोग से आप सभी परिचित होंगे क्यूंकि अस्थमा रोग तेजी से बढ़ता जा रहा है। यह बीमारी अधिकतर 30 से 60 वर्ष की उम्र के व्यक्तियों में देखने को मिलती है। बता दें कि अस्थमा को दमा भी कहते हैं एवं यह श्वशन तंत्र से सबंधित बीमारी है इसलिए शरीर को इस बीमारी से सुरक्षित रखना जरुरी है। इस रोग में मरीज की श्वास नलियों में सूजन आ जाती है एवं चिपचिपा बलगम इकट्ठा होने लगता है व नलियों की पेशयां कड़क अथवा सख्त हो जाती हैं। इसी कारण अस्थमा रोगी को सांस लेने में दिक्कत होती है।

दोस्तों यदि आप इस बीमारी से पीड़ित हैं तो आपको थाइम का इस्तेमाल करना चाहिए क्यूंकि थाइम में एंटीइम्फ्लिमेंटरी एवं एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं जो अस्थमा रोग को नियंत्रित करने में सहायता प्रदान करते हैं।

 

5. लाल रक्त कोशिकाओं को बढ़ाने में करे सहायता

एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं सही अनुपात में होना जरुरी है। बता दें कि लाल रक्त कोशिकाओं की कमी से सिर्फ एनीमिया रोग ही नहीं होता है बल्कि गुर्दे से संबधित बीमारियां, आंतरिक रक्तस्राव एवं कुपोषण जैसे अनेक रोग उत्पन्न हो जाते हैं। लाल रक्त कोशिकाओं में कमी का मुख्य कारण होता है शरीर में विटामिन बी 6, आयरन एवं प्रोटीन की कमी का होना। बता दें की थाइम में विटामिन बी 6, आयरन एवं प्रोटीन उच्च मात्रा में पाया जाता जाता है जो लाल रक्त कोशिकाओं को तो बढ़ाता ही है साथ ही शारीरिक थकन को दूर करने में भी लाभकारी होता है।

 

6. वायरल रोगों में है फायदेमंद

वायरल रोग प्रत्येक मौसम की निशानी है क्यूंकि मौसम में होने वाले परिवर्तन से वातावरण में भी परिवर्तन होता है। इसके फलस्वरूप मानव शरीर वायरल रोगों से ग्रस्त हो जाता है। आमतौर पर वायरल रोगों में सर्दी, खांसी, सिरदर्द, बुखार आदि बीमारियां होती हैं। अतः वायरल रोगों से शरीर का बचाव करने के लिए आप थाइम का प्रायोग कर सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि थाइम में एंटीऑक्सीडेंट एवं एंटी बैक्टीरियल तत्व पाए जाते हैं जो वायरल रोगों की रोकथाम करने में सहायक होते हैं।

 

7. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में है सहायक

शरीर में रोगों से लड़ने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता का अच्छा होना आवश्यक है। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है वह लोग आसानी से किसी भी रोग की चपेट में आ जाते हैं। इसलिए प्रत्येक मानवीय शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता का स्तर उच्च होना चाहिए। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आपको विटामिन सी एवं एंटीऑक्सीडेंट तत्वों की जरुरत पड़ती है जो आपको थाइम में आसानी से मिल जाते हैं। अतः यदि आप रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले उपायों की खोज कर रहे हैं तो आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प थाइम है। इसका इस्तेमाल करके आप अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बना सकते हैं।

 

8. अनिंद्रा की परेशानी में है लाभकारी

अनिद्रा का अर्थ नींद पूर्ण तरीके से नहीं आना होता है। नींद का नहीं आना शारीरिक रोगों को बढ़ावा देने का संकेत होता है। अतः स्वस्थ रहने के लिए पर्याप्त नींद का लेना जरुरी है तो यदि आप इस बीमारी से पीड़ित हैं तो आपको इस रोग का समाधान जल्द ही करना चाहिए। अनिद्रा रोग से छुटकारा पाने के लिए यदि आप देशी उपचार की खोज कर रहे हैं तो आप थाइम का उपयोग कर सकते हैं। थाइम में विशेष प्रकार के तत्व पाए जाते हैं जो अनिद्रा को नष्ट करने का प्रयत्न करते हैं।

 

9. त्वचा की चमक को बढ़ाता है थाइम

जैसे जैसे मनुष्य की उम्र बढ़ती जाती है उसी के अनुरूप मनुष्य की त्वचा रूखी बेजान हो जाती है अर्थात त्वचा का ग्लो धीरे-धीरे समाप्त होता जाता है। त्वचा पर चमक लाने के लिए अक्सर लोग दवाइयों या फिर क्रीमों का इस्तेमाल करते हैं जो की त्वचा को सेंसेटिव बना देती है। त्वचा पर चमक बढ़ाने के लिए आप थाइम का इस्तेमाल कर सकते हैं। थाइम एक ऐसा हर्ब है जिसमें विटामिन सी, प्रोटीन एवं अनेक प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं जो त्वचा को चमकदार व खूबसूरत बनाने में मदद करते हैं।

 

10. मुहासों को खत्म करने में है उपयोगी

मुहासों की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है एवं इस बीमारी का उपचार करने के लिए कई लोग डॉक्टर के पास जाकर उपचार करवाते हैं तो कई लोग इंटरनेट अथवा अन्य व्यक्तियों से जानकारी लेकर क्रीम अथवा दवाइयों का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन इतना सब करने के बाद भी लोगों को केवल निराशा ही हाथ लगती है। दोस्तों यदि आप मुहासों से छुटकारा पान चाहते हैं तो आपको थाइम का इस्तेमाल करना चाहिए। थाइम में एंटीफंगल, एंटीऑक्सीडेंट एवं एंटी इम्फ्लिमेंटरी गुण पाए जाते हैं जो त्वचा को मुहासों से छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं।

 

थाइम के अन्य चमत्कारी फायदे | Some Other Benefits of Thyme in Hindi

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1. थाइम में एंटीकैंसर गुण पाए जाते हैं जो शरीर का अनेक प्रकार के कैंसर रोगों से बचाव करते हैं।

2. पाचन क्रिया को स्वस्थ बनाने में थाइम लाभकारी औषधि के रूप में जानी जाती है।

3. थाइम में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा शून्य है इसलिए जो लोग कोलेस्ट्रॉल को काबू में करना चाहते हैं उनके लिए थाइम का उपयोग करना फायदेमंद साबित हो सकता है।

4. गले में दर्द अथवा कफ को कम करने के लिए थाइम एक गुणकारी जड़ी बूटी है।

5. खून की कमी वाले रोगियों के लिए थाइम का उपयोग फायदेमंद होता है।

6. हड्डियों या जोड़ों के दर्द को कम करने में थाइम का इस्तेमाल लाभकारी होता है।

 

थाइम का उपयोग | Uses of Thyme in Hindi

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दोस्तों थाइम औषधि से होने वाले फायदों को जानने के पश्चात यकीनन आप विचार कर रहे होंगे कि आखिर थाइम का उपयोग कैसे किया जाता है। तो दोस्तों आपको चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि अब हम आपको बताने वाले हैं कि किस तरीके से आप थाइम का उपयोग कर सकते हैं।

1. थाइम का उपयोग आप जूस के रूप में कर सकते हैं।

2. यदि आपको ग्रीन टी पसंद है तो आप सुबह के समय इसकी पत्तियों का इस्तेमाल ग्रीन टी के रूप में कर सकते हैं।

3. थाइम का उपयोग सूप में डालकर किया जा सकता है। यह उपाय करने से आपके सूप का तो स्वाद बढ़ेगा ही साथ ही थाइम के पौष्टिक तत्व भी उच्च मात्रा में प्राप्त होंगे।

4. थाइम का उपयोग पालक टमाटर की सलाद में मिलाकर कर सकते हैं।

5. इसका इस्तेमाल आप काढ़ा बनाकर भी कर सकते हैं।

6. थाइम का उपयोग आप तेल के रूप में भी कर सकते हैं।

 

थाइम से होने वाले नुकसान | Side Effects of Thyme in Hindi

थाइम के फायदे तो कई हैं लेकिन इससे कुछ हानि भी हैं। अतः थाइम के नुकसानों को जानने के बाद ही आपको थाइम का उपयोग करना चाहिए। तो आइये थाइम से होने वाले नुकसानों के बारे में आपको बताते हैं।

1. यदि आपका किसी प्रकार का ऑपरेशन हुआ है तो आपको डॉक्टर की सलाह लेकर ही थाइम का उपयोग करना चाहिए।

2. गर्भवती महिलाओं के लिए थाइम का उपयोग करना नुक्सानदयाक साबित हो सकता है इसलिए गर्भवस्था के समय महिलाओं को थाइम का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

3. मधुमेह रोगियों को थाइम का इस्तेमाल चिकत्सक का परामर्श लेकर ही करना चाहिए।

 

तो दोस्तों ये थी थाइम (thyme in hindi) से जुड़ी कुछ जानकारी। हम आशा करते हैं की आप थाइम के बारे में अच्छी तरह समझ गए होंगे। अगर आपको हमारी यह जानकारी पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के बीच शेयर जरूर करें और ऐसी ही जानकारी पड़ते रहने के लिए हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें।
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